क्या डायबिटीज पेशेंट के लिए लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड हेल्दी होते हैं? जानिए क्या है ग्लाइसेमिक इंडेक्स

जिन खाने की चीजों में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं उनके रेटिंग सिस्टम को ग्लाइसेमिक इंडेक्स कहा जाता है। इससे यह पता लगता है कि आप जो कुछ खा रहे हैं उसका आपका ब्लड शुगर लेवल कितना प्रभावित होता है।

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Written By: Atul Modi | Published : August 28, 2023 3:15 PM IST

अक्सर आपने सुना होगा कि खाने से पहले आपको हर चीज के ग्लाइसेमिक इंडेक्स के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। ग्लाइसेमिक इंडेक्स एक तरह का रेटिंग सिस्टम होता है जो उन चीजों को दिया जाता है जिनमें कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं। शुगर पेशेंट को हर चीज के ग्लाइसेमिक इंडेक्स के बारे में जानने की ज्यादा जरूरत पड़ती है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स से आपके द्वारा खाई जाने वाली चीज आपके ब्लड शुगर को कितनी तेजी से प्रभावित कर रही है, यह भी पता चलता है। कुछ चीजों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है तो कुछ का बहुत कम। ऐसे में डायबिटीज से पीड़ित व्यक्तियों को ग्लाइसेमिक इंडेक्स के प्रति जागरूक होना जरूरी है।

हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड

  • शुगर से भरपूर चीजें जैसे केक, पेस्ट्री, बिस्किट आदि
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक आदि जिनमें चीनी की मात्रा ज्यादा पाई जाती है
  • सफेद ब्रेड
  • आलू
  • सफेद चावल

कम और मीडियम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड

जिन फूड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लेवल काफी कम होता है वह बॉडी में धीरे-धीरे ब्रेक डाउन होते हैं और इस प्रकार आपका ब्लड शुगर लेवल एक दम से न बढ़ कर धीरे-धीरे बढ़ता है। ऐसे फूड जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम (लो) या फिर मीडियम है:

  • कुछ फल और सब्जियां
  • दालें
  • साबुत अनाज

क्या लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड हेल्दी होते हैं?

कुछ लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड जैसे होल ग्रेन फूड, फल, सब्जियां, बींस, दाल आदि एक हेल्दी और संतुलित आहार का भाग होते हैं। हालांकि अगर आप ग्लाइसेमिक इंडेक्स के आधार पर ही फूड हेल्दी है या नहीं, इस बार का निर्णय ले रहे हैं तो आप गलत भी हो सकते हैं। यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि जो फूड ज्यादा ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले होते हैं वह अनहेल्दी ही हो। उदाहरण के तौर पर तरबूज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है जबकि चॉकलेट केक का कम।

अगर आप किसी चीज को फैट के साथ कुक करते हैं या फिर किसी चीज में प्रोटीन होता है तो वह कार्बोहाइड्रेट के अवशोषित होने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है जिसकी वजह से उनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो जाता है। उदाहरण के तौर पर क्रिस्प्स में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है जबकि बिना फैट के आलू को कुक करके रखें तो उसका GI ज्यादा होता है। हालांकि क्रिस्प में फैट की मात्रा ज्यादा होती है और उनका सेवन लिमिट में ही करना चाहिए।

अगर आप केवल लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली डाइट का सेवन करते हैं तो आपकी डाइट अधूरी रहती है क्योंकि ऐसा करने से आप काफी सारे पौष्टिक तत्वों से वंचित रह जाते हैं और कई बार तो आप अनहेल्दी फूड भी खा लेते हैं।

क्या लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड का सेवन करने से वजन कम किया जा सकता है?

लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड जो आपके ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं और फिर धीरे-धीरे कम करते हैं, से आपका पेट भरा महसूस होता है। यह आपकी भूख को नियंत्रित कर सकता है और उन लोगों के लिए लाभदायक हो सकता है, जो वजन कम करना चाहते हैं। लेकिन अपनी डाइट में जिन चीजों को शामिल कर रहे हैं उन्हें केवल ग्लाइसेमिक इंडेक्स के आधार पर ही न चुनें, क्योंकि यह अनहेल्दी भी हो सकता है।

क्या डायबिटीज रोगी के लिए सही है लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड?

लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभदायक होता है। इससे उन्हें ब्लड ग्लूकोज लेवल नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। लेकिन आपको खाने से पहले केवल GI ही नहीं बल्कि वह चीज आपको कितना पोषण प्रदान कर रही है यह भी जान लेना चाहिए।

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