World Asthma day: क्या सच में अस्थमा के इनहेलर नुकसानदायक होते हैं? एक्सपर्ट्स से जानें

विश्व अस्थमा दिवस पर रेस्पिरेटरी मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. विनी कांतरू ने इनहेलर्स को लेकर कुछ जरूरी बात की और बताया कि किस तरह लोग गलत जानकारी के कारण अस्थमा इनहेलर्स को नुकसानदायक समझने लगते हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 5, 2026 6:42 PM IST

हमारे देश में बीमारियों को लेकर लोगों को बहुत कन्फ्यूजन रहती है और बीमारियों के बारे में तो हो सकता है थोड़ी बहुत जानकारी भी हो लेकिन उनके इलाज को लेकर लोगों की कन्फ्यूजन अक्सर बहुत ज्यादा होती है। अस्थमा भी ऐसी ही एक समस्या है, जो आजकल प्रदूषण और धूल-मिट्टी को देखते हुए लोगों में आम होती जा रही है, लेकिन फिर भी लोगों को इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। उसके बाद अस्थमा का ट्रीटमेंट आज भी लोगों को कंफ्यूज कर रहा है। ज्यादातर लोगों को आज तक भी यह पता नहीं है कि अस्थमा का कोई परमानेंट इलाज नहीं है, बस सावधानियां व परहेज रख कर उनसे बचा जा सकता है। साथ-साथ अस्थमा के ट्रीटमेंट में उबलब्ध दवाएं व इनहेलर्स की मदद से भी अस्थमा के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। लेकिन देखा गया है कि कुछ लोग इनहेलर्स को भी नुकसानदायक मानते हैं, कुछ लोग कहते हैं कि फिर अस्थमा की आदत पड़ जाती है तो कुछ लोग कहते हैं कि ये इनहेलर्स शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाते हैं। दिल्ली के Indraprastha Apollo Hospital में सीनियर कंसल्टेंट और रेस्पिरेटरी मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. विनी कांतरू ने इस बारे में वीडियो शेयर करते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

क्या इनहेलर स्टेरॉयड होते हैं

अक्सर देखा जाता है कि लोगों के मन में यह सवाल होता है कि अस्थमा के इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले इन इनहेलर में स्टेरॉयड्स होते हैं। इसपर डॉ. विनी कांतरू ने बताया कि यह सच है कि इनहेलर में स्टेरॉयड्स होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ये आपकी हेल्थ को नुकसान ही पहुंचाएंगे। दरअसल, ये स्टेरॉयड्स आपकी श्वास नली पर ही एक्ट करते हैं और आपके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इस स्टेरॉयड इनहेलर का बहुत ही कम हिस्सा (0.3 से 0.5 फीसद) हिस्सा ही आपके शरीर के अंदर अवशोषित होता है। इतनी कम मात्रा में इन स्टेरॉयड का असर आपके शरीर पर लगभग न के बराबर ही होता है।

इनहेलर्स को न लेना पड़ सकता है भारी

इनहेलर्स तो स्टेरॉयड्स हैं और कहीं न कहीं आपकी हेल्थ को नुकसान पहुंचाते ही होंगे, अगर आप ये सोचकर इनहेलर्स को लेना बंद कर देते हैं तो उससे कहीं ज्यादा नुकसान आपके शरीर को उठाना पड़ सकता है। यहां तक कि अगर अस्थमा के मरीज इनहेलर्स को लेना बंद कर देते हैं, तो इससे गंभीर अस्थमा अटैक भी आ सकता है।

what happens when you stop taking asthma inhalers (This image is generated by chatgpt)

ठीक महसूस होने पर इनहेलर्स लेना बंद कर देना

डॉ. विनी ने बताया कि अक्सर देखा गया है कि अस्थमा के मरीज जब दवाएं आदि लेने के बाद अच्छा महसूस करने लग जाते हैं और उन्हें किसी प्रकार का लक्षण महसूस नहीं होता है तो वे इनहेलर्स का इस्तेमाल करना भी बंद कर देते हैं। दवाएं लेने से सांस लेने की नलियों की सूजन व लालिमा कम हो जाती है, जिससे श्वसन से जुड़ी समस्याएं नहीं होती हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप इनहेलर्स का इस्तेमाल करना ही बंद कर दें।

