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वायु प्रदूषण बढ़ा रहा है मानसिक बीमारियों का खतरा: शोध

हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से बाइपोलर डिसऑर्डर और अवसाद का जोखिम बढ़ जाता है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 22, 2019 4:40 PM IST

वायु प्रदूषण (Air pollution hazards) दुनिया भर में सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। इससे श्‍वसन और फेफड़ों संबंधी बीमारियों में इजाफा हो रहा है। अमेरिका की शिकागो यूनवर्सिटी में हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि वायु प्रदूषण (Air pollution hazards) सिर्फ श्‍वसन संबंधी समस्‍याओं ही नहीं, बल्कि मानसिक बीमारियों को भी बढ़ा देता है। शोध में पता चला है जो लोग वायु प्रदूषण के ज्‍यादा संपर्क में आते हैं,उनमें डिप्रेशन और बाइपोलर डिसऑर्डर का जोखिम अन्‍य लोगों की तुलना में बढ़ जाता है।

क्‍या कहता है शोध

अमेरिका की पीएलओएस बायोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित शोध के अनुसार वायु प्रदूषण (Air pollution hazards) कई तरह की बीमारियों का कारण बनता है। शोध के प्रमुख लेखक और बायोलॉजिस्‍ट आतिफ खान कहते हैं, मानसिक बीमारियां, चाहें वह डिप्रेशन हो या बाइपोलर डिसऑर्डर, सभी आप के लिए आर्थिक और सामाजिक स्‍तर की समस्‍याएं खड़ी कर देती हैं।

पर्यावरण में हैं कारण

पर इनका कारण वातावरण में फैला प्रदूषण (Air pollution hazards) है। खासतौर से वायु प्रदूषण। अपने शोध के आधार पर वे आगे कहते हैं कि अमेरिका और डेनमार्क पर किए गए हमारे शोध में यह बात सामने आई है कि जो लोग अपने जीवन के शुरूआती वर्षों में वायु प्रदूषण (Air pollution hazards) के संपर्क में आए, उनमें मानसिक विकारों का जोखिम ज्‍यादा बढ़ जाता है।

इस तरह करें बचाव

  • वायु प्रदूषण से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका यह है कि आप उन इलाकों में न रहें, जहां प्रदूषण का स्‍तर तय सीमा से ज्‍यादा है।
  • प्रदूषण से गर्भ में पलने वाला बच्‍चा भी प्रभावित होता है। इसलिए गर्भावस्‍था में इस बात का सबसे ज्‍यादा ध्‍यान रखें।
  • यह सुनिश्चित करें कि घर के आसपास हरियाली हो, जिससे प्रदूषित वायु भी फि‍ल्‍टर होती रहे।
  • अगर कच्‍ची जमीन नहीं है तो आप घर में ही ऐसे इनडोर प्‍लांट लग सकते हैं, जो हवा को साफ करने का काम ज्‍यादा तेजी से करते हैं। इनमें तुलसी, स्‍नेक प्‍लांट, मनी प्‍लांट आ‍दि आसानी से लगने वाले पौधे हैं।
  • अगर प्रदूषित वातावरण में जाना पड़े तो अच्‍छी क्‍वालिटी के मास्‍क का प्रयोग करें।

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