ठंड में बच्चों को अपनी चपेट में ले सकता है अस्थमा, इन 7 तरीकों से करें देखभाल

सर्दियों में बच्चों को अस्थमा होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। श्वसन संबंधी से बीमारी न सिर्फ मासूमों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर देती है, बल्कि पेरेंट्स के लिए भी इससे उभर पाना चुनौतीपूर्ण होता है।

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Written By: Atul Modi | Published : December 26, 2023 3:09 PM IST

सर्दियों का मौसम ढेर सारे हॉलिडे और सेलिब्रेशन के साथ ही कई परेशानियां भी लेकर आता है। खासकर कि मासूम बच्चों के लिए यह समय किसी परीक्षा से कम नहीं होता है। इस समय उन्हें कई बीमारियां अपनी चपेट में ले लेती हैं। इन्हीं में से एक गंभीर बीमारी है 'अस्थमा'। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में बच्चों को अस्थमा होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। श्वसन संबंधी से बीमारी न सिर्फ मासूमों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर देती है, बल्कि पेरेंट्स के लिए भी इससे उभर पाना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में जरूरत है कि मौसम में बदलाव के साथ ही पेरेंट्स अपने बच्चों की सेहत, खासतौर पर श्वसन संबंधी बीमारियों पर ध्यान दें।

अस्थमा में बच्चों की देखभाल कैसे करें - (How to take care of Children with Asthma in Hindi)

इसलिए बच्चे आते हैं बीमारियों की चपेट में

विभिन्न शोध बताते हैं कि जब भी मौसम में बदलाव होता है तो पर्यावरण में एलर्जी जैसे रोगों को जन्म देने वाले सैकड़ों वायरस हवा में फैल जाते हैं। इन्हीं के कारण बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में आते हैं। इनसे बचाव के कुछ आसान उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर पेरेंट्स अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं।

वैक्सीनेशन पर दें ध्यान

बच्चों की उम्र के अनुसार उनका वैक्सीनेशन जरूर करवाएं। मासूमों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए यह सबसे अहम कदम है। हर बच्चे के जन्म के साथ ही उसका वैक्सीनेशन कार्ड बनाया जाता है। कई बार कार्ड के अलावा भी बच्चों को अन्य टीके लगाए जाते हैं, जिनकी जानकारी आप किसी भी शिशु रोग विशेषज्ञ से ले सकते हैं। ऐसा करने से आपके बच्चे कई रोगों से सुरक्षित रहेंगे।

स्वच्छता पर दें पूरा ध्यान

बच्चों की स्वच्छता पर हमेशा से ही ध्यान दें। बार-बार हाथ धोना, बाहर से आकर मुंह हाथ दोनों वॉश करना, रोज नहाना, छींकने और खांसने का उचित शिष्टाचार अपनाना उनकी आदत बना दें। ऐसा करने से बच्चे कई खतरनाक वायरस से बच सकते हैं।

संतुलित आहार है जरूरी

बच्चों के संपूर्ण विकास का कोई शॉर्टकट नहीं है। उनका मुख्य आधार है संतुलित आहार। इसलिए जंक फूड से भरी उनकी फूड लिस्ट में आप मौसमी फल, सब्जियों और साबुत अनाज को जरूर शामिल करें। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। साथ ही उनका विकास भी बेहतर तरीके से होगा।

शारीरिक गतिविधियों पर दें ध्यान

टीवी, मोबाइल, वीडियो गेम आदि ने मानों बच्चों का बचपन स्क्रीन तक ही सीमित कर दिया है। लेकिन इससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमताएं प्रभावित हो रही हैं। इसलिए बेहतर है कि आप बचपन से ही बच्चों के डेली रूटीन में शारीरिक गतिविधियां शामिल करें। इससे उनके स्वास्थ्य का समग्र विकास होगा। उनकी भूख बढ़ेगी और रात को उन्हें नींद भी अच्छी आएगी। जिसके कारण वे कई रोगों से बचे रहेंगे।

कपड़ों पर दें पूरा ध्यान

सर्दी के मौसम में बच्चे के कपड़ों पर बहुत सावधानीपूर्वक और समझदारी से ध्यान दें। स्वेटर, जैकेट आदि के साथ ही उनके कान, नाक, अंगुलियां सुरक्षित रखने की भी कोशिश करें। हालांकि बच्चों को बहुत ज्यादा ही कपड़ों की लेयर के नीचे दबा देना भी ठीक नहीं है, इससे उन्हें परेशानी हो सकती है। इसलिए उनी कपड़े बहुत ही सावधानी से चुनें।

दवाएं दें संभलकर

बच्चों के बीमार होने पर उन्हें दवा हमेशा डॉक्टर की राय के अनुसार ही दें। हो सके तो कुछ घरेलू उपायों को भी अपनाएं। ये भी बच्चों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद रहते हैं।

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