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Written By: Yogita Yadav | Updated : November 13, 2018 7:57 PM IST
यह बॉर्डर लाइन आपको चेताती है, कि आप चाहें तो यहां से अपने आप को स्वास्थ्य का उपहार दे सकते हैं। © Shutterstock
आजकल तनाव की एक बहुत प्रचलित वजह है, डायबिटीज की बॉर्डर लाइन। ये वे लोग होते हैं, जिन्हेंं डायबिटीज नहीं होती, लेकिन होने की संभावना होती है। इस संभावना में वे इस कद्र परेशान हो जाते हैं कि अनावश्यक तनाव लेने लगते हैं। जबकि तनाव भी डायबिटीज के लिए जिम्मेदार कारकों में से एक है। अगर आप भी हैं डायबिटीज की बॉर्डर लाइन पर, तो घबराएं नहीं, बस अपना रूटीन ठीक करें। यह भी पढ़ें - वर्ल्ड डायबिटीज डे : डायबिटीज से हैं पीड़ित, तो ऐसें बनाएं अपना डायट चार्ट
जानें क्या है डायबिटीज की बॉर्डर लाइन
सामान्य व्यक्ति में शुगर का स्तर बिना भोजन किए 100 और भोजन के बाद 135 मिलीग्राम रहता है। अगर शुगर का यह लेवल क्रमश: 140 और 200 मिलीग्राम पहुंच गया है तो यह बॉर्डर लाइन है। इसमें दवा खाने की जरूरत नहीं है। पर परहेज जरूरी हो जाता है। असल में यह आपको चेताने वाली लाइन है। आप चाहें तो इस लाइन से एकदम स्वस्थ भी हो सकते हैं। जबकि लापरवाही करने पर जीवन भर के लिए दवाओं पर निर्भर होना पड़ सकता है। यह भी पढ़ें - वर्ल्ड डायबिटीज डे : बचपन में न घुल जाए मधुमेह की कड़वाहट
समझें डायबिटीज का कारण
दो टाइप का है मधुमेह
मधुमेह के दो टाइप हैं। टाइप वन और टाइप टू। टाइप वन बच्चों में होता है। वीटासेल के स्थायी रूप से डैमेज होने पर बच्चों में यह बीमारी होती है। इसमें आजीवन इंसुलिन का सेवन करना पड़ता है। टाइप टू बीमारी युवावस्था के बाद होती है। लेकिन, अब युवाओं को भी मधुमेह होने लगा है। इसके लिए सतत जागरुकता और सतर्कता जरूरी है। यह भी पढ़ें – आपकी ये ‘अच्छी’ आदतें पहुंचा सकती हैं आपकी सेहत को नुकसान
ये हो सकती हैं समस्याएं
ऐसे करें बचाव