
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 21, 2026 5:06 PM IST
Medically Verified By: Dr. Deeksha Kalra
ai for mental health (image credit: chatgpt)
डिजिटल युग में तो हम कई सालों से जी रहे थे लेकिन अब जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि एआई वाला हो गया है। एआई एक ऐसी टेक्नोलॉजी बन चुका है, जिसने अपना विस्तार बहुत तेजी से किया है और इसलिए आज लगभग हर फील्ड और हर सेक्टर में एआई का इस्तेमाल होने लगता है। ऑफिशियल वर्क में भी एआई बहुत मदद कर रहा है और कंपनियां काम को तेज आसान और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि, साथ में यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बिना स्ट्रेस बढ़ाएं कर्मचारियों की मेंटल और फिजिकल हेल्थ को बेहतर बना सकता है या नहीं? डॉ. दीक्षा कालरा, कंसल्टेंट - साइकेट्री, आर्टेमिस हॉस्पिटल्स ने इस बारे में कुछ बेहद खास और महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं जिसके बारे में हम इस लेख में आगे जानेंगे।
हर चीज के पॉजिटिव और नेगेटिव दो पहलू होते हैं, अगर हम मेंटल हेल्थ पर एआई के असर की पॉजिटिव पहलू की बात करें तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अगर सही इस्तेमाल किए जाने से उससे फायदा हो सकता है। हम सबको पता है कि किसी डिजिटल वर्क को करने में इंसान को ज्यादा समय लगता है, जबकि एआई जल्दी कर सकता है, ऐसे में इसका इस्तेमाल मानसिक दबाव और वर्क प्रेशर को कम कर सकता है। एआई की मदद से उस काम को और भी बेहतर बनाया जा सकता है।
इसे हम ऐसे समझ सकते हैं कि मान लो अगर कोई टॉपिक पर हमें कुछ रिसर्च करना है। इस काम को करने में किसी भी व्यक्ति को ज्यादा समय लगेगा ही, लेकिन अगर यहां पर किसी एआई असिस्टेंट का इस्तेमाल करें तो रिसर्च का काम जल्दी होगा, कर्मचारी इसमें अपना योगदान देकर काम को बेहतर बना सकता है। इसका सीधा असर काम कर रहे व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ेगा, और ज्यादा रिसर्च आदि न करने के कारण उसे थोड़ा रिलैक्स महसूस होगा।
इसमें कोई शक नहीं है रिसर्च का काम मानसिक रूप से थका देने वाला होता है और अगर रोज की दिनचर्या में इस तरह की रिसर्च वाले काम किए जा रहे हैं तो तनाव जैसी समस्याएं भी कई बार होने लगती है। ऐसे में एआई कुछ हद तक इस समस्या को से बचाव करा सकता है। एआई बड़ी मात्रा में डेटा को चंद सेकंड में समझ सकता है। इससे रिसर्च, रिपोर्टिंग और निर्णय लेने का काम तेज हो जाता है। जब पेचीदा और तकनीकी काम एआई संभाल लेता है, तो वर्कर ज्यादा क्रिएटिव और जरूरी कामों पर फोकस कर पाते हैं, जो तनाव कम करने का तरीका भी है।
यह तो थी कि किस तरह से एआई वर्क प्रेशर को कम कर सकता है, लेकिन अब बात आती है अगर आप को अच्छा महसूस नहीं हो रहा है और आप अपना मन हल्का करना चाहते हैं तो भी एआई असिस्टेंट आपके काम आ सकते हैं। बहुत से एआई असिस्टेंट एप्स मौजूद हैं, जिनके साथ अपने मन की बात की जा सकती है और वे बिना आपके विचारों को जज किए बात कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखने वाली बात यह होगी कि आपको पूरी तरह से एआई पर भरोसा नहीं करना है, क्योंकि एआई भी गलती करता है
अब अगर एआई के नेगेटिव साइड की बात करें तो एआई की ऐसी भी की चीजें हैं, जो आजकल लोगों में तनाव और चिंता जैसी समस्याएं बढ़ा रही हैं। कुछ ऐसे काम भी हैं जो एआई कम समय में ज्यादा काम कर देता है और इस फीचर के कारण कई कंपनियों में मैनपावर की जरूरत कम होने लगी है। इस कारण से लोगों को भविष्य का डर सताने लगा है और नौकरी चली जाने का डर उनकी चिंता व तनाव का कारण बन रहा है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल एआई का इस्तेमाल और उससे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
ज्यादा तनाव (Stress) कम करने के लिए गहरी सांस लेने के व्यायाम, नियमित योग/ध्यान, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) और प्रकृति के बीच समय बिताना बहुत प्रभावी है।
मानसिक स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए, नियमित रूप से व्यायाम करना, पर्याप्त नींद लेना, तनाव का प्रबंधन करना, सामाजिक संबंध बनाए रखना, और जरूरत पड़ने पर पेशेवर मदद लेना महत्वपूर्ण है।
खराब जीवनशैली इसका सबसे प्रमुख कारण माना जाता है, इसके अलावा अनहेल्दी डाइट और जीवन की कुछ अन्य घटनाएं भी इसका कारण बन सकती हैं।