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Written By: Anshumala | Published : February 6, 2019 11:08 AM IST
आपका टूथपेस्ट दे सकता है आपको कई गंभीर बीमारियां। © Shutterstock
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में कई बच्चे आधिकारिक तौर पर की गई सिफारिश की तुलना में अधिक टूथपेस्ट का प्रयोग करते हैं। यह रिपोर्ट शुक्रवार को प्रकाशित हुई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने रिपोर्ट के हवाले से कहा, "2013-16 डेटा के विश्लेषण में पाया गया कि तीन से छह साल की उम्र के 38 फीसदी से ज्यादा बच्चे सीडीसी और अन्य पेशेवर संगठनों द्वारा की गई सिफारिश की तुलना में अधिक टूथपेस्ट का प्रयोग करते हैं।"
रिपोर्ट के मुताबिक, तीन से छह साल की उम्र के बच्चों के लिए मटर के आकार जितने टूथपेस्ट की सिफारिश की गई है और जिन बच्चों की उम्र तीन से कम है उनके लिए चावल के आकार जितना टूथपेस्ट प्रयोग करने को कहा गया है।
टूथपेस्ट और नमक से दूर करें ब्लैकहेड्स की समस्या
सीडीसी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के अंतर्गत अमेरिका की एक संघीय एजेंसी है और इसका मुख्यालय जॉर्जिया के अटलांटा में है।
सीडीसी ने यह भी पाया कि तीन से 15 साल की उम्र के करीब 80 फीसदी बच्चें काफी देर से ब्रश करना शुरू करते हैं जबकि उन्हें जन्म के छह महीने बाद ही ब्रश करने की सलाह दी जाती है।
फ्लोराइड का उपयोग दांतों के सड़ने से बचने में मदद कर सकता है लेकिन सीडीसी ने बच्चों से दंत फ्लोरोसिस के संभावित जोखिम को रोकने के लिए दो साल की उम्र में फ्लोराइड टूथपेस्ट का उपयोग शुरू करने की सिफारिश की है।
बच्चों के साथ बड़े भी यदि अधिक टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें कई तरह की शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं।
जानें क्या-क्या बीमारियां हो सकती हैं टूथपेस्ट के अधिक इस्तेमाल से
आप सभी रोजाना टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते होंगे, लेकिन क्या आप यह बात जानते हैं कि टूथपेस्ट का इस्तेमाल कर आप अपने लिए कुछ बीमारियां मोल लें रहे हैं। टूथपेस्ट हमारे दांतों के साथ-साथ कई और बीमारियों के लिए भी जिम्मेदार होता है। दरअसल, जब हम टूथपेस्ट को बाहर निकालते हैं, तो इसमें होने वाले हानिकारक केमिकल्स मुंह के जरिए हमारे शरीर में पहुंच जाते हैं। जब हम टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते तो इसमें मौजूदा केमिकल कैविटी के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिसके बाद केमिकल हमारे खून में जमा होने लगता है और थोड़े समय के बाद एक गंभीर बीमारी के रूप में उभर कर सामने आ सकता है। जानें, कैसे टूथपेस्ट के अधिक इस्तेमाल से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।
टूथपेस्ट दांतों की सफाई के साथ इस खतरनाक बीमारी से भी बचाता है
थायरॉइड
मार्केट में मिलने वाले टूथपेस्ट में ट्रिक्लोसन नाम का किटाणुनाश्क रसायन मिले होते हैं, जिसे पहले तो पेस्टसाइड की तरह यूज किया जाता था। एक अध्ययन के अनुसार, यह रसायन थायराइड, कैंसर और दिल से जुड़ी समस्या जैसे रोगों को जन्म देता है।
दिमाग, दिल और किडनी को पहुंचाता है नुकसान
कुछ टूथपेस्ट में पॉलीथिन भी पाया जाता है जो सिर्फ प्लास्टिक होता है। यह रसायन हमारे शरीर में जाकर जहर बन जाता है और धीरे-धीरे हमारे दिमाग, दिल और किडनी को नुकसान पहुंचाता है।
हार्मोनल इम्बैलेंस
टूथपेस्ट में सोडियम सल्फेट मिलाया जाता है, जो एक साबुन की तरह काम करता है। यह पदार्थ हर टूथपेस्ट में मिलाया जाता है। इससे स्किन में इर्रिटेशन, हार्मोनल इम्बैलेंस और मुंह का अल्सर भी हो सकता है।
गैस और सूजन
टूथपेस्ट में सोर्बिटोल नाम का एक मीठा पदार्थ पाया जाता है, जिससे पाचन में कई तरह की परेशानियां पैदा हो जाती हैं। इससे शरीर में दस्त, गैस और अपच जैसी समस्याएं भी हो जाती हैं।
डायबिटीज और वजन बढ़ना
बाजार से खरीदे हुए टूथपेस्ट में आर्टिफिशियल शुगर की मात्रा काफी अधिक होती है, जिससे मोटापा और मधुमेह का खतरा अधिक बढ़ता है।
कैंसर का कारण
टूथपेस्ट में डीएथलोमिन नाम का रसायन पाया जाता है, जिससे कि टूथपेस्ट में झाग बनता है। टूथपेस्ट में झाग बनाने वाला यह रसायन हमारे लिवर, किडनी और हार्मोंस के लिए कुछ समय बाद घातक साबित होता है। इससे लिवर और किडनी में कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
इनपुट : आइएएनएस हिंदी