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Anushka Sharma Health: प्रेग्नेंट अनुष्का शर्मा को है ये बीमारी, रखना होगा खास ख्याल वरना डिलीवरी के समय बढ़ सकती हैं मुश्किलें।©instagram/anushkasharma
Anushka Sharma's Bulging Disc: एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) इस महीने किसी भी दिन खुशखबरी सुना सकती हैं, क्योंकि उनकी प्रेग्नेंसी की डिलीवरी डेट इसी महीने है। आए दिन अनुष्का अपने पति क्रिकेटर विराट कोहली के साथ आउटिंग करते नजर आ जाती हैं। इतना ही नहीं, प्रेग्नेंसी के 9वें दिन भी बेफ्रिक होकर ट्रेडमिल पर एक्सरसाइज करती नजर आई थीं। हालांकि, अनुष्का शर्मा एक ऐसी शारीरिक समस्या से पीड़ित हैं, जो उनकी प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के समय मुश्किल भी खड़ी कर सकता है। शायद इसी कारण से इन दिनों एक्ट्रेस अनुष्का अपने डॉक्टर्स के संपर्क में भी लगातार हैं। शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि अनुष्का को एक ऐसी बीमारी है, जो काफी तकलीफदायक है। इस बीमारी को ''बल्जिंग डिस्क'' (Bulging Disc) कहते हैं। आखिर क्या है ''बल्जिंग डिस्क'' जिससे अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma suffering from Bulging Disc) हैं पीड़ित और डिलीवरी के समय इससे क्या-क्या समस्याएं आ सकती हैं, जानते हैं सबकुछ...
बल्जिंग डिस्क (Anushka Sharma's Bulging Disc) रोग तब होता, जब आपकी जीवनशैली बेहद खराब हो। तो क्या अनुष्का शर्मा की लाइफस्टाइल बेहद खराब थी? खैर, इस बात का जवाब तो वही दे सकती हैं। कई बार अधिक फीजियोथेरेपी सेशन लेने से भी यह समस्या हो सकती है। गलत तरीके से बैठने, रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ने आदि के कारण भी बल्जिंग डिस्क की समस्या हो सकती है। दरअसल, रीढ़ की हड्डियों से इस बीमारी की शुरुआत होती है और फिर दूसरे अंगों को भी प्रभावित करने लगती है। इससे दर्द हर जगह महसूस होने लगता है। आजकल लोगों की दिनचर्या, लगातार बैठकर काम करने की आदत से यह बीमारी कॉमन होती जा रही है।
बल्जिंग डिस्क (Bulging Disc in hindi) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें इंटरवर्टेब्रल डिस्क का आंतरिक भाग डिस्क की बाहरी दीवार से फैलने लगता है। इंटरवर्टेब्रल डिस्क (Intervertebral discs) प्रत्येक वरटेब्रा के बीच शॉक-एब्जॉर्बिंग संरचनाएं हैं। डिस्क में एक मोटी बाहरी परत होती है, जो एक नर्म, जेल जैसे केंद्र से घिरी होती है। बल्जिंग डिस्क, हर्नियेटेड डिस्क का कारण बन सकता है। बल्जिंग डिस्क की समस्या तब होती है, जब फैलाव या उभार आसपास की नर्व रूट्स पर दबाव डालती है, जिससे दर्द होता है और रीढ़ की हड्डी से होते हुए नीचे के भाग या शरीर के अन्य भागों में भी बढ़ने लगता है।
एक्सपर्ट की राय में, जो लोग लगातार एक ही जगह बैठकर काम करते रहते हैं, उनमें बल्जिंग डिस्क की समस्या अधिक होती है। ऐसा करने से नर्वस सिस्टम पर नकारात्मक असर पड़ता है। शरीर में दिनरात दर्द भी रहने लगता है। इस बीमारी का असर हर्नियेटेड डिस्क पर निर्भर करता है। यदि हर्नियेटेड डिस्क (Herniated disc) लोअर बैक में है, तो आपको जांघों और नितंबों में सबसे ज्यादा दर्द होगा और हर्नियेटेड डिस्क गर्दन में है, तो आपको कंधे और हाथों में दर्द महसूस होगा।
अनुष्का शर्मा को है बल्जिंग डिस्क, जानें क्या है यह बीमारी?
हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं।
झनझनाहट महसूस होना।
मांसपेशियों में कमजोरी महसूस करना।
दर्द वाली जगह को हिलाने-डुलाने में समस्या होना।
नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
लगातार बैठकर काम करने से बचें।
रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
डिस्क और रीढ़ की हड्डियों पर दबाव ना डालें।
बढ़ते वजन को करें कंट्रोल।
एक्टिव रहें।
वॉकिंग, स्विमिंग और योग करें।