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Written By: Editorial Team | Published : September 1, 2018 12:08 PM IST
हमें कई लोग ऐसे मिल जाएंगे जो कान के बहने की वजह से बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं। कान बहना यूं तो बहुत बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन जब भी ये समस्या होती है तो इसके साथ और भी छोटी-छोटी परेशानियों को लेकर आती है।
कम सुनाई देना, कान में दर्द या फिर गले में खराश या खुजली जैसी समस्याएं कान बहने के कारण ही पैदा होती हैं।
कान के बाहर या भीतर पानी जैसे रंगहीन तरल पदार्थ या मवाद या खून के रिसाव को ही कान बहना कहते हैं। वैसे तो ये समस्या किसी को भी हो सकती है, लेकिन बच्चों, कुपोषित लोगों, मियादी बुखार के रोगियों या तैराकों में ये सबसे ज्यादा होती है।
क्या हैं कारण
दरअसल, हमारे कान एक नली द्वारा नाक के पिछले तथा गले के ऊपरी हिस्से से जुड़े होते हैं इसलिए कई बार नाक तथा गले में होने वाली समस्याएं मध्य कान को प्रभावित करती हैं। ऐसा होने पर कान में सूजन हो सकती है और इसकी ट्यूब बंद हो जाती है, जिसके कारण कान के मध्य भाग में एक किस्म का तरल पदार्थ इकट्ठा होने लगता है। दबाव बढ़ने पर यह तरल पदार्थ कान के पर्दे को हानि पहुंचाता हुआ बाहर निकल आता है।
अन्य कारण जो कान बहने के लिए जिम्मेदार होते हैं
1. किसी भी प्रकार का वायरल, बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन होना कान बहने का कारण हो सकता है।
2. बाहरी कान में चोट लगने, फोड़ा-फुन्सी होने या फफूंद लगने पर भी अक्सर कान बहने की समस्या होती है।
3. वायु प्रदूषण, एलर्जी, गले में संक्रमण, चिकनपॉक्स, बुखार, कुपोषण या कई बार दांतों में इंफेक्शन के कारण भी कान बहने की समस्या हो सकती है।