अब बेड पर ही होगा ब्रेन स्कैन, AIIMS दिल्ली लाई भारत की पहली पोर्टेबल MRI

दिल्ली एम्स ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने टेक्नोलॉजी में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली पोर्टेबल बेडसाइड एमआरआई सिस्टम की शुरुआत की है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं-

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Written By: Kishori Mishra | Published : May 4, 2026 11:44 AM IST

Portable MRI Machine : अक्सर गंभीर स्थिति में मरीजों की बीमारी को सही से पकड़ने के लिए डॉक्टर MRI की सलाह देते हैं, लेकिन मरीज को MRI रूम तक शिफ्ट करना काफी चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा होता है। इसी समस्या के समाधान के लिए एम्स दिल्ली ने एक पोर्टेबल MRI डिवाइस तैयार की है। इसकी मदद से अब ICU में भर्ती गंभीर मरीजों को कहीं और ले जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि मरीज के बेड के पास ही आसानी से MRI स्कैन किया जा सकेगा।

यह पोर्टेबल MRI डिवाइस असल में पहियों पर आधारित एक आधुनिक मशीन है, जिसे आसानी से सीधे मरीज के पास ले जाया जा सकता है। अक्सर वेंटिलेटर के गंभीर मरीजों को उनके बेड से MRI रूम तक ले जाना काफी जोखिम भरा होता है। ऐसे में यह तकनीक मरीजों को बिना हिलाए, उनके बेड-साइड पर ही सुरक्षित जांच की सुविधा प्रदान करती है।

क्या है पोर्टेबल MRI सिस्टम?

पोर्टेबल MRI एक ऐसी आधुनिक मशीन है, जिसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। फिलहाल इस्तेमाल की जाने वाली एमआरआई मशीनें बड़ी, भारी और अलग कमरे में रखी होती हैं, जबकि यह मशीन सीधे मरीज के बेड तक पहुंच सकती है। इससे गंभीर हालत में भर्ती मरीजों की जांच बिना मूव किए की जा सकेगी।

क्या पोर्टेबल MRI डिवाइस दुनिया में पहली बार आई है?

ऐसा नहीं है कि यह दुनिया की पहली पोर्टेबल MRI डिवाइस है। इससे पहले अमेरिका भी इसे लॉन्च कर चुका है। हालांकि, भारत के हेल्थकेयर सिस्टम के लिए यह एक नई डेवलपमेंट है। यह पोर्टेबल मशीन Low-Field Magnetic Resonance पर काम करती है। इससे मरीजों को बेड से उठकर दूसरे कमरे में जाने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही उनका फौरन एमआरआई हो सकेगा।

ICU मरीजों को कैसे होगा फायदा?

अब तक ICU में भर्ती मरीजों को MRI स्कैन के लिए विशेष व्यवस्था के साथ स्कैनिंग रूम तक ले जाना पड़ता था। इस दौरान ऑक्सीजन सपोर्ट, मॉनिटरिंग डिवाइस और मेडिकल टीम की जरूरत होती थी, जिससे जोखिम भी बढ़ जाता था।

पोर्टेबल MRI आने से क्या फायदा होगा?

  1. मरीज को शिफ्ट करने की जरूरत नहीं होगी
  2. समय की बचत होगी
  3. इमरजेंसी में तुरंत ब्रेन इमेजिंग संभव होगी
  4. मरीज के लिए प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित बनेगी

किन मरीजों के लिए होगी सबसे ज्यादा उपयोगी?

यह टेक्नीक कई गंभीर स्थितियों में बेहद मददगार साबित हो सकती है, जैसे-

  1. स्ट्रोक के मरीज
  2. सिर में गंभीर चोट लगने वाले मरीज
  3. ब्रेन सर्जरी के बाद रिकवरी कर रहे मरीज
  4. वेंटिलेटर सपोर्ट पर मौजूद मरीज
  5. नवजात और बच्चों के न्यूरोलॉजिकल केस

क्या है इसकी खास टेक्नीक?

यह पोर्टेबल MRI सिस्टम अल्ट्रा-लो फील्ड मैग्नेटिक तकनीक पर आधारित है। इसका मतलब है कि इसे ऑपरेट करना आसान है और अस्पताल के अलग-अलग विभागों में ले जाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे डॉक्टर तेजी से जांच कर इलाज का फैसला ले सकेंगे।

भारत के हेल्थ सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत में न्यूरो-डायग्नोसिस और क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के दूसरे बड़े अस्पतालों में भी ऐसी सुविधाएं शुरू हो सकती हैं।

एक नई शुरुआत

AIIMS Delhi की यह पहल केवल नई मशीन लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मरीजों को तेज, सुरक्षित और बेहतर इलाज देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ICU में बेडसाइड ब्रेन स्कैन की यह सुविधा कई गंभीर मरीजों के लिए समय पर इलाज सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो सकती है।

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