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Medically Verified By: Mandeep Singh Basu
Age Related Macular Degeneration In Hindi: एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन (AMD) बुजुर्गों में नजर कमजोर या विजन लॉस होने का एक आम कारण है। दुनियाभर में 20 करोड़ से अधिक लोग इस समस्या के शिकार हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी आशंका है कि साल 2040 तक 30 करोड़ से अधिक लोगों में एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन का खतरा हो सकता है। इस बीमारी का सही कारण अभी तक पता नहीं चला है। लेकिन इस बीमारी का पता शुरुआत में हो जाए, तो इसे चेक करने या विन लॉस रोकने मदद मिल सकती है। आज इस लेख में हम आपको एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज के बारे में बताने जा रहे हैं। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमनें डॉ बासु आई हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ मनदीप सिंह बासु से बातचीत की।
यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में होती है और इसमें आंखों की नसों का क्षय होता है। आयुर्वेद में इसे वात दोष से जुड़ा माना गया है। बीमारी के बढ़ने पर रक्त और पित्त दोष भी शामिल हो जाते हैं। नई और कमजोर रक्त वाहिकाओं की वृद्धि (neovascularisation) रक्त दोष का संकेत है, और आंखों में सूजन पित्त दोष के कारण होती है।
अगर हम लक्षणों की बात करें तो जुड़ी मैक्युलर डिजनरेशन (AMD) के पेशेंट्स को धुंधला या टेढ़ा-मेढ़ा दिखता है, चेहरों को पहचानने में दिक्कत होती है। इसके आलावा, पढ़ने या आंखों के पास का काम करने के लिए ज्यादा रोशनी की जरूरत पड़ती है। अगर हम कुछ और लक्षणों की बात करें तो आंखों के सामने चमकदार रोशनी दिखना, भ्रमित करने वाले दृश्य दिखना भी कुछ अन्य लक्षण हैं।
इस रोग से जुड़े रोगों की हम अगर बात करें तो यह समस्या उम्र के साथ ज्यादा देखने को मिलती है , खासकर 50 से ज्यादा उम्र के लोगों में। इसके आलावा यह एक परिवार में जेनेटिक बीमारी के रूप में भी देखीं गई है। इसका शिकार उनमे भी ज्यादा देखा गया है, जो ज्यादा धूम्रपान करते हैं, जिनमे मोटापा ज्यादा हो या वे उच्च रक्तचाप के रोगी हों।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।