बचना है टाइप 2 डायबिटीज से, तो आज ही शुरू कर दें ये उपाय

एक सामान्‍य व्‍यक्ति में शुगर का स्‍तर खाली पेट 100 और भोजन करने के बाद 135 मिलीग्राम होना चाहिए। पर इससे ज्‍यादा होने पर यानी खाली पेट अगर यह 140 तक पहुंच जाता है और खाना खाने के बाद 200 तक तो इसे शुगर बढ़ जाना कहा जाएगा।

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Written By: Yogita Yadav | Published : September 24, 2019 5:04 PM IST

डायबिटीज दो तरह की होती है टाइप 1 और टाइप 2। तनाव,गलत लाइफस्‍टाइल, जंक फूड और अन्‍य कारणों से युवाओं में टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ता जा रहा है। डायबिटीज दुनिया भर में सबसे ज्‍यादा बढ़ती जा रही बीमारियों में से एक है। भारत में भी यह बीमारी खतरनाक तरीके से बढ़ रही है। अगर आप चाहते हैं टाइप 2 डायबिटीज से बचे रहना, तो आज ही ये उपाय (tips to avoid type 2 diabetes) अपनाने शुरू कर दें।

क्‍या है डायबिटीज

डायबिटीज यानी मधुमेह, जिसे शुगर भी कहा जाता है। यह रक्‍त में शुगर की मात्रा बढ़ जाने की समस्‍या है। असल में यह इंसुलिन के स्‍तर पर प्रभाव डालती है। इं‍सुलिन में गड़बड़ी होने के कारण रक्‍त में शुगर की मात्रा भी असंतुलित हो जाती है। इसके लिए बहुत से कारक जिम्‍मेदार हैं। पर सबसे बड़ा कारण है गलत लाइफस्‍टाइल।

कितना होना चाहिए शुगर लेवल

शुगर यानी ग्‍लूकोज असल में एनर्जी देने का काम करती है। पर आहार में मौजूद यह शुगर यानी शर्करा जब टूटकर एनर्जी में नहीं बदल पाती, तब माना जाता है कि मधुमेह या डायबिटीज होने लगी है। एक सामान्‍य व्‍यक्ति में शुगर का स्‍तर खाली पेट 100 और भोजन करने के बाद 135 मिलीग्राम होना चाहिए। पर इससे ज्‍यादा होने पर यानी खाली पेट अगर यह 140 तक पहुंच जाता है और खाना खाने के बाद 200 तक तो इसे शुगर बढ़ जाना कहा जाएगा।

टाइप 2 डायबिटीज से बचने के लिए फॉलो करें ये टिप्‍स (tips to avoid type 2 diabetes)

हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल

यह सबसे ज्‍यादा जरूरी और प्राथमिक कारण है। अगर आपको डायबिटीज से बचना है तो सबसे पहले अपने लाइफस्‍टाइल पर ध्‍यान दें। एक भी गलत आदत आपको डायबिटीज की ओर धकेल सकती है।

हेल्‍दी डाइट

डायबिटीज से बचने में आहार की भी बड़ी भूमिका होती है। शुगर सिर्फ मीठा खाने से नहीं होती, बल्कि डीप फ्राइड, जंक फूड और प्रोसेस्‍ड फूड खाने से भी होती है। इसलिए जरूरी है कि अपने आहारा में सादा और स्‍वास्‍थ्‍यकर भोजन शामिल करें। हमें अपनी ट्रेडिशनल डाइट की ओर लौटना होगा।

निष्क्रिय जीवन शैली

इन दिनों ज्‍यादातर युवाओं का प्रोफेशन ऐसा है कि वे दिन का पूरा हिस्‍सा इनडोर ही बिताते हैं। इसमें चलने, फि‍रने या शारीरिक श्रम की कोई जगह नहीं होती। इसे निष्क्रिय जीवन शैली कहा जाता है। अगर आप भी इस तरह की किसी जॉब में हैं, तो हर रोज सुब सैर करने या वर्कआउट के लिए समय निकालें।

न लें तनाव

तनाव भी शुगर के बढ़ जाने का एक बड़ा कारण है। स्‍ट्रेस हॉर्मोन कई तरह की बीमारियों के लिए जिम्‍मेदार है। डाय‍बिटीज भी ऐसी ही एक बीमारी है, जिसका कारण तनाव है। समस्‍याओं के समाधान की ओर बढ़ें, न कि उनका तनाव लेकर बैठे रहें।

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