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World Vitiligo Day 2025: क्या आयुर्वेद की मदद से ठीक हो सकते हैं सफेद दाग? जानिए कैसे होता है विटिलिगो के इलाज

विटिलिगो की बीमारी किसी भी उम्र में या किसी को भी हो सकती है। त्वचा पर सफेद दाग की इस बीमारी के इलाज के लिए आयुर्वेद में कुछ उपाय बताए गए हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 25, 2025 8:55 PM IST

Vitiligo Treatment:  विटिलिगो की बीमारी में मरीज के शरीर पर सफेद दाग हो जाते हैं। यह एक प्रकार की ऑटोइम्यून बीमारी (Autoimmune disease) है। विटिलिगो स्किन डिजिज में सफेद दाग (White patches on skin in Vitiligo) चेहरे के अलावा, सिर और आंखों पर भी दिखायी देते हैं। सफेद दाग के कारण (Safed Daag Ke Karan) व्यक्ति को अपने आसपास के लोगों के बीच रहने में झिझक होती है और इसकी वजह से उन्हें मानसिक तनाव (Mental stress) और डिप्रेशन (depression) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विटिलिगों की बीमारी और  इन सफेद दागों  (Tvacha par safed daag) के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 25 जून के दिन विश्व विटिलिगो दिवस (World Vitiligo Day 2025) भी  मनाया जाता है।

आमतौर पर विटिलिगो को लाइलाज बीमारी माना जाता है। हालांकि, कुछ अलग-अलग तरीकों से विटिलिगो के लक्षणों (Symptoms of Vitiligo) को कंट्रोल और मैनेज किया जा सकता है। यहां पढ़ें कि आयुर्वेद में विटिलिगो की बीमारी के लिए आयुर्वेद में किस तरह का इलाज और उपाय (Ayurvedic treatment of vitiligo) बताए गए हैं।

​आयुर्वेद की मदद से विटिलिगो का इलाज क्या है?-Treatment Of Vitiligo In Ayurveda.

सफेद दाग  की समस्या को मैनेज करने के लिए आयुर्वेद में उपचार नेचुरल इंग्रीडिएंट्स की मदद ली जाती है। आयुर्वेद की मदद से इलाज करने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि अन्य तरह के इलाज की तुलना में इसके नुकसान या साइड-इफेक्ट्स कम होते हैं। आयुर्वेद में विटिलिगो के इलाज के लिए इस तरह के उपाय अपनाए जाते हैं-

शरीर का प्रकृति दोष संतुलित करना

आयुर्वेद में बीमारियों के इलाज के लिए शरीर में  वात, दोष और कफ दोष को बैलेंस करने  पर जोर दिया जाता है। विटिलिगो के इलाज के लिए भी इस नियम को फॉलो किया जाता है।

पंचकर्म से बॉडी क्लींज

शरीर में जमा गंदगी और टॉक्सिंस के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इसी तरह ऑटोइम्यून बीमारियां भी ट्रिगर हो सकती है। आयुर्वेद में शरीर की गंदगी को साफ करने और बॉडी डिटॉक्स करने की कोशिश की जाती है।

शिरावेद थेरेपी

छोटी सुइयों की मदद से शरीर में जमा टॉक्सिंस को साफ करने और रक्त को शुद्ध करने का काम किया जाता है। इसे शिरावेद थेरेपी कहा जाता है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।