एंग्जायटी और डिप्रेशन में अंतर कैसे पहचानें? इन 5 तरीकों से समझें आपको है कौन सी मानसिक स्थिति

अक्सर लोग सामान्य उदासी और निराशा को भी डिप्रेशन समझ लेते हैं। इस लेख में जानें एंग्जायटी और डिप्रेशन में अंतर पहचानने के आसान तरीके।

एंग्जायटी और डिप्रेशन में अंतर कैसे पहचानें? इन 5 तरीकों से समझें आपको है कौन सी मानसिक स्थिति

Written by Atul Modi |Published : December 1, 2023 1:43 PM IST

हम में से ज्यादातर लोगों में आए दिन एंग्जायटी और तनाव जैसी स्थितियों का सामना करते हैं। लेकिन अक्सर हम देखते हैं कि लोग सामान्य उदासी और तनाव को एंग्जयटी को कभी-कभी अवसाद यानी डिप्रेशन समझ लेते हैं। जबकि एंग्जायटी और डिप्रेशन, दोनों ही बिल्कुल अलग स्थितियां हैं। हालांकि, दोनों ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर स्थितियां हैं। आमतौर पर दोनों ही स्थितियां साथ में देखने को मिलती हैं। यह देखा गया है कि एंग्जयटी से पीड़ित 60% लोगों में डिप्रेशन विकसित होने की संभावना रहती है। हालांकि, हमेशा ऐसा नहीं होता है। लेकिन अक्सर लोगों के साथ यह समस्या देखने को मिलती है कि वह अपनी उदासी के लिए जिम्मेदार कारण को समझ नहीं पाते हैं।  वह यह नहीं समझ पाते हैं कि उनकी उदासी का कारण एंग्जायटी है या डिप्रेशन? क्योंकि दोनों को अलग-अलग बताना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसमें आपकी मदद करने के लिए हम यहां हैं। आपको बता दें कि दोनों ही मानसिक स्थितियां होने पर कई संकेत और लक्षण देखने को मिलते हैं और दोनों के ही लक्षण अलग-अलग होते हैं। हालांकि, कई लक्षण दोनें ही स्थितियों में समान देखन को भी मिल सकते हैं। अगर आप भी अक्सर उदास रहते हैं और कंफ्यूज हैं कि आपकी उदासी का कारण एंग्जायटी है या डिप्रेशन, तो इस लेख में हम आपको दोनों में अंतर पहचानने के लिए कुछ सरल तरीके बता रहे हैं....

एंग्जायटी और डिप्रेशन में अंतर पहचानने  के तरीके -  Ways To Distinguish Between Depression and Anxiety

प्रसार

डिप्रेशन की तुलना में एंग्जायटी की समस्या लोगों में अधिक देखने को मिलती है। एंग्जायटी के मामले असवाद से लगभग दोगाना अधिक सामने आते हैं। इसलिए उदासी और निराशा होने पर पहले एंग्जायटी पर ध्यान देना चाहिए।

खतरा

दोनों ही स्थितियां पुरुषों की तुलना में अधिक देखने को मिलती है। महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स के स्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। इसलिए महिलाओं में इनका खतरा दोगुना होता है। इसलिए अगर कोई महिला उदासी और निराशा की भावना नोटिस करती है, तो उसे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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लक्षण

एंग्जायटी होने पर व्यक्ति को बेचैनी, चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, चिंता जैसी भावनाएं। वहीं अवसाद से पीड़ित लोगेों में उदासी और निराशा जैसी स्थितियां देखने को मिलती हैं। हालांकि कुछ लक्षण दोनों में समान देखने को मिल सल सकते हैं जैसे नींद से जुड़ी समस्याएं और बिना किसी कारण शरीर में दर्द। कभी-कभी एंग्जायटी डिप्रेशन का लक्षण भी हो सकता है।

विकास

दोनों ही स्थितियां अलग-अलग उम्र में लोगों को प्रभावित करती है। अक्सर पहले एंग्जायटी की शुरुआत लोगों में पहले होती है। यह टीनएज और इससे पहले लोगों में बहुत आम है।

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आत्महत्या का खतरा

दोनों ही मानसिक स्थितियों में आत्महत्या की भावना एक घातक लक्षण है। आत्महत्या का जोखिम अवसाद से पीड़ित लोगों में अधिक होता है। अगर किसी व्यक्ति के मन में आत्महत्या के विचार आते हैं, तो ऐसे में उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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