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फंगल इंफेक्शन की दवा कर सकती है लिवर खराब. ©pixabay
मानसून के मौसम में बारिश की वजह से अक्सर लोगों को फंगल इंफेक्शन हो जाता है. फंगल इंफेक्शन होने के बाद लोग डॉक्टर से एंटी फंगल (Antifungal Medicines) की दवा ले लेते हैं. कई बार मरीज लगातार इन दवाओं का सेवन करते रहते हैं. फंगल इंफेक्शन की वजह से जिन लोगों को दाद या खाज जैसी बीमारी होती है उनको लगता है, दवाओं का सेवन (Antifungal Medicines) जब तक ठीक नहीं होता है तब तक करना है. लेकिन कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो यह खतरनाक है.
दवाओं के एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फंगल इंफेक्शन की दवा कई दिनों तक लगातार खाने से लिवर इंफेक्टेड हो सकता है. क्योंकि ऐसा कई मरीजों में देखा गया है कि दाद की दवा खाने के बाद लिवर की परेशानी लेकर अस्पताल पहुंचते हैं.
इस बारे में डॉक्टर्स मानते हैं कि एंटी फंगल दवा का सेवन चार सप्ताह से अधिक नहीं करना चाहिए. अगर मरीज इससे अधिक दवा का सेवन करता है तो उसे लिवर फंक्शन टेस्ट जरूर कराना चाहिए. एलएफटी टेस्ट कराने से पता चल जाता है कि इन दवाओं का असर लिवर फंक्शन पर तो नहीं पड़ रहा है.
इस बारे में एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जरूरत से ज्यादा समय तक फंगल इंफेक्शन की दवा (Antifungal Medicines) खाने से पीलिया भी हो सकता है. क्योंकि फंगल इंफेक्शन की दवा से लिवर फंक्शन ठीक से काम नहीं करता है और इंसान को पीलिया की बीमारी हो जाती है.
लिवर की बीमारी से बचने के लिए दवाओं का सेवन जरूरत से अधिक समय तक नहीं करना चाहिए. दाद-खाज की परेशानी से बचने के लिए अपनी डाइट में ऐसे फूड शामिल करना चाहिए जो फंगल इंफेक्शन से लड़ने का काम करते हैं.
इसके अलावा मानसून में साफ-सफाई के साथ शरीर में नमी को दूर करते रहना चाहिए. शरीर की ठीक से सफाई आपको दाद-खाज की बीमारी से बचाती है.