... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
नाक में ज्यादा दिनों तक बलगम जमा रहने से हो सकता है ये इंफेक्शन! लापरवाही दिमाग में बढ़ाता है संक्रमण
मौजूदा वक्त में कोविड के अलावा फ्लू का खतरा बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा H3N2 जैसे घातक और तेजी से फैलने वाला फ्लू न सिर्फ बच्चों को बल्कि बड़ों को भी अपना शिकार बना रहा है। इसके साथ ही एक्सपर्ट एक और इंफेक्शन को लेकर चिंतित हैं, जो कि आम लोगों के लिए एक खतरा बन सकता है। ये इंफेक्श है, एलर्जिक फंगल साइनसाइटिस (AFS), जिसके मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। राहत की बात ये है कि समय पर इलाज रोगी को स्वास्थ्य को दुरुस्त बनाने का काम करता है लेकिन लापरवाही ब्रेन इंफेक्शन से लेकर आंखों की रोशनी को कमजोर बनाने का काम करती है। कुछ मामलों में आंखों की रोशनी खो जाने का भी खतरा रहता है।
एलर्जिक फंगल साइनसाइटिस एक ऐसी परेशानी है, जो कि नाक और साइनस म्यूकोसा के बीच फंगल बैक्यीरिया के फंस जाने पर होती है। बहुत से हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि एलर्जी का बढ़ना और इम्यूनिटी का कमजोर होना इस बीमारी के फैलने की सबसे बड़ी वजह है। होता क्या है कि जब आप इस इंफेक्श का शिकार होते हैं तो सांस लेने में रुकावट पैदा होती है, जिसकी वजह से चेहरे और सिर में दर्द होने लगता है। इसके अलावा होने वाली परेशानियों में शामिल हैंः
1-आंखों के पीछे दर्द
2- बार-बार खांसी आना
3- सूंघने की क्षमता खत्म होना
गुरुग्राम के सीके बिरला अस्पताल में ईएनटी/ओटोलर्यनोलॉजी डॉक्टर अनिष गुप्ता का कहना है कि दरअसल कुछ वक्त से एलर्जिक फंगल साइनसाइटिस के मामले ज्यादा आ रहे हैं इसलिए इसके इलाज की जानकारी होना जरूरी है। इस बीमारी के शिकार लोग, जिनका इलाज किया गया उन्हें ये परेशानियां थीः
1- दाहिने नैसल का ब्लॉक होना
2-बहुत ही ज्यादा सिरदर्द
3-चेहरे में दर्द
डॉ. अनीष गुप्ता का कहना है कि सीटी स्कैन की मदद से जब मरीज की जांच की गई तो ये पाया गया कि फंगल साइनसाइटिस की वजह से लोगों की नाक में बलगम रुक हुआ था, जिसकी वजह से आंख और दिमाग के बीच की हड्डी का अंतर खत्म हो गया था। इस परेशानी को ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज करने से न सिर्फ आंखों की रोशनी जाने का खतरा होता है बल्कि ब्रेन इंफेक्शन की समस्या भी खड़ी हो जाती है। इस समस्या से निपटने में साइनस सर्जरी करनी पड़ती है, जिसके बाद रोगी स्वस्थ महसूस करता है।
कई स्टडी में ये साफ हुआ है कि, एलर्जिक फंगल साइनसाइटिस (एएफएस) से संक्रमित मरीजों को धूल और परफ्यूम जैसी सुंग्धित चीजों से एलर्जी होती है, जिसकी वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
डॉक्टर अनिष गुप्ता कहते हैं कि इस बीमारी से बचने के लिए मास्क पहनना, धूल वाली जगहों पर जाने से बचना जरूर है, जो कि आपको नाक में एलर्जी होने की संभावना को बढ़ा देता है।
एक्सपर्ट बताते हैं कि समय पर इलाज इस परेशानी के गंभीर प्रभावों को रोक सकता है। अगर मरीज इस एलर्जी के लक्षणों को महसूस कर रहा है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है। इसके अलावा रेगुलर फॉलो-अप लें और मेडिकल थेरेपी से इस इंफेक्शन के खतरो को कम किया जा सकता है।