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मानसून में बढ़ सकती है डायबिटीक फुट की समस्या, इन टिप्स की मदद से रखें अपने पैरों का ख्याल

बरसात में डायबिटीक फुट का ख्याल रखने के लिए टिप्स जो मधुमेह के मरीजो के काम आएंगी।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : August 3, 2022 11:19 PM IST

Diabetic Foot Care In Monsoon: डायबिटीज के मरीजों में ब्लड में ग्लूकोज या शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जिससे नर्वस सिस्टम और नसों को नुकसान पहुंने लगता है। डायबिटीज के मरीजों की नसों को होने वाले इस नुकसान के कारण पैरों में इंफेक्शन और फुट अल्सर जैसी परेशानियों का रिस्क भी बढ़ जाता है। नसों को होनेवाले डैमेज के कारण जब डायबिटिक्स को किसी तरह की चोट लगती है तो उसका भी पता उन्हें नहीं चल पाता। इसी तरह नसों को डैमेज के चलते पैरों में खून और ऑक्सीजन सही तरीके से सप्लाई नहीं हो पाती। इसी तरह बरसात के मौसम में डायबिटीज के मरीजों की समस्याएं और भी अधिक बढ़ सकती हैं। बार-बार बरसात के पानी में भीगने से पैरों की स्किन को नुकसान हो सकता है और इंफेक्शन का रिस्क भी बढ़ सकता है। ऐसे में डायबिटिक्स अपने पैरों का ख्याल कैसे रख सकते हैं यही पढ़ें कुछ उपाय यहां। (Diabetic Foot Care In Monsoon In Hindi)

बरसात में डायबिटीक फूट की समस्या से कैसे बचें?

  • बरसात में रबर से बने चप्पल और जूते पहने। इससे, पैरों में चोट लगने की संभावना कम होती है और इससे घाव होने या खून बहने की समस्याएं भी कम होती हैं।
  • खुले हुए सैंडल या फ्लोटर्स पैरों के लिए अच्छा साबित हो सकते हैं। लेकिन, चप्पल और स्लीपर जैसे खुले फुटवेयर पहनने से बचें क्योंकि, इनसे पैर बारिश के जमे हुए पानी, कीचड़ और गंदगी के सम्पर्क में आ सकते हैं। इसी तरह पैरों को चोट लगने का भी डर बना रहता है।
  • पैरों को लगातार जूतों में ना रखें। कुछ-कुछ देर में अपने पैरों को जूतों से बाहर निकालें।
  • पैरों में रोज रात पेट्रोलियम जेली (petroleum jelly) या नारियल का तेल (coconut oil) लगाएं।
  • पैरों की उंगलियों के बीच की जगह को जितना हो सके उतना ड्राई रखें क्योंकि, वहीं पर इंफेक्शन की संभावना अधिक होती है।
  • बाहर से घर लौटने के बाद पैरों को साबुन पानी से धोएं और उसके बाद उन्हें सूखने दें।
  • पैरों में कोई चोट या छाले होने पर गर्म पानी से पैरों को धोएं। लेकिन पैरों को गर्म पानी में डुबोकर ना रखें।
  • जितना हो सके पैरों में मोजे पहनकर रखें।
  • रोजाना अपने पैरों की अच्छी तरह जांच करें ताकि आपके पैरों में कोई चोट लगी हो तो उसका पता चल सके।
  • स्मोकिंग करने से पैरों की नसे सिकुड़ सकती हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ सकता है। जिससे घावों को भरने में समय लग सकता है और आपकी तकलीफें बढ़ सकती हैं।
  • डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट पर ध्यान देना चाहिए।
  • अपनी दवाइयां समय पर लें।
  • नियमित चेकअप और टेस्ट कराते रहें।