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क्या आप भी छोटी-छोटी बातें भूल जाते हैं? हो सकती है ब्रेन से जुड़ी ये खतरनाक बीमारी, इन लक्षणों से करें पता

World Alzheimer's Day 2024: यदि आपको याददाश्त संबंधित कोई समस्या है, तो अल्जाइमर रोग का संकेत हो सकता है। आइए, जानते हैं इस बीमारी के बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Updated : September 21, 2024 5:16 PM IST

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World Alzheimer's Day 2024: क्या आपको भी हर छोटी-मोटी बात भूलने की समस्या है? यदि आपको याददाश्त संबंधित कोई समस्या है, तो अल्जाइमर रोग का संकेत हो सकता है। दरअसल, अल्जाइमर एक गंभीर न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है, जिसमें धीरे-धीरे मस्तिष्क की कोशिकाओं नष्ट होने लगती हैं। अल्जाइमर रोग और अन्य डिमेंशिया से संबंधित मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है। आइए, आज इस लेख के माध्यम से समझते हैं कि अल्जाइमर रोग क्या होता है? इसके लक्षण क्या हैं और इस गंभीर बीमारी से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से। इस बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने गुरुग्राम स्थित नारायणा हॉस्पिटल डायरेक्ट एंड सीनियर कंसल्टेंट (न्यूरोलॉजी) के डॉ। बिप्लब दास से बात की।

अल्जाइमर रोग क्या है? (What Is Alzheimer’s Disease)

अल्जाइमर रोग, डिमेंशिया यानी मनोभ्रंश का सबसे सामान्य प्रकार है। ये एक न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को नष्ट करता है, जिसके परिणामस्वरूप स्मृति, सोचने की क्षमता और व्यवहार में गिरावट आती है। इस रोग की शुरुआती अवस्था में व्यक्ति को हाल की घटनाओं को याद रखने में कठिनाई होने लगती है। लेकिन जैसे-जैसे रोग का विकास होता है, व्यक्ति अपनी दिनचर्या के सामान्य कार्यों को करने में असमर्थ हो जाता है। उसे अपने परिवार और दोस्तों को पहचानने में कठिनाई होने लगती है और उसके संज्ञानात्मक कार्यों में भी गिरावट आ जाती है। यदि समय रहते इलाज न मिले, तो बाद में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

अल्जाइमर रोग के कारण (Causes Of Alzheimer’s Disease)

अल्जाइमर रोग के सटीक कारणों के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह बीमारी कई कारकों के मिलने से होती है। इसमें उम्र बढ़ना सबसे बड़े जोखिम कारकों में से एक है। उम्र बढ़ने से मस्तिष्क में सूजन औऱ न्यूरॉन्स का नुकसान इस रोग के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। कुछ लोगों में अनुवांशिक कारकों के चलते भी रोग का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, मस्तिष्क में असामान्य संरचनाएं, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, व्यायाम की कमी और खराब खान पान जैसे कारक भी अल्जाइमर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। यही कारण जब व्यक्ति में एक साथ पैदा होते हैं तो, अल्जाइमर रोग का विकास कर सकते हैं।

अल्जाइमर रोग के लक्षण (Symptoms Of Alzheimer’s Disease)

अल्जाइमर रोग के लक्षणों का विकास धीरे-धीरे होता है और समय के साथ ये गंभीर होते जाते हैं। शुरुआती लक्षणों में व्यक्ति को हाल की घटनाओं को याद रखने में कठिनाई महसूस होती है, वह अक्सर एक ही सवाल को बार-बार पूछ सकता है। इसके अलावा, ध्यान और एकाग्रता में कमी, निर्णय लेने में कठिनाई, और समय और स्थान की समझ में भ्रम होना जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं। मरीज के दैनिक कार्य प्रभावित हो जाते हैं और उसे गाड़ी चलाना, खाना बनाना जैसे सामान्य कार्यों को करने में भी दिक्कत होने लगती है। वह चिड़चिड़ा हो सकता है और उसे लोगों को पहचानने में भी कठिनाई महसूस हो सकती है।

अल्जाइमर रोग की पहचान और इलाज (Diagnosis And Treatment of Alzheimer's Disease)

अल्जाइमर रोग की पहचान के बाद इसका इलाज उसकी स्थिति के अनुसार ही किया जाता है।अल्जाइमर रोग की पहचान के लिए डॉक्टर रोगी और उनके परिवार से उनके अनुभव किए गए लक्षणों के आधार पर करते हैं। इसके लिए डॉक्टर मानसिक स्थिति परीक्षण, मस्तिष्क के स्कैन जैसे एमआरआई या सीटी स्कैन आदि के माध्यम से रोग की पुष्टि करते हैं। अल्जाइमर के इलाज की बात की जाए तो इसका कोई पूर्ण इलाज नहीं है लेकिन उपचार के माध्यम से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है। लक्षणों को कम करने के लिए डॉक्टर कुछ दवाइयों औऱ संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (सीबीटी) आदि की सलाह दे सकते हैं। इसके साथ ही प्रारंभिक पहचान, स्वस्थ आहार एवं जीवन शैली, व्यायाम और भावनात्मक समर्थन से रोगी की स्थिति में काफ़ी सुधार किया जा सकता है।