hamburger icon
A
Read in English

टीवी के इस जाने-माने एक्टर को है कलर ब्लाइंडनेस, जानिए क्या है ये बीमारी और कैसे होता है इसका इलाज

अभिनेता गौरव खन्ना (Actor Gaurav Khanna) ने अपनी प्राइवेट लाइफ से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। गौरव ने बताया कि उन्हें कलर ब्लाइंडनेस है।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 28, 2025 9:43 PM IST

फेमस टीवी स्टार गौरव खन्ना ने खुलासा किया है कि उन्हें कलर ब्लाइंडनेस (Actor Gaurav Khanna Color Blindness) है। टीवी सीरियल अनुपमा (Anupama) में अपने किरदार अनुज कपाड़िया (Anuj Kapadia) के लिए घर-घर में पहचान पाने वाले गौरव खन्ना इन दिनों एक कुकिंग रियलिटी शो में हिस्सा ले रहे हैं। इस सेलिब्रिटी मास्टरशेफ शो (Celebrity masterchef) में शेफ रणवीर ब्रार (Chef Ranveer Brar) और शेफ कुनाल कपूर (Chef Kunal Kapoor) के अलावा फराह खान (Farah Khan) भी बतौर जज दिखायी दे रही हैं। गौरव खन्ना ने कुछ दिनों पहले भी इसी शो पर एक एपिसोड में एक स्पेशल डिश बनायी और उसी दौरान उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें कुछ रंगों को पहचान पाने में बहुत दिक्कत आती है क्योंकि उन्हें कलर ब्लाइंडनेस (Gaurav Khanna admits he has color blindness) है।

क्या है कलर ब्लाइंडनेस- What is color blindness?

कलर ब्लाइंडनेस एक ऐसी स्थिति है जिसमें लोगों को किसी वस्तु के सही रंग को देखने और पहचान पाने में दिक्कत होती है। इस वजह से उनके लिए अपने लिए किसी सही रंग की चीज का चयन कर पाना मुश्किल हो सकता है। कलर ब्लाइंडनेस से परेशान लोगों को ठीक तरीके से पढ़ पाने में भी दिक्कत (reading related problems) आ सकती है। डॉक्टरी भाषा में कलर ब्लाइंडनेस को कलर विजन डेफिशियेंसी (Color Vision Deficiency) भी कहा जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार आंखों में फोटोरिसेप्टर (Photoreceptors) सेल्स की कमी के कारण लोगों को कलर ब्लाइंडनेस हो सकती (color blindness causes) है।

कलर ब्लाइंडनेस के लक्षण क्या हैं?- What are the causes of color blindness?

  • एक ही रंग के अलग-अलग शेड्स को पहचान पाने में दिक्कत आना
  • विशेष तौर पर लाल और हरे रंग का अंतर (difference between red and green colors) ना समझ पाना
  • रंगीन कागजों को पहचानने और उनपर लिखे गए रंगीन अक्षरों को पढ़ ना पाना।
  • एक ओर से दूसरी तरफ तेजी से जाने वाली चीज को देख पाने में दिक्कत
  • रोशनी या बल्ब को देखते ही आंखों में परेशानी होना

क्या है कलर ब्लाइंडनेस का इलाज- Treatment of color blindness

अगर किसी व्यक्ति को जेनेटिक्स या पारिवारिक कारणों से कलर ब्लाइंडनेस की समस्या होती है तो इसका कोई इलाज नहीं हो सकता है। हालांकि, अगर किसी को अन्य कारणों के चलते धीरे-धीरे कलर ब्लाइंडनेस की बीमारी होती है तो इस बीमारी के ठीक होने के कुछ चांस जरूर हैं। जैसे कुछ दवाओं के साइड-इफेक्ट के तौर पर भी कलर ब्लाइंडनेस हो सकती है। इसीलिए, उन दवाओं का सेवन बंद करने से भी कलर ब्लाइंडनेस ठीक हो सकता है। इसी तरह कलर ब्लाइंडनेस के ट्रीटमेंट के लिए ये तरीके अपनाए जा सकते हैं-

  • फिल्टर किए गए चश्मे पहनना
  • ऐसे गैजेट का इस्तेमाल करना जिनसे रंगों को पहचानने में मदद हो

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।