
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या के साथ ही एक्ने प्रॉब्लम को भी बढ़ाता है प्रोटीन पाउडर, जानें इसके नुकसान
जब भी कोई व्यक्ति जिम जाना शुरू करता है या फिर घर पर वर्कआउट कर फिट होने की ओर बढ़ता है तो सबसे पहले अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ाता है। अक्सर बॉडी बिल्डर या फिटनेस फ्रीक मसल्स गेन करने के लिए ऐसा करते हैं। क्योंकि प्रोटीन एक ऐसा पोषक तत्व है जो हमें स्वस्थ और फिट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन समस्या यह है कि लोग प्रोटीन के नेचुरल स्त्रोत के बजाय प्रोटीन पाउडर को अपनाते हैं। क्योंकि मार्किट में तमाम तरह के प्रोटीन पाउडर उपलब्ध हैं, जिन्हें खरीदना और सेवन करना दोनों ही आसान है। हालांकि कुछ प्रोटीन पाउडर ऐसे हो सकते हैं जो सेहत को नुकसान न पहुंचाए, लेकिन ज्यादातर प्रोटीन पाडडर सेहत को अलग अलग तरीकों से प्रभावित करते हैं। आज हम आपको प्रोटीन पाउडर से होने वाले नुकसान के बारे में बता रहे हैं।
प्रोटीन पाउडर में कुछ प्रकार के हार्मोन और बायोएक्टिव पेप्टाइड्स होते हैं जो सीबम उत्पादन को बढ़ाते हैं। जब बॉडी में सीबम का उत्पादन बढ़ जाता है तो मुंहासे होने लगते हैं। यदि आपकी स्किन तेलीय है या अक्सर पिंपल्स की समस्या रहती है तो आपको प्रोटीन पाउडर से दूरी रखनी चाहिए। आपको प्रोटीन के लिए नेचुरल स्त्रोत की ओर बढ़ना चाहिए।
वेह मिल्क में लैक्टोफेरिन जैसे एंटीबैक्टीरियल कम्पाउंड होते हैं जो पेट संबंधी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। यह पेट में दर्द, मरोड़, ब्लोटिंग, कब्ज और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का कारण बन सकता है।
हमेशा से यह कहा जाता है कि प्रोटीन पाउडर किसी प्रतिष्ठित कंपनी से ही खरीदना उचित होता है। क्योंकि कुछ कंपनियां अपने पाउडर में कुछ टॉक्सिक मेटल्स जैसे कि लेड, कैडमियम, मरकरी और आर्सेनिक इत्यादि डालती हैं, ये हमारे शरीर के लिए अत्यधिक हानिकारक होते हैं जो मांसपेशियों में दर्द, कब्ज, सिरदर्द, थकान और सिर दर्द का कारण बन सकती हैं।
प्रोटीन पाउडर में मौजूद वेह प्रोटीन हमारे शरीर में इंसुलिन के स्तर को बढ़ा सकता है। ऐसे में वर्कआउट के तुरंत बाद इनका सेवन करना हमारे शरीर के लिए बहुत बुरा होता है क्योंकि यह इंसुलिन को बहुत बढ़ा देता है।