
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr Abhijit Borse
Pollution Heart Attack
Is Heart Attack Caused Due to Pollution in Children : बढ़ता प्रदूषण न सिर्फ हमारे वातावरण को खराब कर रहा है बल्कि ये हमारी हेल्थ के लिए एक बहुत सीरियस मुद्दा बन गया है। पिछले कुछ समय से हम सब पढ़ रहे हैं कि प्रदूषण अपने चरम पर है जिससे श्वास संबंधी कई बीमारियां बढ़ चुकी हैं। रिपोर्ट्स साफतौर पर दावा कर रही हैं कि बढ़ते प्रदूषण के चलते बच्चों में भी कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का रिस्क बढ़ गया है। मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में डॉक्टर अभिजीत बोरसे आज हमें विस्तार से बताएंगे कि पल्यूशन कैसे बच्चों में हार्ट की बीमारियों को बढ़ा रहा है।
क्योंकि छोटे बच्चों के लगभग सभी अंग विकासशील स्टेज में होते हैं, यानि कि बच्चों के अंग उनकी उम्र के साथ मेच्योर होते रहते हैं ऐसे में उन्हें प्रदूषण ज्यादा प्रभावित करता है। साथ ही बच्चों के वजन के कारण भी वो ज्यादा ऑक्सीजन लेते हैं जो अगर सही नहीं है तो उनके फेफड़ों पर सीधा डालती है। पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂), सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), और ग्राउंड-लेवल ओजोन (O₃) जैसे प्रदूषक फेफड़ों और रक्तप्रवाह में गहराई तक प्रवेश करते हैं और सूजन पैदा करते हैं। डॉक्टर के अनुसार ये सूजन बच्चों में हृदय संबंधी बीमारियों का कारणबनती है।
अध्ययनों से पता चलता है कि उच्च स्तर के वायु प्रदूषण के संपर्क में आने वाले बच्चों में हार्ट डैमेज के निम्न लक्षण दिख सकते हैं:
जब छोटे बच्चे लगातार प्रदूषण के संपर्क में रहते हैं तो इसका असर उनकी हेल्थ पर तुरंत नहीं दिखता है। हालांकि, प्रदूषक तत्व शुरुआत से ही बच्चों के अंगों को डैमेज करना शुरू कर देते हैं, जो उच्च रक्तचाप, एथेरोस्क्लेरोसिस और यहां तक कि हार्ट फेलियर जैसी स्थितियों की नींव रखती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि वायु प्रदूषण विश्व स्तर पर लाखों समय से पहले होने वाली मौतों में योगदान देता है, और इस संकट से निपटना भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
शहरी क्षेत्रों या औद्योगिक क्षेत्रों के पास रहने वाले बच्चों को प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण ज्यादा खतरा रहता है। सामाजिक आर्थिक कारक भी भूमिका निभाते हैं; सीमित संसाधनों वाले परिवार जोखिम को कम करने या स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच पाने में असमर्थ हो सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी असमानताएं बढ़ सकती हैं।
बच्चों के हृदय स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के प्रभाव से निपटने के लिए निम्न कदम जरूर उठाए जाने चाहिए:
वायु प्रदूषण और बच्चों के हृदय स्वास्थ्य के बीच का संबंध पर्यावरण के साथ हो रहे अन्याय और बढ़ती परेशानी की ओर इशारा करता है। प्रदूषण से बच्चों के हार्ट को बचाना न सिर्फ एक चिकित्सीय आवश्यकता है बल्कि एक नैतिक अनिवार्यता भी है। स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण को प्राथमिकता देकर, हम अपने बच्चों और धरती के भविष्य की रक्षा कर सकते हैं।