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World Alzheimer's Day : बेचेनी और अवसाद का कारण बन सकता है अल्जाइमर, जानें इसका निदान

World Alzheimer's Day : बेचेनी और अवसाद का कारण बन सकता है अल्जाइमर, जानें इसका निदान

आज विश्व अल्जाइमर दिवस (World Alzheimer's Day) के दिवस पर आपको बता दें कि अल्जाइमर के लक्षणों को समय पर पहचानकर इलाज और बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। मानसिक रूप से आप खुद को व्यस्त रखकर इस बीमारी से बचाव कर सकते हैं।

World Alzheimer’s Day 2021 in Hindi: अल्जाइमर्स डे पर जानें इसके कारण, लक्षण और उपचार

World Alzheimer’s Day 2021 in Hindi: अल्जाइमर्स डे पर जानें इसके कारण, लक्षण और उपचार

21 सितंबर को विश्व भर में ''विश्व अल्जाइमर दिवस'' (World Alzheimer’s Day 2021) मनाया जाता है। अल्जाइमर रोग एक दिमाग से संबंधित बीमारी है, जिसका सीधा असर याद्दाश्त पर होता है। यह समस्या होने पर मरीज को कुछ भी ठीक से याद नहीं रहता है। मरीज की याद्दाश्त गंभीर रूप से कम होने लगती है।

World Alzheimer’s Day in hindi, डिमेंशिया का सबसे सामान्य रूप है ''अल्जाइमर''

World Alzheimer’s Day in hindi, डिमेंशिया का सबसे सामान्य रूप है ''अल्जाइमर''

डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, हर 5 सेकेंड में दुनिया भर मे अल्जाइमर का एक नया मामला सामने आ रहा है। करीब 38 मिलियन लोग अल्जाइमर से पीड़ित हैं और आने वाले 10 सालों में इसकी संख्या बढ़कर 76 लाख होने की संभावना है।

Symptoms of Alzheimer's Disease in Hindi: अल्जाइमर डिजीज के शुरुआती लक्षण और भूलने की इस बीमारी से बचने के लिए दो योगासन

Symptoms of Alzheimer's Disease in Hindi: अल्जाइमर डिजीज के शुरुआती लक्षण और भूलने की इस बीमारी से बचने के लिए दो योगासन

World Alzheimer’s Day 2021: आज (21 सितंबर) 'वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे' है। अल्जाइमर डिजीज मस्तिष्क से संबंधित एक रोग है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति की याद्दाश्त कमजोर हो जाती है। यदि आप नहीं चाहते कि कम उम्र में ही आपको ये भूलने की बीमारी हो, तो नियमित रूप से इन 2 योगासन का अभ्यास करना शुरू कर दें।

World Alzheimer's Day 2021: उम्र बढ़ने के साथ जरूर करें ये 6 काम, शरीर के साथ मस्तिष्क भी रहेगा स्ट्रांग

World Alzheimer's Day 2021: उम्र बढ़ने के साथ जरूर करें ये 6 काम, शरीर के साथ मस्तिष्क भी रहेगा स्ट्रांग

संगीत से निकलने वाली तरंगे हमारे मस्तिष्क की कोशिकाओं को सक्रिय रखती हैं। बांसुरी, हारमोनियम, गिटार, माउथ ऑर्गन आप कुछ भी बजाना शुरू कर सकते हैं। सीखने के लिए इससे बेहतर उम्र कोई नहीं होगी।

ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करती है रोजमेरी, नियमित सेवन से दूर होती हैं कई अन्य बीमारियां

ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करती है रोजमेरी, नियमित सेवन से दूर होती हैं कई अन्य बीमारियां

