
डॉ. बी. एल. जांगिड
डॉ. बी. एल. जांगिड त्वचा, बाल और सौंदर्य से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए जाने-माने डर्मेटोलॉजिस्ट और ... Read More
Written By: Dr. B. L. Jangid | Updated : February 18, 2026 6:04 PM IST
आज की तेज-रफ्तार शहरी जिंदगी में Air Pollution (वायु प्रदूषण) एक ऐसा पर्यावरणीय खतरा बन चुका है, जिससे बचना लगभग असंभव है। हम अक्सर प्रदूषण का असर त्वचा पर तुरंत देख लेते हैं, लेकिन स्कैल्प (scalp) और बालों पर होने वाला नुकसान काफी हद तक अनदेखा रह जाता है। यही वजह है कि हाल के वर्षों में प्रदूषण के कारण बाल झड़ने (Hair Fall due to Pollution)के मामले तेजी से बढ़े हैं। पर्यावरण प्रदूषण, खासकर हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर (PM) बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है, जिससे बाल झड़ने की समस्या बढ़ जाती है।
शहरों की हवा में कई प्रकार के प्रदूषक मौजूद होते हैं जैसे धूल (Dust), धुआं (Smoke), पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5, PM10), सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और अन्य हानिकारक केमिकल्स होते हैं। ये सभी तत्व हवा के साथ हमारे सिर तक पहुंचते हैं और स्कैल्प व बालों पर जमने लगते हैं।
स्कैल्प के पोर्स बंद होना- प्रदूषण के कारण जब धूल/धुआं स्कैल्प पर जमा होता है, तो इससे हेयर फॉलिकल्स ब्लॉक होते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से स्कैल्प के नेचुरल ऑयल के संतुलन हो बिगाड़ देती है। इससे जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है और बालों को झड़ना शुरू हो जाता है।
फ्री रेडिकल्स बनना (Oxidative Stress)- प्रदूषण से स्कैल्प पर Free Radicals बनते हैं, जो बालों के प्रोटीन स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे स्कैल्प की नमी कम करते हैं। जिसका परिणाम ये होता है कि आपके स्कैल्प ड्राई और इरिटेट बनने लगते हैं। इसे मेडिकल भाषा में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कहा जाता है।यही ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस लंबे समय में बालों के पतले होने, टूटने और सफेद होने की वजह बन सकता है।
लाइफस्टाइल, गलत शैंपू नहीं बल्कि प्रदूषण के कारण आपके बाल प्रभावित हो रहे हैं, तो इसके लक्षण सामान्य से अलग होते हैं। इनमें शामिल है।
अगर बालों के ये लक्षण 2 सप्ताह से ज्यादा समय तक बने रहते हैं, तो इसे मौसम का साइड इफेक्ट समझकर इग्नोर नहीं करना चाहिए। इस विषय पर तुरंत अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
हालांकि प्रदूषण से 100% बचना संभव नहीं है, लेकिन सही हेयर केयर रूटीन अपनाकर आप बालों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोक सकते हैं। ध्यान रखें Healthy Hair की शुरुआत Healthy Scalp से होती है। यदि स्कैल्प पर बिल्डअप, irritation या sensitivity बढ़ रही हो, तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर होता है।
प्रदूषित शहरों में रहने वाले लोगों को अगर 2 सप्ताह से ज्यादा समय तक बालों के झड़ने और टूटने की समस्या हो रही है, तो उन्हें इस विषय पर अपने डॉक्टर से बात जरूर करनी चाहिए। ध्यान रहे कि समय पर डॉक्टर से बात करके और सही इलाज को अपनाकर बालों का टूटना काफी हद तक कम किया जा सकता है।