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Bachhe Mai Fits Ka Karan: बच्चों में अचानक शरीर अकड़ जाना, हाथ-पैर फड़कना, आंखें ऊपर चढ़ जाना या कुछ सेकंड के लिए प्रतिक्रिया बंद हो जाना, ये लक्षण अक्सर दौरे (सीजर) की ओर इशारा करते हैं। कई माता-पिता इसे बुखार की वजह से सामान्य झटका या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर दिलीप कुमार झा का कहना है कि हर दौरा सामान्य नहीं होता और समय पर जांच बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों में दौरे दो तरह के हो सकते हैं, फेब्राइल सीजर और एपिलेप्सी या अन्य न्यूरोलॉजिकल कारणों से होने वाले दौरे। तेज बुखार के दौरान 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों में फेब्राइल सीजर अपेक्षाकृत सामान्य माने जाते हैं और अधिकांश मामलों में जानलेवा नहीं होते। लेकिन बार-बार दौरे पड़ना, बिना बुखार के झटके आना या दौरे के बाद बच्चा देर तक बेहोश रहना गंभीर संकेत हो सकते हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि ‘हर दौरा खतरनाक नहीं होता, लेकिन हर दौरे की वजह जानना जरूरी है। अगर बच्चा पहली बार दौरे का शिकार हुआ है, तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। सही समय पर जांच से मस्तिष्क संक्रमण, एपिलेप्सी, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन या अन्य गंभीर कारणों का पता लगाया जा सकता है।’ आइए विस्तार से जानते हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कुछ मामलों में मस्तिष्क में संक्रमण (जैसे मेनिन्जाइटिस), सिर की चोट, जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी, कैल्शियम या सोडियम की कमी भी दौरे का कारण बन सकते हैं। डॉ. झा के अनुसार, ‘अगर दौरा 5 मिनट से ज्यादा चले तो यह मेडिकल इमरजेंसी है। ऐसे में तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। घर पर चम्मच या उंगली मुंह में डालने की कोशिश न करें, इससे चोट लग सकती है।’
अधिकांश फेब्राइल सीजर जानलेवा नहीं होते और बच्चे सामान्य रूप से विकसित होते हैं। लेकिन अगर दौरे की वजह मस्तिष्क संक्रमण या अनियंत्रित एपिलेप्सी है, तो समय पर इलाज न मिलने पर जटिलताएं बढ़ सकती हैं। इसलिए 'एक बार हुआ था, ठीक हो गया' सोचकर चुप बैठ जाना सही नहीं है।
डॉक्टर जरूरत के अनुसार EEG, MRI या खून की जांच की सलाह दे सकते हैं। यदि एपिलेप्सी की पुष्टि होती है, तो नियमित दवा से इसे नियंत्रित किया जा सकता है और बच्चा सामान्य जीवन जी सकता है। डॉक्टर विशेष रूप से सलाह देते हैं कि बच्चों में दौरे को अंधविश्वास या सामान्य कमजोरी से जोड़ने की बजाय इसे चिकित्सीय स्थिति मानें। जागरूकता, सही प्राथमिक उपचार और समय पर डॉक्टर से परामर्श, ही बच्चे की सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।