रोजमेरी जिसे गुलमेंहदी भी कहते हैं, एक व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी बूटी है, जो मुख्य रूप से अपने सुगंधित गुणों के लिए प्रसिद्ध है। यह पुदीना, नींबू बाम और तुलसी जैसी जड़ी-बूटियों के एक ही परिवार से संबंधित है। यूनानियों ने तो प्राचीन समय में ही रोजमेरी की शक्तिशाली क्षमताओं की खोज कर ली थी। इस जड़ी-बूटी का उपयोग न केवल कई एसेंशियल ऑयल में किया जाता है बल्कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी छुटकारा दिलाता है। इसकी सुई जैसी पत्तियों और साइट्रस जैसी खुशबू के साथ, यह जड़ी बूटी भूमध्यसागरीय क्षेत्र की मूल निवासी है। आज इस लेख में हम आपको इस अद्भुत जड़ी बूटी के स्वास्थ्य लाभ बता रहे हैं।

Benefits of Flavonoids in Hindi, फ्लेवोनॉयड्स फूड्स खाने के फायदे, फ्लेवोनॉयड्स रिच फूड्स अल्जाइमर्स से बचाए

Benefits of Flavonoids in Hindi, फ्लेवोनॉयड्स फूड्स खाने के फायदे, फ्लेवोनॉयड्स रिच फूड्स अल्जाइमर्स से बचाए

Benefits of Flavonoids: टफ्ट्स यूनिवर्सिटी (Tufts University) में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो वयस्क कम मात्रा में फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर फूड्स (flavonoids rich foods) जैसे बेरीज, सेब, टी आदि का सेवन करते हैं, उनमें अल्जाइमर (Alzheimer's disease) और इससे संबंधित डिमेंशिया या मनोभ्रंश (dementia) होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।

मसूड़ों में संक्रमण की वजह से हो सकती है दिमाग की यह खतरनाक बीमारी

मसूड़ों में संक्रमण की वजह से हो सकती है दिमाग की यह खतरनाक बीमारी

मसूड़ो की साधारण सूजन ही आगे चलकर दांतों की हड्डी और मुलायम ऊतको को नष्ट करते है। मसूड़ो के रोगों के प्रकार,लक्षण,बचाव,और उपचार के बारे जानकारी हमेशा रखनी चाहिए।

दिमाग व याददाश्त को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं ये काम

दिमाग व याददाश्त को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं ये काम

बढ़ती उम्र के साध दिमाग भी कमजोर होने लगता है. याददाश्त को बुढ़ापे तक मजबूत रखने के लिए नियमित तौर पर अगर कुछ कदम चलने के साथ यह एक्सरसाइज की जाये तो Brain and Memory दोनों मजबूत रहती हैं.

डिमेंशिया और भूलने की बीमारी से बचाती है यह विशेष 'माइंड डाइट'

डिमेंशिया और भूलने की बीमारी से बचाती है यह विशेष 'माइंड डाइट'

डिमेंशिया रोग ऐसा होता है की डिमेंशिया का रोगी अपने से जुड़ी बातों को ही भूलने लगता है। भूलने की बीमारी के लक्षण को अगर ध्यान में रखा जाय तो डिमेंशिया से बचा भी जा सकता है। भूलने की बीमारी के नाम से चर्चित डिमेंशिया में इंसान अपने परिचित व्यक्ति को भी पहचाने में असहज हो जाता है।

रात में कम आती है नींद कहीं इस बीमारी के शिकार तो नहीं हो रहे आप ?

रात में कम आती है नींद कहीं इस बीमारी के शिकार तो नहीं हो रहे आप ?

नींद न पूरी होने से सिर्फ मस्तिष्क ही नहीं बल्कि पूरे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। नींद न पूरी होने से आप फ्रेश महसूस नहीं करतीं। दिमाग रिलैक्स नहीं होने के कारण आपको थकान महसूस होती है, बॉडी पेन होता है, किसी भी काम पर फोकस करने में दिक्कत होती है।

भूलने की बीमारी रहेगी दूर रोजाना करना होगा सिर्फ एक काम

भूलने की बीमारी रहेगी दूर रोजाना करना होगा सिर्फ एक काम

भूलने की आदत को अक्सर लोग बहुत सामान्य मान लेते हैं लेकिन यह बीमारी भी हो सकती है। अगर आप अक्सर कोई बात भूलने लगे हैं तो आपको अल्जाइमर की परेशानी हो सकती है।

