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Written By: Editorial Team | Updated : September 9, 2018 8:42 AM IST
जो लोग आॅफिस जाते हैं वो ज़्यादा तनाव महसूस करते देेखे जाते है। .© Shutterstock
तनाव या स्ट्रेस आजकल एक तरह से लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। इसके कई कारण हैं जिनमें हमारा खानपान और लाइफस्टाइल भी शामिल हैं तो कई बार कुछ परिस्थितियां हमें डिप्रेशन का शिकार बना देती हैं। जो लोग आॅफिस जाते हैं उनमें डिप्रेशन की संभावना काफी देखी जाती है। आज हम आपको ऐसे 5 तरह के लोगों को बारे में बता रहे हैं जो आपको आॅफिस में तनाव का शिकार बना सकते हैं।
अहंकारी प्रवृत्ति के लोग
जो इंसान हमेशा दूसरों की छोटी-छोटी गलतियों पर भड़कता है या अपने बड़ी-बड़ी कमियों को भी स्वीकार नहीं करता। समझ लीजिए वह बहुत अहंकारी प्रवृत्ति का है। जब ऐसे लोग आपकी छोटी-छोटी गलतियों को रेखांकित कर या मसाला लगा कर दूसरों के सामने पेश करते हैं और अपनी गलती कभी नहीं मानते है तो आपको तनाव होना लाजमी है। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है हर काम में अपना बेस्ट दें और ऐसे लोगों से दूर रहें।
ज्यादा बोलने वाले लोग
आॅफिस में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बिना किसी ज़रूरी बात के बोलना शुरू कर देते हैं। जब आप काम कर रहे होते हैं और ऐसे लोगों की आवाज आपके कानों में जाती है तो आप बहुत डिस्टर्ब होते हैं। कभी-कभी ऐसे लोग आपसे सीनियर भी होते हैं। जिसके चलते हमारे मन की बात मन में ही रह जाती है और काम लगातार डिस्टर्ब होता है। जिसका सीधा ज़ोर हमारे दिमाग पर पड़ता है और डिप्रेशन के लक्षण पैदा होने शुरू हो जाते हैं। इससे बचने के लिए आप उनसे प्रत्यक्ष तौर पर थोड़ा धीरे बोलने की अपील कर सकते हैं। क्योंकि आप पर्सनली नहीं बल्कि आॅफिस के काम के लिए ऐसा कह रहे हैं।
सीनियर पदों पर बैठे लोग
सीनियर्स को हमसे ज्यादा अनुभव और ज्ञान होता है। लेकिन कभी-कभी कोई सीनियर अपनी कुर्सी का फायदा उठाकर हमें दबाने की कोशिश करता है। अगर आपके साथ ऐसा होता है तो इसका शिकार ना बनें बल्कि इसका विरोध करें। तनाव की चपेट में आने का यह भी बड़ा कारण है।
चुगली करने वाले लोग
आॅफिस में कई लोग ऐसे होते हैं जो भले ही अपने काम में परफेक्ट ना हों लेकिन फिर भी किसी ना किसी बात को लेकर अपने से सीनियर या बॉस से चुगलियां करते रहते हैं। जबकि ऐसे लोग आपके सामने खुद को आपका चाहने वाला और शुभचिंतक बताते हैं। लेकिन जब बाद में आपको उनकी असलियत पता चलती है तो निराशा या तनाव होना लाज़मी है। इसलिए आॅफिस में जो इंसान हमेशा आपके मन की बात जानने के लिए उतारू हो, उसके साथ संभलकर बात करनी चाहिए।
कामचोर किस्म के लोग
जब आॅफिस में कोई आपके बराबर की पोस्ट पर हो और आपके बराबर ही सैलरी ले रहा हो लेकिन आपके जितना काम ना करे, तो यह बात आपको खटकना लाज़मी है। कभी-कभी ऐसी स्थिति भी बन जाती है कि आप ऐसे कामचोर लोगों की असलियत सबके सामने नहीं ला पाते हैं। जो दिमाग में घर करने लगती है। ऐसे लोगों को इग्नोर करें। नहीं तो जबरदस्त तनाव हो सकता है जो आगे चलकर डिप्रेशन का रूप भी ले सकता है।