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Astronaut Shubhanshu Shukla ने बताया स्पेस में कैसे काम करती है पाचन क्रिया और सेहत पर क्या पड़ता है असर

Shubhanshu Shukla Space Missions: एक्सिओम-4 मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे शुभांशु शुक्ला ने एक वीडियो के दौरान स्टूडेंट्स को स्पेस में पाचन क्रिया पर पड़ने वाले असर के बारे में खास जानकारी दी और बताया कि इससे क्या नुकसान हो सकते हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 3, 2025 3:15 PM IST

Digestive health in Space: इंटरनेशन स्पेस स्टेशन पहुंचे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला वहीं से अपने देशवाशियों के साथ संपर्क कर रहे हैं और इस दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारिया भी साझा कर रहे हैं। एक्सिओम-4 मिशन के तहत शुभांशु इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने। अपने अन्य तीन साथियों के साथ मिलकर शुभांशु वहां पर कई महत्वपूर्ण स्टडी व रिसर्च कर रहे हैं। साथ ही साथ भारत के विद्यार्थियों के लिए ऊपर से महत्वपूर्ण जानकारी की वीडियो शूट करके भी भेजा है। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो शूट करके बताया कि इंटरनेशल स्पेस स्टेशन में पाचन क्रिया वैसे काम नहीं करती जैसे नीचे जमीन पर रहते हुए करती है।

स्पेस का पाचन क्रिया पर प्रभाव

शुभांशु ने वीडियों में स्टूटेंड्स को बताया कि ऊपर ग्रैविटी का प्रभाव कम होता है और इस कारण से सामान्य रूप से पेट और आंतों में ट्रैवल नहीं कर पाता है या आगे नहीं बढ़ पाता है। इस कारण से पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है। पाचन क्रिया धीमी पड़ने के साथ-साथ खाए गए खाने से पोषक तत्व भी ठीक से अवशोषित नहीं हो पाते हैं और इस कारण से कमजोरी व स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याएं होने का खतरा रहता है जैसे दस्त व कब्ज आदि। (और पढ़ें -

स्पेस में मांसपेशियों पर असर

शुभांशु शुक्ला जैपनीज कीबो मॉड्यूल से जुड़ी एक और रिसर्च पर काम कर रहे हैं, जिसमें वे मस्ल्स स्टेम सेल्स और मसल डेवलपमेंट पर स्पेस का असर देखेंगे। अगर कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक स्पेस में यानी जीरो ग्रैविटी एरिया में रहता है, तो धीरे-धीरे उसका मसल मांस कम होने लगता है और मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं। शुभांशु शुक्ला इस दौरान मांसपेशियों में हो रही क्षति पर रिसर्च कर रहे हैं, ताकि इसके इलाज का पता लगाया जा सके।

साइंस और इंस्पिरेशन के नाम किया मिशन

शुभांशु ने इंटरनेशन स्पेस स्टेशन के इस मिशन को जॉइन किया ताकि भारत को आगे अपने खुद के मिशन को पूरा करने में महत्वपूर्ण मदद और अनुभव मिल सके। इस दौरान अनुभव प्राप्त किया जाएगा ताकी भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों की स्वास्थ्य का का ध्यान रखा जा सके।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

मसल मास को कम होने से कैसे रोकें

अपने काने में हाई प्रोटीन व अन्य जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर खाना शामिल करें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और पर्याप्त नींद लें

खराब पाचन को कैसे ठीक करें?

हल्का और हेल्दी खाना लें, एक बार में ज्यादा खाने की बजाय कई बार में थोड़ा-थोड़ा करके खाएं और नियमित व्यायाम करें।

स्पेस में जाने से स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?

स्पेस में जानें से पाचन क्रिया धीमी पड़ जाता है और मांसपेशियां भी कमजोर पड़ने लगती हैं।