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angry people overestimate their intelligence
हाल ही में हुए एक शोध में यह खुलासा हुआ है कि गुस्से वाले लोग अपने आप को जितना स्मार्ट और इंटेलीजेंट समझते हैं उतना वे होते नहीं हैं। जबकि शांत दिमाग वाले लोग उनसे ज्यादा बुद्धिमान होते हैं।
गुस्सा शरीर और मस्तिष्क पर विपरीत प्रभाव डालता है। जिसके चलते शारीरिक स्वास्थ्य तो खराब होता ही है, मानसिक स्वास्थ्य भी बहुत दिनों तक अच्छा नहीं रह पाता।
क्या कहता है शोध
हाल ही में हुए शोध के अनुसार वैज्ञानिकों ने पाया कि गुस्सा न केवल मानसिक रूप से परेशान करता है बल्कि कई बार जीवन की चुनौतियां भी बढ़ा देता है। शोधकर्ताओं ने उन लोगों के जीवन को ज्यादा सहज पाया जो कूल माइंडेड थे।
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यह है दावा
गुस्सा धीरे-धीरे उनकी सतर्कता और कंसंट्रेशन लेवल को भी खराब कर देता है। जिससे उन्हें लगता है कि वे सबसे ज्यादा समझदार हैं। जबकि ऐसा होता नहीं है। वैज्ञानिकों का दावा है कि गुस्से वाले लोग अक्सर उतने स्मार्ट नहीं होते जितना वे खुद को मानते हैं। शोध से पता चला कि वे आम तौर पर शांत लोगों की तुलना में अपने आप को ही ज्यादा महत्व देते हैं।
यूं करता है नुकसान
थोड़ी सी अवधि का गुस्सा भी किसी बड़े नरसंहार की तरह काम करता है। इस प्रवृत्ति के लोग किसी भी संबंध में बहुत ज्यादा समय तक नहीं रह पाते। उन्हें लगता है कि जो वे कर रहे हैं वही ठीक है। वे दूसरों को डोमिनेट करना चाहते हैं, जिससे उनमें अकेलापन और अवसाद भी बढ़ जाता है।
चित्रस्रोत-Shutterstock.