बच्चा अगर खींचें बार-बार अपने कान तो समझ लें उसे हो सकती हैं ये परेशानियां, जानें बचाव के आसान उपाय

शिशु का कान खींचना या फिर बार-बार छूना ये समस्या किसी के साथ हो सकती है और आपको ये जानकर हैरानी होगी कि ये कान से जुड़ी किसी समस्‍या या बीमारी का संकेत हो सकता है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : September 15, 2021 2:15 PM IST

जिस तरीके से उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर में बदलाव आने शुरू हो जाते हैं ठीक वैसे ही श‍िशुओं के साथ भी होता है। जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती है आपको भी नई-नई चीजे देखने को मिलती हैं। शिशु हर गुजरते द‍िन के साथ नई-नई हरकत करते हैं खासकर जब तक बच्चा नहीं बोलता है तब तक आपको कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं कुछ संकेतों में से एक है शिशु का कान खींचना या फिर बार-बार छूना। ये समस्या किसी भी बच्चे के साथ हो सकती है और आपको ये जानकर हैरानी होगी कि ये कान से जुड़ी किसी समस्‍या या बीमारी का संकेत हो सकता है।

क्या आपको पता है कि शिशु कब-कब अपने कान को छूता है? शिशु अक्सर कान में खुजली, इंफेक्‍शन, मैल जमने पर कानों को छूता या फिर खींचता है। इन समस्याओं पर अगर ध्‍यान न दिया जाए तो कान से जुड़ी समस्‍या बढ़ सकती है। आइए जानते हैं किन कारणों से बच्चा छूता है अपने कान और उसका इलाज।

शिशु के बार-बार कान ख‍ींचने या छूने का कारण (Causes of baby pulling ear)

अगर आपका बच्‍चा कान छू रहा है या खींच रहा है तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं-

1-कान के आसपास रैशेज

शिशु अगर अपनी उंगल‍ियां बार-बार कान तक ले जाता है तो आपको देखना चाहिए कि कहीं उसके कान के आस-पास की स्किन पर रैशेज तो नहीं है। कुछ शिशु की स्‍क‍िन बहुत ड्राई होती है, जिससे रैशेज की समस्‍या हो सकती है।

2- ज्‍यादा पसीना आने पर

बहुत से शिशुओं की स्किन ऑयली होती है और उन्हें ज्यादा पसीना भी आता है, जिसके कारण शिशु अपने कान खींचने लगता है। इन दोनों समस्याओं में आपको अपने श‍िशु के लि‍ए कॉटन के ही कपड़े पहनाने चाहिए ताकि बच्‍चे का पसीना जल्दी सूख जाए। अगर शिशु को रोजाना नहीं नहला पा रहे हैं तो उसे स्‍पंज करें ताकि स्‍क‍िन साफ रहे और इंफेक्‍शन का खतरा कम हो।

3- कान में इंफेक्‍शन

शिशु के बार-बार कान खींचने के पीछे कान में इंफेक्‍शन की भी समस्या हो सकती है। कान में उंगली डालना भी एक संकेत हो सकता है। ऐसा होने पर शिशु रोता है क्‍योंक‍ि उसे दर्द होता है। शिशु में तीन महीने से लेकर तीन साल तक ये समस्या आम मानी जाती है। इस स्थिति में तुरंत इलाज कराना जरूरी होता है। कान में इंफेक्‍शन होने पर नाक बहना, उल्‍टी, बुखार, सोने में बच्‍चे को परेशानी, रोना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

4- थकान होने पर

थकान होने पर भी शिशु कान को छूता है। बार-बार कान छूने का मतलब बच्‍चा थक गया है। बच्‍चा जब सही समय पर नहीं सोता है तो उसे आलस आएगा और वो सोने के लिए रोएगा। इसलिए आप एक रूटीन बनाइए और उसे समय पर सुलाइए। छह माह से कम उम्र के शिशु को दिन में 10 से 12 घंटे सोना चाहिए।

5- एक्‍ज‍िमा की समस्या

कान को बार-बार छूने या खींचने के लक्षण एक्‍ज‍िमा की बीमारीसे जुड़ा हो सकता है। बच्‍चे के कान के आसपास की त्‍वचा पर रेडनेस, सूजन, छोटे बंप्‍स, पस जमा होना लक्षण एक्‍ज‍िमा का संकेत हो सकता है। बच्‍चों में ये समस्‍या आम मानी जाती हैं लेकिन ध्‍यान न देने पर एक्‍ज‍िमा की बीमारी बढ़ सकती है।

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