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Ayurveda For Menopause: मीनोपॉज (रजोनिवृत्ति) क्‍या है? जानिए रजोनिवृत्ति के शुरुआती संकेत, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

मीनोपॉज (रजोनिवृत्ति) में महिलाएं कैसे रखें अपने स्वास्थ्य का ख्याल

Ayurveda For Menopause: आयुर्वेद के अनुसार महिलाओं में मीनोपॉज की संभावित उम्र लगभग 45 वर्ष के लेकर 50 वर्ष के बीच होती है। इस लेख के माध्यम से जानिए मीनोपॉज क्या है? मीनोपॉज के कारण और लक्षण क्या हैं? और मीनोपॉज से जुड़ी सभी बातें जो एक महिला को पता होनी चाहिए।

Written by Atul Modi |Updated : December 24, 2020 5:27 PM IST

Menopause Or Rajonivrutti Kya Hai: 12 महीने तक माहवारी (Menstruation Cycle) का ना आना रजोनिवृत्ति का संकेत हो सकता है| रजोनिवृत्ति की प्रक्रिया से हर महिला को गुजरना पड़ता है। हर महिला कि रजोनिवृत्ति की आयु अलग-अलग होती है। परंतु अगर औसत आयु की बात करें तो यह 40 से 50 वर्ष के बीच होती है। महिलाओं को लेकर हाल ही में हुए सर्वे से पता चला है कि, अबमीनोपॉज की उम्र कम हो गई है अर्थात कुछ महिलाओं को 30 वर्ष से ही इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं।इतनी कम उम्र में मीनोपॉज काफी चिंता जनक है। इस सर्वे की बात करें तो 29 से 34 वर्ष की 2 प्रतिशत भारतीय महिलाएं रजोनिवृत्ति का अनुभव करती हैं, और धीरे-धीरे यह आंकड़ा 8 प्रतिशत तक बढ़ा है।

रजोनिवृत्ति (मीनोपॉज) क्‍या है- What Is Menopause In Hindi

रजोनिवृत्ति (मीनोपॉज) महिलाओं के जीवन की एक ऐसी अवस्था है जिससे हर महिला को गुजरना पड़ता है। रजोनिवृत्ति के दौरान हर औरत के प्राकृतिक रुप से पीरियड्स आना रूक जाते हैं। जिसको आम भाषा में रजोनिवृत्ति या मीनोपॉज कहते हैं। मीनोपॉज की अवस्था में महिलाएं संतान को जन्म देने में असमर्थ हो जाती हैं अर्थात इस अवस्था के बाद महिलाएं बच्चे पैदा नहीं कर सकती हैं। इस स्थिति में महिलाओं के शरीर में बहुत सारे शारीरिक तथा मानसिक परिवर्तन आते हैं।

महिलाओं में मीनोपॉज होना कोई बीमारी नही होती है। यह महिलाओं के शरीर प्रकिया की एक गतिविधि है जो हर महिला को 40-50 वर्ष या इसके आप-पास की उम्र में होती है। महिलाओं की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है, उन्हें मीनोपॉज से होकर गुजरना पड़ता है। आशा आयुर्वेद की फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ चंचल शर्मा कहती हैंकि, "मीनोपॉज होते समय महिलाओं में कई प्रकार के हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जिसके कारण उन्हें स्वास्थ्य से संबंधित बीमारियां होने की संभावना होती है। ऐसे समय में घर-परिवार के लोगों को महिला के स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए; अधिक परेशानी महसूस होने पर किसी अच्छे स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेनी चाहिए।"

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रजोनिवृत्ति (मीनोपॉज) की अवस्‍था - Menopause Starts At What Age

जब महिलाओं के शरीर में स्वाभाविक रूप से प्रजनन हार्मोन एस्ट्रोजेन (Estrogen) में गिरावट आने लगती है तो मीनोपॉज की अवस्था आती है। आज के खानपान में अधिक बदलाव होन के कारण जैसे ही आप अपने 30 की उम्र में (उत्तरार्ध) में आते हैं, तो आपका अंडाशय एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन बनाना कम कर देते हैं। जिससे आपकी प्रजनन क्षमता में गिरावट आती है।

जब आप 40 की उम्र के पड़ाव में पहुचती हैं तो आपके मासिक धर्म लंबे या छोटे, भारी या हल्के और कम या ज्यादा लगातार हो सकते हैं, और फिर कुछ वर्षों के अंतराल के बाद आपके अंडाशय अंडे छोड़ना बंद कर देते हैं। जिसे मीनोपॉज कहते है। रजोनिवृत्ति एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है। जो आपकी आपकी नींद को बाधित कर सकती है और आपकी ऊर्जा को भी कम कर सकती है। रजोनिवृत्ति स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। जीवनशैली के समायोजन के लिए हार्मोन थेरेपी जैसे कई आयुर्वेदिक प्रभावी उपचार उपलब्ध है।

रजोनिवृत्ति के शुरुआती संकेत व लक्षण - Menopause Sign & Symptoms In Hindi

  • मीनोपॉज की अवस्था में अधिकांश महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी अलग-अलग परेशानियां हो सकती हैं।
  • मीनोपॉज में माहवारी अनियमित हो जाती है या फिर बिल्कुल भी नही आती है।
  • महिलाओं को हॉट फ्लाश (Hot flush) जैसा कुछ अहसास होता है अर्थात इसमें महिलाओं को योनि क्षेत्र में जलन महसूस हो सकती है।
  • नींद न आना भी मीनोपॉज का एक लक्षण है।
  • मूड ठीक न रहना और स्वाभाव में चिड़चिडापन होना।
  • सामान्य मौसम में भी अत्यधिक गर्मी लगना और पूरे शरीर में भारी मात्रा में पसीना आना।
  • बार-बार पेशाब लगना भी रजोनिवृत्ति का लक्षण है।
  • मनोदशा में बदलाव।
  • इसके अतिरिक्त थकान तथा सिरदर्द जैसे कई लक्षण होते हैं जो मीनोपॉज की अवस्था के लक्षण बताये गये हैं।
  • वजन बढ़ना और धीमा मेटाबॉलिज्‍म
  • पतले बाल और सूखी त्वचा
  • स्तन में शिथिलता आना इत्यादि

