अर्थराइटिस किस उम्र में होता है? समय रहते किस तरह करें पहचान

What Age Does Arthritis Usually Occur : अर्थराइटिस आज के समय में काफी आम परेशानी हो चुकी है। इस परेशानी से जूझ रहे लोगों को कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। आइए डॉक्टर से जानते हैं किस उम्र में अर्थराइटिस होने का खतरा रहता है?

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Written By: Kishori Mishra | Published : October 10, 2025 1:00 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Shrey Srivastava

World Arthritis Day 2025 : आज के समय में लोगों को कई तरह की समस्याएं हो रही हैं, जिसमें अर्थराइटिस की परेशानी शामिल है। हर साल 12 अक्टूबर को विश्व अर्थराइटिस दिवस मनाया जाता है, इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों में अर्थराइटिस के प्रति जागरुकता फैलाना है। बता दें कि अर्थराइटिस एक आम बीमारी है, जिसमें जोड़ों में सूजन, दर्द और अकड़न जैसी परेशानी महसूस होने लगती है। शारदा हॉस्पिटल से बतौर सीनियर कंसल्टेंट- इंटरनल मेडिसिन जुड़े डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव का कहना है कि अर्थराइटिस की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन आमतौर पर यह 40 साल की उम्र के बाद अधिक देखी जाती है। महिलाओं में यह बीमारी पुरुषों की तुलना में ज्यादा पाई जाती है, खासकर मेनोपॉज के बाद अर्थराइटिस होने का खतरा अधिक रहता है।

किस उम्र में होता है अर्थराइटिस?

अर्थराइटिस बुजुर्गों की बीमारी मानी जाती है, लेकिन यह बच्चों और युवाओं को भी हो सकती है। 40 से 60 की उम्र के बीच इसके लक्षण अधिक दिखने लगते हैं। जिन लोगों का शरीर ज्यादा मेहनत का काम करता है या जिनके जोड़ों पर बार-बार दबाव पड़ता है, उन्हें यह जल्दी हो सकता है। मोटापा, आनुवंशिक कारण, पुराने जोड़ों की चोटें, और गलत खानपान भी इसके खतरे को बढ़ाते हैं।

समय रहते कैसे पहचानें?

अर्थराइटिस की शुरुआती पहचानकरना जरूरी है, ताकि समय पर इलाज शुरू हो सके। इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं, जिसे पहचानकर आप समय पर इलाज शुरू करा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे करें अर्थराइटिस की पहचान (Arthritis signs)?

  • जोड़ों में लगातार दर्द या सूजन
  • सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न (30 मिनट से ज्यादा)
  • चलने-फिरने या काम करने में परेशानी
  • जोड़ों में हल्का गर्माहट या लालिमा
  • जोड़ों से कट-कट की आवाज आना

अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। शुरुआती जांच में एक्स-रे, ब्लड टेस्ट और फिजिकल जांच से बीमारी का पता लगाया जा सकता हैं।

अर्थराइटिस को नजरअंदाज न करें। समय पर पहचान और इलाज से दर्द को कम किया जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। संतुलित आहार, हल्की एक्सरसाइज और सही जीवनशैली अपनाकर इससे बचाव संभव है।

अर्थराइटिस को जड़ से खत्म कैसे करें?

बता दें कि अर्थराइटिस को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है। भले ही इसके लक्षणों कम करने की कोशिश की जा सकती है, जैसे-

  • अगर आपको जोड़ों में दर्द की परेशानी हो रही है, तो आप हीटपैड या कोल्डपैड की मदद से सिंकाई करके दर्द को कम कर सकते हैं।
  • सूजन की परेशानी होने पर एंटी-इंफ्लेमटरी गुणों से भरपूर आहार खाएं। इससे सूजन की दिक्कतों को कम किया जा सकता है।
  • लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाएं। अपने शरीर के बढ़ते वजन को कंट्रोल करने की कोशिश करें, ताकि अन्य समस्याओं से बचाव हो सके।
  • इसके अलाव डॉक्टर द्वारा बताए गए सुझाव को अच्छे से फॉलो करें, ताकि किसी तरह की परेशानी न बढ़े।

Highlights

  • महिलाओं को अर्थराइटिस का खतरा पुरुषों की तुलना में अधिक रहता है।
  • अर्थराइटिस किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन 40 के बाद इसके होने का खतरा ज्यादा है।
  • अर्थराइटिस को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है, इसके लक्षणों को कम करने की कोशिश की जा सकती है।
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