भूलने की बीमारी अल्जाइमर के दिख रहे हैं शुरुआती लक्षण, तो शुरू कर दें हर दिन व्यायाम करना

भूलने की बीमारी अल्जाइमर के दिख रहे हैं शुरुआती लक्षण, तो शुरू कर दें हर दिन व्यायाम करना

शोधकर्ताओं ने पाया कि जब मस्तिष्क में अल्जाइमर बीमारी के लक्षण मौजूद हों तो शरीर को सक्रिय रखने से स्मरण शक्ति बनाए रखने के लिए संज्ञानात्मक रक्षा मिल सकती है।

बुढ़ापे में अल्‍जाइमर से बचना है तो आज ही डाल लें ये एक अच्‍छी आदत

बुढ़ापे में अल्‍जाइमर से बचना है तो आज ही डाल लें ये एक अच्‍छी आदत

कम गहरी नींद लेना सामान्य और खराब मानसिक स्थिति के बीच संकेत का काम कर सकता है। इससे बचने के ि‍लिए जरूरी है कि आप शुरू से ही अपने सोने की आदत में सुधार करें।

जानें, क्यों बढ़ जाता है अल्जाइमर्स के मरीजों में हिप फ्रैक्चर का खतरा

जानें, क्यों बढ़ जाता है अल्जाइमर्स के मरीजों में हिप फ्रैक्चर का खतरा

हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि स्ट्रॉन्ग पेनकिलर ओपीओइडी के प्रयोग से अल्जाइमर रोग से जूझ रहे लोगों में हिप फ्रैक्चर होने का खतरा दोगुना हो जाता है।

अल्जाइमर का खतरा कम करने के लिए आपनाएं ये उपाय

अल्जाइमर का खतरा कम करने के लिए आपनाएं ये उपाय

रोजाना का खान-पान और रहन-सहन का असर इंसान की सेहत पर सीधा पड़ता है। हाल ही में आयी एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि अल्जाइमर रोग की संभावना तेजी से बढ़ रही है।

हल्दी का सेवन करेंगे तो याद्दाश्त होगी तेज, नहीं होगा अल्जाइमर रोग

हल्दी का सेवन करेंगे तो याद्दाश्त होगी तेज, नहीं होगा अल्जाइमर रोग

हल्दी में पाए जाने वाले ‘करक्यूमिन’ में ऑक्सीकरण-रोधी गुण होते हैं। इसे एक संभावित कारण बताया गया है कि भारत में जहां करक्यूमिन आहार में शामिल होता है, बूढ़े-बुजुर्ग अल्जाइमर की चपेट में कम आते हैं। उनकी याददाश्त भी तुलनात्मक रूप से अच्छी होती है।

भूलने लगे हैं बातों को, तो जरूर कराएं अल्जाइमर की जांच

भूलने लगे हैं बातों को, तो जरूर कराएं अल्जाइमर की जांच

यह बीमारी अब केवल बूढ़ों तक ही सीमित नहीं रही है। यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चल सकती है। इस रोग के प्रारंभिक लक्षण याद्दाश्त में कमी, भौतिक वातावरण और भाषा में बाधा आदि है।

वर्ल्‍ड अल्जाइमर्स डे 2018 : भविष्य में बचना है अल्जाइमर से, तो लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव

वर्ल्‍ड अल्जाइमर्स डे 2018 : भविष्य में बचना है अल्जाइमर से, तो लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव

शोधकर्ताओं के अनुसार, यदि आप अलग-थलग रहेंगे, किसी से बात नहीं करेंगे, तो भविष्य में आपके इस रोग से ग्रस्त होने की संभावना बढ़ सकती है। अधिक लोगों के साथ रहने, उनसे बातचीत करने से इस रोग से बचा जा सकता है।

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