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ज्यादा पानी पीना बन सकता है ओवरहाईड्रेशन का कारण, जानें इसके नुकसान

ओवरहाईड्रेशन का असर सीधा किडनी पर पड़ता है और इससे किडनी फेल होने के चांस भी काफी बढ़ जाते हैं।

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Written By: Editorial Team | Published : September 12, 2018 4:52 PM IST

आपने डॉक्टर्स को भी कहते सुना होगा कि जितना हो सके उतना पानी पीजिए। लेकिन आज हम आपको जरूरत से ज्यादा पानी के नुकसान के बारे में बता रहे हैं। क्या आपको पता है कि जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी आपके सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। दरअसल एक नए शोध में ये बात सामने आई है कि जरूरत से ज्यादा पानी पीने से ओवरहाईड्रेशन की समस्या हो सकती है। आइए जानते हैं क्या है यह रोग और क्या हैं इससे बचने के उपाय।

क्या है ओवरहाईड्रेशन

वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह कम पानी पीने पर डिहाईड्रेशन की समस्या हो जाती है उसी तरह अधिक पानी पीने पर ओवरहाईड्रेशन की समस्या हो जाती है। ओवरहाईड्रेशन का असर सीधा किडनी पर पड़ता है और इससे किडनी फेल होने के चांस भी काफी बढ़ जाते हैं। इस रोग के होने पर पेशाब का रंग पीला या मटमैला हो जाता है। ओवरहाइड्रेशन की अवस्‍था एक्‍सरसाइज करने वालों में हाईपोनेटर्मिया के नाम से जानी जाती है।

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प्‍यास का न्‍यूरोएंडोक्राइन सर्किट 70 करोड़ साल पुराना है। यह कीड़ों और पतंगों समेत कई जानवरों में पाया जाता है। प्‍यास हमारे दिमाग के उसी हिस्‍से को सक्रिय करती है, जो हमें बताता है कि हमें भूख लग रही है या पेशाब जाना है। यह लगातार संकेत देता है कि हमें प्‍यासा नहीं रहना है, वर्ना हमारी मौत हो सकती है।

यह उसी तरह है जैसे हमें कहा जाए कि हमें हर घंटे पेशाब करना है नहीं तो ब्‍लैडर फटने से हमारी मौत हो सकती है। यहां हमें यह ध्‍यान रखना चाहिए कि जानवरों के साथ पानी की बोतल या यूरीन चार्ट नहीं होता है, उन्‍हें जब प्‍यास लगती है तब वह पानी पी लेते हैं। हमें भी ऐसा ही करना चाहिए।

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अध्‍ययन में विशेषज्ञों ने पाया कि हाईपोनेट्रीमिया बहुत ज्‍यादा पानी या स्‍पीर्ट्स ड्रिंक पीने वालों में होता है क्‍योंकि इससे उनके खून में मौजूद नमक का स्‍तर सामान्‍य से कम हो जाता है। ब्‍लड सॉल्‍ट लेवल में अचानक गिरावट आने से शरीर के सेल्‍स में सूजन आ सकती है।

हाईपोनेट्रीमिया से दिमाग में सूजन हो सकती है, जिससे सिर दर्द और मिचली की शिकायत हो सकती है। मांसपेशियों की कोशिकाओं में सूजन से पूरे शरीर में ऐंठन हो सकती है। सबसे खतरनाक बात यह है कि डिहाड्रेशन के भी यही लक्षण होते हैं। यह अध्‍ययन अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्‍पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित हो चुका है।

इस रोग का भी है खतरा

शरीर में ज्यादा मात्रा में पानी हो जाने पर सोडियम का लेवल तेजी से कम होने लगता है। सोडियम का स्तर घटने से मस्तिष्क में सूजन आ सकती है, जो कि एक खतरनाक स्टेज है। शोध में पाया गया है कि ज्यादा पानी पीने के कारण शरीर में असामान्य रूप से सोडियम कम होने लगता है इसलिए हाइपोट्रिमिया का खतरा बढ़ जाता है। सोडियम एक तरह का इलेक्ट्रोलाइट है, जो हमारे शरीर में पानी की मात्रा को नियंत्रित करता है।