सीजनल अस्थमा के मरीजों में हो सकता है कि इसके बाद कोई बड़ी परेशानी न हो, लेकिन जिन्हें हर मौसम में अस्थमा की समस्या रहती है उनके लिए इनहेलर्स का इस्तेमाल अचानक बंद करना काफी बड़ी समस्या बन सकती है। क्योंकि उन्हें अस्थमा के लक्षण फिर से होने लगते हैं और श्वसन मार्गों में सूजन व लालिमा फिर से आने लगती है -

  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • सांस फूलना
  • घरघराहट होना
  • थकान रहना
  • कमजोरी महसूस होना

इनहेलर्स लेने के कारण मरीज के अस्थमा के लक्षण फिर से गंभीर होने लगते हैं और मरीज को यहां तक कि अपनी दिनचर्या के कार्य भी परेशानी होने लगती है। इतना ही नहीं अगर ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द इनहेलर्स का इस्तेमाल करना शुरू न किया जाए तो लक्षण और गंभीर हो जाते हैं और कई बार जानलेवा स्थिति भी पैदा हो सकती है।

asthma-inhalers-myths (This image is generated by chatgpt)

अस्थमा को कंट्रोल कैसे करना चाहिए

अगर आपको अस्थमा है और आप उसे कंट्रोल रखना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको अस्थमा की दवाओं के महत्व को समझना होगा और अपने डॉक्टर से पूछे बिना आप दवाएं दवाएं या इनहेलर्स लेना बंद न करें और न ही दवाओं या उनकी खुराक को बदलें। इसके अलावा भी कुछ चीजों का ध्यान रख सकते हैं जैसे -

  • खाने-पीने की ठंडी चीजों का सेवन न करें जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स या फिर कोई भी फ्रिज में रखी चीज
  • धूल-मिट्टी के संपर्क में आने से बचें और अगर आपको बाहर जाना है तो मास्क आदि का इस्तेमाल करें
  • अगर आप किसी प्रदूषण वाले शहर में रहते हैं, तो भी घर से बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें
  • घर के अंदर ही हवा को साफ रखें और आप चाहें तो एयर प्योरिफायर भी लगा सकते हैं।
  • सेडेंटरी लाइफस्टाइल भी अस्थमा को बढ़ाता है और इसलिए रोजाना थोड़ा-बहुत एक्सरसाइज करना भी बेहद जरूरी है

इसके अलावा अस्थमा को कंट्रोल करने के लिए वैक्सीन भी ली जा सकती है, जो आमतौर पर 6 महीने से लेकर 65 साल या उससे ज्यादा की उम्र के लोगों में भी इस्तेमाल की जा सकती है। ये वैक्सीन वायरल इन्फेक्शन को कम करती है, जिससे आपको अस्थमा कंट्रोल करके रखने में काफी मदद मिलती है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य सिर्फ अस्थमा से संबंधित समस्याओं और इनहेलर्स के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी देना है और इसमें जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

अस्थमा का सबसे अच्छा इलाज क्या है?

अस्थमा का सबसे सफल इलाज इनहेलर्स और निवारक दवाओं का सही समय पर उपयोग है, जो साँस के मार्ग की सूजन को कम करते हैं।

शहरी इलाकों में अस्थमा क्यों होता है?

शहरी इलाकों में अस्थमा (Asthma) के प्रमुख कारणों में उच्च वायु प्रदूषण (वाहनों का धुआं, धूल, निर्माण), कम हरित क्षेत्र, भीड़भाड़ वाले आवास में धूल के कण, फफूंद (mold), और पालतू जानवरों की एलर्जी शामिल हैं।

अस्थमा होने का मुख्य कारण क्या है?

अस्थमा के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें राइनोसिनुसाइटिस, एलर्जी, जलन पैदा करने वाले पदार्थ, दवाएं (जैसे एस्पिरिन से होने वाली श्वसन संबंधी बीमारी में एस्पिरिन), और मोटापा शामिल हैं।

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