Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
-
- हिंदी
Dehydration symptoms in children in Hindi: बच्चे स्वभाव से ही चंचल और सक्रिय होते हैं। वे दिनभर खेल-कूद और मस्ती में इतने व्यस्त रहते हैं कि शरीर की जरूरतों पर ध्यान नहीं दे पाते। खासकर गर्मी या धूप में खेलने के दौरान शरीर से बहुत अधिक पसीना निकलता है, जिससे पानी की कमी हो सकती है। लेकिन बच्चे अक्सर प्यास लगने का संकेत नहीं समझते और पानी पीना भूल जाते हैं। यह लापरवाही धीरे-धीरे डिहाइड्रेशन का कारण बन सकती है। इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वे समय-समय पर बच्चों को पानी पीने की याद दिलाएं और तरल पदार्थों का सेवन करवाते रहें। अगर समय रहते इसके संकेत पहचान लिए जाएं, तो कई शारीरिक समस्याओं से बचा जा सकता है। तो आइए जानते हैं उन संकेतों के बारे में डिहाइड्रेशन बच्चों के लिए खास तौर पर खतरनाक हो सकता है, क्योंकि उनका शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी पानी खोता है। इसलिए माता-पिता को कुछ विशेष लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए।
यदि बच्चे के होंठ बार-बार सूख रहे हैं या जीभ पर नमी नहीं है, तो यह पानी की कमी का पहला संकेत हो सकता है। ऐसा महसूस होने पर आप बच्चे को पानी या अन्य पेय पदार्थों देकर पानी की पूर्ति करें। अगर बच्चे में ऐसे लक्षण दिख रहे हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
पेशाब का रंग भी शरीर में पानी की कमी का संकेत देता है। ऐसे में यदि बच्चा सामान्य से कम बार पेशाब कर रहा है या उसका रंग गाढ़ा पीला हो गया है, तो यह डिहाइड्रेशन का स्पष्ट संकेत है। इसलिए आप उसके पेशाब जाने पर और उसके रंग पर ध्यान जरूर दें। अगर बच्चे का पेशाब कम आ रहा है, तो खास उसे पानी समय-समय पर पिलाते रहें।
अगर आज बच्चा आलस दिखा रहा है। एक ही जगह बैठा है और चिड़चिड़ा महसूस कर रहा है टोज यह भी पानी की कमी का एक संकेत है। शरीर में पानी की कमी से बच्चे सुस्त हो सकते हैं और सामान्य से अधिक चिड़चिड़े व्यवहार कर सकते हैं। खासतौर पर अगर गर्मियों के दिनों में ऐसे लक्षण महसूस होने लगे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
डिहाइड्रेशन की स्थिति में शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे आंखें अंदर की ओर धंसी हुई दिखाई देती हैं। इसके अलावा, जब बच्चा रोता है तो आंसू कम निकलते हैं या बिल्कुल नहीं आते। यह एक गंभीर संकेत है कि शरीर को तुरंत तरल की जरूरत है। ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए।
जब बच्चों के शरीर में तरल पदार्थ की कमी हो जाती है, तो मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता। इससे उन्हें हल्के चक्कर या सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।