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Written By: Editorial Team | Updated : April 18, 2018 2:30 PM IST
तालियों का सम्बंध अच्छे कामों और सफलता के साथ जुड़ा हुआ है। अवसर चाहे प्रमोशन का हो, कोई उत्सव या फिर परीक्षा में अच्छे मार्क्स मिले हों, जब हमें किसी बात से खुशी मिलती है तो हम ताली बजाते हैं। हमारे शरीर में कुल 340 प्रेशर पॉइंट्स का पता चल सका है जिनमें से 29 हमारे हाथों में हैं, यह कहना है केरली आयुर्वेदा ग्रुप, दिल्ली के डॉ. राहुल डोगरा का जिनके मुताबिक इन प्रेशर पॉइंट्स का आसानी से पता लगाया जा सकता है और केवल ताली बजाकर प्रेशर थेरेपी के फायदे उठाए जा सकते हैं। ये प्रेशर पॉइंट्स शरीर के विभिन्न अंगो से सीधे जुड़े हुए हैं और इसीलिए ताली बजाकर हम दर्द से राहत पाने जैसे विभिन्न फायदे प्राप्त कर सकते हैं। ताली बजाने के साथ ही नमस्ते करना सेहत के लिए फायदेमंद है।
क्लैपिंग थेरेपी।
नारियल का तेल, सरसो का तेल या दोनो को मिक्स करके अपनी हथोलियों पर लगाइए। इस तरह तेल त्वचा में समा जाएगा। अब मोजे और लेदर शूज पहनें ताकि शरीर से उत्पन्न होनेवाली ऊर्जा व्यर्थ न जाए। अब दोनों हाथों को सीधा और एक दूसरे के समानांतर रखें। हथेलियों को थोड़ा ढ़ीला रखें और हाथों की उंगलियां और हथेलियां एक-दूसरे को छूने का काम करें और ताली बजाएं। डॉ. डोगरा के मुताबिक, इस थेरेपी के लिए सुबह का समय सर्वोत्तम है। सुबह-सुबह 20-30 मिनट तक ताली बजाने से आप स्वस्थ और सक्रिय रहेंगे। जैसा कि ताली बजाने से रक्त का प्रवाह अच्छा होता है। इससे रक्त धमनियों और शिराओं में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल जैसी तमाम रूकावटों और गंदगी साफ हो जाती है। इसी तरह बालों को सफेद होने से बचाएगा यह तेल।
ताली बजाने से हाथ में मौजूद इन पांच एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर दबाव बनता है-
1.हैंड वैली पॉइंट
2.अंगूठे के नीचे मौजूद प्रेशर पॉइंट
3.कलाई
4.इनर गेट पॉइंट
5.अंगूठे के नाखून पर मौजूद पॉइंट
इन प्रेशर पॉइंट्स को दबाने से ये फायदे होते हैं-
1.ताली बजाने से दिल और फेफड़ों से जुड़ी हुई अस्थमा जैसी समस्याओं में मदद मिलती है।
2.पीठ, गर्दन और जोड़ों के दर्द से आराम मिलता है।
3.ताली बजाकर गठिया रोग से भी बचा जा सकता है।
4.लो ब्लड प्रेशर के मरीज़ भी इस थेरेपी की मदद ले सकते हैं।
5.पाचनतंत्र की समस्याओं में भी क्लैपिंग थेरेपी का इस्तेमाल फायदेमंद साबित होता है। इस तेल से वेट लॉस में होगा फायदा!
6.क्लैपिंग थेरेपी से बच्चों की कार्यक्षमता का विकास होता है और उन्हें पढ़ाई में भी सुधार होता है । जो बच्चे रोज़ाना ताली बजाते हैं उन्हें लिखने में भी कम परेशानी होती है और उनसे स्पेलिंग से जुड़ी ग़लतियां भी कम होती हैं।
7.ताली बजाने से बच्चों का दिमाग तेज़ होता है।
8.शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और बीमारियों से बचने के लिए भी क्लैपिंग करनी चाहिए।
9.रोज़ाना आधे घंटे ताली बजाने से मधुमेह, गठिया, उच्च रक्तचाप,डिप्रेशन, पुराने सिरदर्द, जुकाम, अनिद्रा, बालों का झड़ना और आंख की समस्याओं से पीड़ित लोगों को मदद मिलती है।
10.घर और ऑफिस में हमेशा एयर कंडीशन में रहने वाले लोग जिन्हें बिल्कुल पसीना नहीं निकलता उन्हें क्लैपिंग थेरेपी का अभ्यास करना चाहिए। क्योंकि यह शरीर में रक्त के प्रवाह को सुचारु बनाकर उसे पूरी तरह से शुद्ध करता है।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत: Shutterstock