hamburger icon
A
Read in English

Painkiller Effects : हर छोटे-मोटे दर्द के लिए पेनकिलर खाना बन सकती है बड़ी समस्या

अक्सर लोग छोटी-मोटी शारीरिक दर्द को दूर करने के लिए दर्द निवारक गोलियों का सेवन करने लग जाते हैं। धीरे-धीरे ये इन गोलियों पर निर्भर हो जाते हैं। बार-बार शरीर में होने वाले दर्द को दूर करने के लिए पेनकिलर्स का सेवन आपको काफी नुकसान पहुंचा सकता है।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Updated : August 27, 2019 2:17 PM IST

सिर दर्द, बदन दर्द या फिर पेट दर्द हुआ नहीं कि लोग दर्द से छुटकारा पाने के लिए तुरंत ही पेन किलर्स का सेवन कर लेते हैं। ये पेन किलर्स दर्द से राहत तो चुटकी में दिलाते हैं, लेकिन इनका असर शरीर पर सही नहीं होता है। खासकर तब, जब आपको पेन किलर लेने की आद हो जाए (Painkiller Effects)। कुछ लोग तो इसके इतने आदि हो जाते हैं कि डॉक्टर से भी सलाह नहीं लेते हैं। कई तरह के पेन किलर्स मेडिकल स्टोर में उपलब्ध होते हैं, जिसे आसानी से लोग खरीद लेते हैं। क्या आपको पता है कि अधिक दर्द निवारक दवाओं के सेवन से कुछ साइड इफेक्ट्स (Painkiller Effects) भी हो सकते हैं?

दो तरह की होती है पेनकिलर

दर्द निवारक दवा दो पक्रार की एक नशीली और दूसरी गैर नशीली होती है। जो लोग नशीली दर्द निवारक दवा (Painkiller Effects) का ओवर डोज लेते हैं, उनकी मौत की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में किसी भी दवा का सेवन  बिना डॉक्टर की सलाह लिए ना करें।

कैसे काम करती है पेन किलर मेडिसिन

पेन किलर्स का ओवरडोज आपके मुख्य तंत्रिका तंत्र का प्रभावित कर सकता है (Painkiller Effects)। तंत्रिका तंत्र शरीर की सभी सूचनाओं को मस्तिष्क तक पहुंचाता है। पेन किलर तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क के बीच के दर्द के सिग्नल को ब्लॉक कर देती है, जिससे दिमाग को दर्द का अनुभव नहीं होता है। कई बार इसके अधिक सेवन से लिवर भी खराब हो जाता है।

पेन किलर के सेवन से होने वाले नुकसान 

जब आप दर्द निवारक दवाओं का सेवन अधिक करने लगते हैं, तो धीरे-धीरे इससे छोटी आंत की झिल्ली कमजोर होने लगती है, जिससे आंतों में घाव हो जाता है। पेट संबंधी बीमारियों के होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इन दवाओं में एसिटामिनोफेन होता है, जो लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचाता है। अल्सर, दिल से संबंधित समस्याएं जैसे दिल की धड़कन तेज होना, मांसपेशियों में जकड़न आदि होने की आशंका रहती है।

बरतें सावधानी

खाली पेट ना करें इन दवाओं का सेवन। शरीर में पानी की कमी न होने दें। पानी अधिक पिएंगे, तो शरीर से नुकसानदायक पदार्थ बाहर निकलते हैं। ऐसे में इन दवाओं का नाकारात्मक असर थोड़ा कम होगा।डॉक्टर की सलाह लिए बिना किसी भी तरह की दवा ना खाएं। दर्द को सहने की आदत डालें। छोटी-मोटी दर्द को दूर करने के लिए पेन किलर्स का बार-बार सेवन ठीक नहीं है। आप चाहें तो कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर देखें।

उपाय

1 गर्म दूध में हल्दी डालकर पिएं। इससे बदन दर्द, मांसपेशियों में होने वाला दर्द कम होता है। हर दिन एक्सरसाइज करने की आदत डालें। इससे हल्के-फुल्के दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।

2 दिनचर्या को सुधारें। जगने-सोने, खाने-पीने की आदत को सुधारें। कई बार नींद पूरी नहीं होने पर भी सिर दर्द होता है। खाली पेट रहने या बाहर का उल्टा-सीधा अधिक खाने से पेट दर्द होने लगता है।

3 सिर दर्द, आंखों की थकान, गर्दन में तनाव, पीठ की मांसपेशियों में तनाव ऑफिस में लगातार बैठकर काम करने से भी होता है। एक ही अवस्था में ना बैठें। तनाव कम लें। संतुलित आहार लें।

4 अदरक के सेवन से सिर दर्द से बच सकते हैं। हां, जब कोई भी दर्द अधिक हो, तो फिर डॉक्टर के पास तुरंत जाएं।

Hansasana Benefits : कमर दर्द दूर कर वजन भी करे कम हंसासन, जानें इसके अन्य लाभ