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50+ Parents Ka Konsa Medical Test Karaye: जिस तरह हमारे माता-पिता की उम्र तेजी से बढ़ रही है, इस दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। खासकर 50 साल की उम्र के बाद हार्ट डिजीज, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में डॉक्टर नियमित हेल्थ चेकअप कराने की सलाह देते हैं ताकि किसी भी बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके और गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
एशियन हॉस्पिटल के जेरिएट्रिक मेडिसिन के हेड डॉक्टर चारु दत्त अरोड़ा का कहना है कि ‘कई गंभीर बीमारियां शुरुआत में बिना लक्षण के ही शरीर में विकसित होने लगती हैं। अगर समय पर जांच न कराई जाए तो बाद में ये हार्ट अटैक, स्ट्रोक या किडनी फेलियर जैसी खतरनाक स्थिति का कारण बन सकती हैं।’ इसलिए 50 वर्ष के बाद कुछ जरूरी हेल्थ टेस्ट नियमित रूप से कराना बेहद जरूरी हो जाता है।
50 की उम्र के बाद हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह समस्या अक्सर बिना लक्षण के रहती है, लेकिन लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकती है। इसलिए पेरेंट्स का ब्लड प्रेशर समय-समय पर चेक कराते रहना चाहिए।
डायबिटीज भी एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। अगर ब्लड शुगर लंबे समय तक ज्यादा रहता है तो इससे आंखों, किडनी और दिल पर असर पड़ सकता है। इसलिए 50 के बाद फास्टिंग और पोस्टप्रांडियल शुगर टेस्ट नियमित कराना जरूरी है।
आपने लिपिड प्रोफाइल टेस्ट के बारे में सुना होगा। यह टेस्ट शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच करता है। खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ने से धमनियों में चर्बी जमने लगती है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। बढ़ती उम्र में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा भी अधिक होता है, इसलिए साल में कम से कम एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना चाहिए।
उम्र बढ़ने के साथ किडनी फंक्शनिंग भी प्रभावित हो सकती है। किडनी फंक्शन टेस्ट से क्रिएटिनिन और यूरिया जैसे स्तरों की जांच की जाती है, जिससे किडनी की सेहत का पता चलता है। समय पर जांच कराने से किडनी की बीमारी को शुरुआती चरण में ही पकड़ा जा सकता है। इसलिए आप अपने पेरेंट्स के ये चेकअप जरूर करवाएं।
50 की उम्र के बाद हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में डॉक्टर जरूरत के अनुसार ईसीजी या इको टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इससे दिल की धड़कन और कार्यप्रणाली में किसी भी तरह की समस्या का पता लगाया जा सकता है। इसलिए अगर आपके पेरेंट्स को छाती में दर्द या अन्य कोई समस्या उत्पन्न हो रही है तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

डॉक्टर का कहना है कि '50 वर्ष के बाद शरीर की नियमित जांच बहुत जरूरी हो जाती है। कई बार मरीज को कोई लक्षण महसूस नहीं होते, लेकिन जांच में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या सामने आ जाती है। अगर इन बीमारियों को शुरुआती चरण में नियंत्रित कर लिया जाए तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।' वह आगे बताते हैं, 'हर व्यक्ति को 50 साल के बाद साल में कम से कम एक बार पूरा हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए। इसके साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव से दूर रहना भी जरूरी है।'
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।