मीनोपॉज के कारण - Menopause Causes In Hindi

  • उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में फॉलिकल्स की कमी हो जाती है जिसके कारण मीनोपॉज की स्थिति बन जाती है।
  • महिलाओं में मीनोपॉज का मुख्य कारण है माहवारी का न आना।
  • महिलाओं के हार्मोन में परिवर्तन।

मीनोपॉज का पता कैसे करें - Menopause Diagnosis In Hindi

मीनोपॉज की जानकारी का सबसे पहला तरीका तो यही है कि यदि माहवारी बंद हो जाती है तो अनुमान लगाया जा सकता है कि मीनोपॉज की अवस्था आ गई है। परंतु यदि ऐसा कम उम्र यानि मीनोपॉज की उम्र (40 वर्ष के पूर्व) से पहले होता है तो डॉक्टरों से परामर्श जरुर करें।

डॉक्टर मीनोपॉज की स्थिति का पता लगने के लिए कुछ टेस्ट की मदद लेते है जो कि इस प्रकार हैं:

  • थायरॉइड फंक्‍शन टेस्‍ट या टीएफटी (Thyroid function test)
  • ब्‍लड लिपिड प्रोफाइल (Blood lipid profile)
  • लिवर फंक्‍शन टेस्‍ट (Liver function tests)
  • किडनी फंक्‍शन टेस्‍ट (Kidney function tests)
  • कुछ हार्मोनल टेस्‍ट
  • पेल्विक अल्‍ट्रासाउंड

मीनोपॉज का आयुर्वेदिक उपचार - Menopause Ayurvedic Treatment In Hindi

मीनोपॉज के दौरान सबसे पहले तो महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की बहुत ही अच्छी तरीके से देखभाल करनी चाहिए। मीनोपॉज की अवस्था के दौरान महिलाओं को कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजरना होता है । ऐसे में आयुर्वेद में कुछ उपचार एवं हर्बल औषधि, काढ़े-क्वाथ है जिसके सेवन से आप मीनोपॉज की समस्या (Ayurveda For Menopause) से निजात पा सकती है। रजोनिवृत्ति वात-पित्त दोष के संतुलन से संबंधित है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से उचित अहार, विहार और जीवन शैली में संशोधन के माध्यम से शरीर को मजबूत और कायाकल्प करने पर जोर देता है।

आयुर्वेद में कुछ रसायन जैसे कि ब्रह्मरासयन, च्यवनप्राश, आमलकी रसायन, हरितिकादि रसायन एवं पंचकर्म थेरेपी के द्वारा शरीर का कायाकल्प करके मीनोपॉज की समस्या से निजात दिलाते है।

आयुर्वेद के अनुसार, मीनोपॉज में क्या करें?

  • मीनोपॉज के दौरान महिलाओं को हॉटफ़्लैश (Hot Flushes) की समस्या होती है इससे बचने के लिए महिलाओं को मसालेदार एवं तेलयुक्त, तीखे भोजन से बचना चाहिए।
  • मीनोपॉज के दौरान इंफेक्शन (Infection) का खतरा अधिक बढ़ जाता है। इस संक्रमण को कम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
  • मीनोपॉज की अवस्था में आयुर्वेद कहता है कुछ खाद्य पदार्थ जैसे कि भिण्डी, आलू, ग्वारफली, मटर,चना, तथा गोभी का सेवन नही करना चाहिए।
  • धूम्रपान तथा नशीले पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।
  • अपने भोजन में कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन न करें।

योग और प्राणायाम के द्वारा मीनोपॉज की समस्या का समाधान

योग एवं प्राणायाम की मदद से आप मीनोपॉज (Yoga For Menopause) की समस्या का समाधान कर सकती है। ऐसे में आप सुखासन योग का सहारा ले सकती हैं जो आपकी मीनोपॉज की समस्या को कम कर सकता है। इस योग के द्वारा आपको मानसिक तथा शारीरिक रुप से आराम मिलेगा तथा शांति का अनुभव होगा। इसके अलावा, ताड़ासन के माध्यम से काफी हद तक इससे निजात मिल जाती है। उत्तानासन भी है जो आपको मीनोपॉज की समस्या से बचाता है।

महिलाओं में क्यों होती है रजोनिवृत्ति?

महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ उनके सेक्स हार्मोन में कमी आने लगती है। सेक्स हार्मोन की कमी के कारण महिलाओं का रिप्रोडक्टिव सिस्टम (Reproductive system) ठीक से काम नहीं करता है, जिसके कारण महिलाओं की माहवारी बंद हो जाती है और वह रजोनिवृत्ति की अवस्था को प्राप्त कर लेती है।

महिलाओं में रजोनिवृत्ति किस उम्र में होती है?

आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार महिलाओं में मीनोपॉज की संभावित उम्र लगभग 45 वर्ष के लेकर 50 वर्ष के बीच होती है। लेकिन जिन महिलाओं को किसी बीमारी या अन्य कारणवश अंडाशय या गर्भाशय को निकलवाना पड़ता है तो उन्हें समय से पूर्व ही रजोनिवृत्ति हो जाती है।

(नोट: य‍ह लेख आशा आयुर्वेद केंद्र की आयुर्वेदिक स्‍त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा से हुई बातचीत पर आधारित है।)

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