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आमिर खान की बेटी 4 साल पहले हुई थीं क्लिनिकल डिप्रेशन की शिकार, इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताई अपनी बात।©instagram/khan.ira
Ira khan Depression in Hindi: आजकल बड़े तो क्या किशोरावस्था में बच्चे भी तनाव (Stress) और डिप्रेशन (Depression) जैसी मानसिक समस्याओं का सामना करने लगे हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे पढ़ाई का प्रेशर, परीक्षा में अच्छे नंबर लाने का स्ट्रेस, दोस्तों या किसी खास से दूरी, बुलिंग, पीयर प्रेशर, कम उम्र में प्रेम प्रसंग में धोखा खाना, पेरेंट्स के बीच लड़ाई-झगड़े, तलाक आदि। तनाव, अवसाद की समस्या हर वर्ग के बच्चों में देखने को आज मिल रही है। बॉलीवुड में भी डिप्रेशन एक बहुत बड़ा मुद्दा है, जो उन्हें अपनी जान लेने को मजबूर कर देता है। हाल ही में एक्टर आमिर खान की बेटी (Ira khan Amir khan's Daughter) ने भी खुलासा किया है कि वे डिप्रेशन (Depression) का शिकार हो चुकी हैं।
आमिर खान की बेटी इरा ने शनिवार को 'विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस' (World Mental Health Day) के मौके पर खुद के डिप्रेशन में होने के अनुभवों के बारे में बताया। शनिवार को इरा ने अपने सत्यापित इंस्टाग्राम अकाउंट (Ira khan instagram) पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया था कि उसने 4 साल तक क्लिनिकल डिप्रेशन (Clinical Depression in hindi) का सामना किया था। इरा, आमिर खान और उनकी पहली पत्नी रीना दत्ता की बेटी (Ira khan Amir khan's Daughter) हैं। इरा का एक भाई जुनैद भी है। इरा के इस कबूलनामे पर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी सोमवार को प्रतिक्रिया दी। कंगना (Kangna Ranut) ने सोमवार को इरा खान के अवसाद (Ira khan Depression) से जूझने की खबर पर प्रतिक्रिया दी थी।
कंगना ने लिखा, "16 साल की उम्र में मुझे शारीरिक हमले का सामना करना पड़ा था। एसिड से जली अपनी बहन की मैंने अकेले देखभाल की थी। मीडिया की नाराजगी का सामना किया। डिप्रेशन के कई कारण (Causes of Depression in hindi) हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर टूटे हुए परिवारों के बच्चों की कई मुश्किलें होती हैं। पारंपरिक परिवार प्रणाली (Traditional family system) बहुत महत्वपूर्ण है।"
क्लिनिकल डिप्रेशन अवसाद (Depression) का सबसे अधिक गंभीर रूप है, जिसे प्रमुख अवसाद (major depression) या मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर के रूप में भी जाना जाता है। यह डिप्रेशन से बिल्कुल अलग होता है। डिप्रेशन होने का कारण किसी प्रियजन की मृत्यु या एक मेडिकल कंडीशन जैसे थाइरॉयड डिसऑर्डर (thyroid disorder) हो सकता है। क्लिनिकल डिप्रेशन की अवस्था में पीड़ित को समय पर इलाज नहीं मिलता, तो वह अपनी जान लेने जैसा घातक कदम भी उठा सकता है।
उदासी, चिंता, खालीपन, निराशा की भावनाएं, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना, चिड़चिड़ापन, सेक्स और पसंदीदा चीजों के प्रति अरुचि, नींद में परेशानी, अधिक या बहुत कम सोना, थकान और ऊर्जा की कमी, बेचैनी, बोलने या शरीर की गतिविधियों में अक्षमता, अपराध की भावनाएं, पिछली विफलताओं या आत्म-दोष, सोचने और ध्यान केंद्रित करने में समस्या महसूस करना, निर्णय लेने और चीजों को याद करने में परेशानी आदि लक्षण नजर आ सकते हैं।
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