गठिया यानि आर्थराइटिस अब केवल किसी उम्र विशेष की समस्या नहीं रह गयी है। यह परेशानी लोगों को कम उम्र में भी होने लगी है। इस समस्या में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है। दर्द और गंभीरता के आधार पर आर्थराइटिस को विभिन्न श्रेणियों में भी बांटा गया है।
आप अगर आर्थराइटिस के मरीज़ हैं या आपको इस परेशानी के लक्षण दिखायी देने लगे हैं तो आपको सावधान होने की ज़रूरत है। आपको सबसे पहले अपनी लाइफ स्टाइल में कुछ ज़रूरी बदलाव करने पड़ेगे।
वेट लॉस करें -अधिक वजन की वजह से आपके जोड़ों पर अधिक प्रेशर पड़ता है। इसीलिए वजन कम करने की कोशिश करें। जोड़ों में दर्द की वजह से एक्सरसाइज़ करना मुश्किल हो सकता है इसीलिए हल्की और आसान एक्सरसाइज़ेस करें। इससे मसल्स की स्ट्रेचिंग होगी और आराम भी मिलेगा।
डायट में करें बदलाव- कुछ विशेष तरह के भोजन से आपकी समस्या और गंभीर रुप ले सकती हैं। रिफाइंड शक्कर,ग्लूटेन, मैदा और यीस्ट जैसी ची़ज़ें आर्थराइटिस के मरीज़ों के लिए अच्छी नहीं होती। इनकी वजह से आपकी समस्या बढ़ सकती है। इनकी बजाय आप ताज़े फल, सब्ज़ियां, नट्स और साबुत अनाज खाएं।
चाय कॉफी से करें तौबा- चाय-कॉफी जैसी चीज़ों से आर्थराइटिस के मरीज़ों को परहेज करना चाहिए। इनकी वजह से आपको पेट से जुड़ी तकलीफें जैसे गैस और एसिटीडी भी हो सकती है। जिनकी वजह से जोड़ों पर दबाव बनता है।
मसाज कराएं- मालिश या मसाज से ना केवल आपकी मांसपेशियों को आराम मिलता है बल्कि इससे शरीर में ब्लड सर्कुुुुुुलेशन में भी सुधार होता है। मसाज से जोड़ों के आसपास जमा गांठें खुल जाती हैं, विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। साथ ही शरीर में ऑक्सिजन का प्रवाह भी बेहतर होता है।
छड़ी और शू-पैड का इस्तेमाल करें- जोड़ों में दर्द हो तो छड़ी की मदद से चलने या जूतों में शू-इंसर्ट पैड लगाकर चलने से फायदा होता है। इससे आपके शरीर का पूरा भार जोड़ों पर नहीं पड़ता और इस तरह आप बेहतर तरीके से चल-फिर सकते हैं।
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.