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अंधेपन का कारण बन सकता है एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव

Age Related Macular Degeneration Symptoms And Treatment: एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन (एएमडी) 50 से अधिक उम्र के लोगों में गंभीर और स्थाई दृष्टि हानि का प्रमुख कारण है।

Written By priya mishra
Published : February 14, 2025 7:32 PM IST

Age Related Macular Degeneration In Hindi: एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन (AMD) बुजुर्गों में नजर कमजोर या विजन लॉस होने का एक आम कारण है। दुनियाभर में 20 करोड़ से अधिक लोग इस समस्या के शिकार हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी आशंका है कि साल 2040 तक 30 करोड़ से अधिक लोगों में एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन का खतरा हो सकता है। इस बीमारी का सही कारण अभी तक पता नहीं चला है। लेकिन इस बीमारी का पता शुरुआत में हो जाए, तो इसे चेक करने या विन लॉस रोकने मदद  मिल सकती है। आज इस लेख में हम आपको एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज के बारे में बताने जा रहे हैं। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमनें डॉ बासु आई हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ मनदीप सिंह बासु से बातचीत की। 

एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन का कारण – Causes Of Of Age Related Macular Degeneration In Hindi

यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में होती है और इसमें आंखों की नसों का क्षय होता है। आयुर्वेद में इसे वात दोष से जुड़ा माना गया है। बीमारी के बढ़ने पर रक्त और पित्त दोष भी शामिल हो जाते हैं। नई और कमजोर रक्त वाहिकाओं की वृद्धि (neovascularisation) रक्त दोष का संकेत है, और आंखों में सूजन पित्त दोष के कारण होती है।

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एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन के प्रकार – Types Of Age Related Macular Degeneration In Hindi

  • सूखा एएमडी (Dry AMD): इसमे आंखों की रौशनी धीरे-धीरे नजर कमजोर होती है।
  • गीला एएमडी (Wet AMD): यह अधिक खतरनाक होता है, क्योंकि इसमें रेटिना के नीचे असामान्य रक्त वाहिकाओं के कारण तेजी से नजर कमजोर होती है।

एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन के लक्षण – Symptoms Of Age Related Macular Degeneration In Hindi

अगर हम लक्षणों की बात करें तो जुड़ी मैक्युलर डिजनरेशन (AMD) के पेशेंट्स को धुंधला या टेढ़ा-मेढ़ा दिखता है, चेहरों को पहचानने में दिक्कत होती है।  इसके आलावा, पढ़ने या आंखों के पास का काम करने के लिए ज्यादा रोशनी की जरूरत पड़ती है। अगर हम कुछ और लक्षणों की बात करें तो आंखों के सामने चमकदार रोशनी दिखना, भ्रमित करने वाले दृश्य दिखना भी कुछ अन्य लक्षण हैं।

एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन के जोखिम कारक - Risk Factors for Age Related Macular Degeneration

इस रोग से जुड़े रोगों की हम अगर बात करें तो यह समस्या उम्र के साथ ज्यादा देखने को मिलती है , खासकर  50 से ज्यादा उम्र के लोगों में। इसके आलावा यह एक परिवार में जेनेटिक बीमारी के रूप में भी देखीं गई है। इसका शिकार उनमे  भी ज्यादा देखा गया है, जो ज्यादा धूम्रपान करते हैं, जिनमे मोटापा ज्यादा हो या वे उच्च रक्तचाप के रोगी हों।

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एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन के लिए आयुर्वेदिक उपचार - Ayurvedic Treatment For Age Related Macular Degeneration

  • विरेचन: शरीर की अंदरूनी सफाई की प्रक्रिया, जिससे विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं।
  • नेत्रधारा: औषधीय काढ़े से आंखों की सफाई की जाती है।
  • तर्पण: आंखों पर औषधीय घी से उपचार किया जाता है, जिससे आंखों की शक्ति बढ़ती है।
  • थालम: सिर पर औषधीय पेस्ट लगाकर तेल डाला जाता है। इससे आँखों का तनाव कम होता है और आंखों की नसों को शक्ति मिलती है।
  • तक्रधारा: शिरोधारा की तरह एक आयुर्वेदिक तरीका है लेकिन इसमें तेल की जगह छाछ का उपयोग होता है। यह तनाव और आंखों से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद है।
  • शिरोधारा: माथे पर औषधीय तेल या दूध गिराया जाता है। इससे मानसिक तनाव कम होता है और आंखों की सेहत में सुधार होता है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।