
डॉ. आशीष आचार्य
Sir Ganga Ram Hospital, नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ऑर्थोपेडिक्स एवं स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. आशीष आचार्य (Dr. Ashis Acharya) ... Read More
Written By: Dr Ashis Acharya | Published : May 10, 2026 6:41 PM IST
मसाज चेयर का इस्तेमाल पीठ के लिए नुकसानदायक होता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आराम भी अब सिर्फ एक क्लिक की दूरी पर है। हम आराम को एक क्लिक की दूरी पर इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि पहले लोग घर पहुंचने के बाद एसी चलाकर बैठते थे, लेकिन अब आराम फरमाने के लिए शहरी घरों में मसाज चेयर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऑफिस में घंटों तक काम करने के बाद शरीर की थकान को उतारने के लिए लोग मसाज चेयर का यूज कर रहे हैं। घरों, स्पा सेंटरों, मॉल और एयरपोर्ट लाउंज तक में ये आराम देने वाली मशीनें (मसाज चेयर) आपको आसानी से मिल जाएगी। जैसे ही आप मसाज चेयर पर बैठते हैं और डीप टिश्यू मोड को ऑन कर देते हैं। कुछ ही मिनटों में मशीन के रोलर आपकी पीठ और गर्दन को दबाने लगते हैं। शुरुआत में यह बेहद आरामदायक महसूस होता है, जैसे शरीर की सारी थकान खत्म हो रही हो।
लेकिन यही आराम कई बार शरीर के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। मसाज चेयर के इस्तेमाल करने से गलत जगह पर दबाव पड़ने से रीढ़ की हड्डी पर असर पड़ सकता है, मांसपेशियों में सूजन बढ़ सकती है और नसों पर दबाव भी आ सकता है।
मसाज चेयर आराम जरूर देती है, लेकिन आपको इस बात को समझना होगा कि यह कोई डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट नहीं है। इसे आपकी मेडिकल हिस्ट्री, दर्द का कारण या शरीर की स्थिति के बारे में कुछ पता नहीं होता है। यह मशीन पहले से तय प्रोग्राम के अनुसार दबाव डालती है। यही सबसे बड़ा खतरा है। जिन लोगों को पहले से स्लिप डिस्क, साइटिका, नसों में दर्द, मांसपेशियों की सूजन या रीढ़ की समस्या होती है, उनके लिए मसाज चेयर कई बार परेशानी बढ़ा सकती है।
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मसाज चेयर पर जब आप बैठते हैं और आराम फरमाने की कोशिश करते हैं और इस दौरान गलत हिस्सों पर दबाव पड़ जाए तो आपको नीचे बताई गई परेशानियां हो सकती हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः
आजकल कई लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय मसाज चेयर को ही इलाज मान लेते हैं। थोड़ी देर का आराम मिलने के बाद वे असली समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। यही आदत लंबे समय में गंभीर परेशानी पैदा कर सकती है। क्योंकि दर्द का कारण खत्म नहीं होता, सिर्फ कुछ समय के लिए दब जाता है।
मसाज चेयर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है और एंडोर्फिन रिलीज करती है, जिससे थोड़ी देर के लिए अच्छा महसूस होता है। लेकिन यह राहत अस्थायी होती है। जैसे ही मसाज खत्म होती है, शरीर फिर उसी तनाव की स्थिति में लौट आता है। कई बार दर्द पहले से ज्यादा महसूस होने लगता है। अगर बार-बार मसाज चेयर का इस्तेमाल किया जाए, तो मांसपेशियां उस दबाव को सहने की आदत हो जाती हैं और जब आप इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं तो दर्द ज्यादा होने लगता है। कई मामलों में शरीर का एक हिस्सा ज्यादा ढीला और दूसरा ज्यादा टाइट हो जाता है, जिससे पोस्चर खराब होने लगता है।
कई लोग मानते हैं कि ज्यादा तेज मसाज ज्यादा फायदेमंद होती है, जबकि सच्चाई इसके उलट हो सकती है। हाई-इंटेंसिटी मोड के कारण रीढ़ की हड्डियों पर दबाव डाल सकता है। इससे लिगामेंट्स को नुकसान पहुंचा सकता है और नसों में जलन पैदा हो सकती हैय़।
एक अनुभवी मसाज थेरेपिस्ट आपके शरीर के संकेतों को समझ सकता है। वह आपके दर्द, सांसों की गति, मांसपेशियों की स्थिति और प्रतिक्रिया के अनुसार दबाव कम या ज्यादा करता है। लेकिन मसाज चेयर सिर्फ एक एल्गोरिदम पर काम करती है। उसे यह नहीं पता कि आपके शरीर को कितनी और किस तरह की मसाज की जरूरत है।
ऐसा नहीं है कि मसाज चेयर पूरी तरह खराब हैं। अगर सही तरीके और सीमित समय तक इस्तेमाल किया जाए, तो ये तनाव कम करने और थोड़ी राहत देने में मदद कर सकती हैं। ऑफिस की थकान को दूर करने के लिए अगर आप मसाज चेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो एक दिन में 10 से 15 मिनट से ज्यादा इस्तेमाल न करें। मसाज चेयर पर हमेशा
लो या मीडियम इंटेंसिटी मोड चुनें। मसाज के साथ स्ट्रेचिंग और सही पोस्चर पर भी ध्यान दें। घंटों पर बैठने के कारण आपके कमर और पीठ में दर्द हो रहा है तो इस विषय पर अपने डॉक्टर से बात करें।
Disclaimer: मसाज चेयर आराम देने वाला एक आधुनिक साधन जरूर है, लेकिन इसे इलाज समझना बड़ी गलती हो सकती है। शरीर को सिर्फ मशीनों से नहीं, बल्कि सही देखभाल, संतुलन और समझ की जरूरत होती है। अगर सोच-समझकर इस्तेमाल किया जाए तो मसाज चेयर फायदेमंद हो सकती है, लेकिन बिना जानकारी और जरूरत से ज्यादा उपयोग आपकी पीठ और रीढ़ के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है।