शांभवी मुद्रा : डिजिटल दुनिया में जानिए क्‍यों जरूरी है यह खास योग

डिजिटल दुु‍निया में आंखों, मस्तिष्‍क, मेमोरी, ध्‍यान, फोकस संबंधी विकारों का सामना करना पड़ सकता है। इससे बचे रहने के लिए जरूरी है कि आप शांभवी मुद्रा का अभ्‍यास शुरू कर दें।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 20, 2019 8:57 AM IST

अगर आप दिन भर कंप्‍यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्‍य डिजिटल गैजेट्स के साथ रहते हैं तो आपको आंखों, मस्तिष्‍क, मेमोरी, ध्‍यान, फोकस संबंधी विकारों का सामना करना पड़ सकता है। इससे बचे रहने के लिए जरूरी है कि आप इस खास योग शांभवी मुद्रा (Shambhavi Mudra) का अभ्‍यास शुरू कर दें। यह एक कठिन किंतु जरूरी योग मुद्रा है।

क्‍या है शांभवी मुद्रा (Shambhavi Mudra)

मां दुर्गा का एक नाम शांभवी भी है। वह जो अचेतन को भी चेतन कर सकती है। इन्‍हीं के नाम पर बना है शांभवी मुद्रा योग। यह योग मुद्रा मन को एकाग्रचित करने के साथ ही आंखों में मौजूद विकार भी दूर करता है।

शांभवी मुद्रा योग (Shambhavi Mudra)

योगा जगत में शांभवी मुद्रा आसन की खास जगह है। असल में शांभवी मुद्रा आसन मेडिटेशन के दौरान किया जाता है जो कि मन और मस्तिष्क को शांत करने में कारगर भूमिका निभाता है। इस मुद्रा की खास बात यह है कि इसके तहत आपकी आंखें खुली रहती हैं, लेकिन फिर भी आप कुछ देख नहीं पाती। वास्तव में योगाचार्यों के मुताबिक यह मुद्रा एक कठिन साधना की तरह होता है।

शांभवी मुद्रा की विधि (Shambhavi Mudra)

  • ध्यान के आसन में बैठें और अपनी पीठ सीधी रखें।
  • आपके कंधे और हाथ बिलकुल ढीली अवस्था में होने चाहिए।
  • इसके बाद हाथों को घुटनों पर चिंमुद्रा, ज्ञान मुद्रा या फिर योग मुद्रा में रखें। आप सामने की ओर किसी एक बिंदु पर दृष्टि एकाग्र करें।
  • इसके बाद ऊपर देखने का प्रयास करें। ध्यान रखिए आपका सिर स्थिर रहे। इस बीच आप अपने विचारों को भी नियंत्रित करने की केशिश करें। सिर्फ और सिर्फ ध्यान रखें। इस बीच कुछ न सोचें।
  • शांभवी मुद्र के दौरान आपकी आपकी पलकें झपनी नहीं चाहिए।
  • इस आसन को शुरुआती दिनों में कुछ ही सेकेंड तक करें। यानी जैसे-जैसे आपकी ध्यान लगाने की और अपने विचारों पर नियंत्रण करने की क्षमता में विकास हो, वैसे वैसे इस आसन को करने के समय सीमा भी बढ़ाती रहें। इसे आप अधिकतम 3 से 6 मिनट कर सकते हैं।

शांभवी मुद्रा के लाभ

शांभवी मुद्रा आज्ञा चक्र को जगाने वाली एक शक्तिशाली क्रिया है। आपको बताते चलें कि आज्ञा चक्र निम्न और उच्च चेतना को जोड़ने वाला केंद्र है। इस मुद्रा से आपको शारीरिक लाभ तो हासिल होगा ही इसके अलावा यह मुद्र आपकी आंखों के स्नायुओं को भी मजबूत बनाता है। इतना ही नहीं यह मुद्रा आपके मन और मस्तिष्क को शांत रखता है। अर्थात यदि आप किसी बात से तनाव महसूस करें तो इस मुद्र का मदद से अपने तनाव को कम कर सकती हैं। इसके तहत आंखें खुली रखकर भी व्यक्ति सो रहा होता है और ध्यान का आनंद ले रहा होता है। इसके योग मुद्रा के जरिए आप डिप्रेशन जैसी बीमारी से भी खुद को दूर कर सकती हैं।

सावधानी

योगाचार्य हमेशा इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि आप कोई भी योगा करें, उसे विशेषज्ञों की देखरेख में ही करें। क्योंकि हर योग क्रिया में समय से लेकर मुद्रा तक बहुत महत्वपूर्ण होता है। ठीक ऐसे ही शांभवी मुद्रा के तहत भी है। हालांकि यह अभ्यास बेहद सरल और सुरक्षित है। इस हर उम्र वर्ग की महिला व लड़कियां कर सकती हैं। पुरुषों के लिए भी यह योग मुद्रा काफी लाभदायक है। बावजदू इसके इस आसन को करते समय कुछ सावधानी बरतें। शांभवी मुद्रा के लिए जो चीजें बताई गई हैं, उसे धीरे-धीरे करें। जल्दबाजी करने की कोशिश न करें।

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