
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 17, 2026 9:27 AM IST
नई रिसर्च बताती है कि मोटापे और कैंसर के बीच गहरा कनेक्शन है। (Image AI Generated)
मोटापा अब केवल वजन बढ़ने की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों की बड़ी वजह बनता जा रहा है। हाल ही में यूरोपियन कांग्रेस ऑन ओबेसिटी (European Congress on Obesity) की रिसर्च में यह बात सामने आई है कि मोटापा वयस्कों में कैंसर के खतरे को 1 या 2 नहीं बल्कि 5 गुना तक बढ़ा सकता है। इस रिसर्च को करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि अब तक मोटापे को मुख्य रूप से हार्ट की बीमारियों और डायबिटीज से जोड़कर देखा जाता था। लेकिन अब मोटापा का कनेक्शन कैंसर जैसी घातक बीमारी के तौर पर भी सामने आ रहा है।
यह अध्ययन स्वीडन की Lund University के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया। रिसर्च में 17 से 60 साल की उम्र के 6 लाख से अधिक लोगों के हेल्थ से जुड़ी जानकारियों का अध्ययन किया गया है। शोधकर्ताओं ने कई दशकों तक लोगों के वजन और स्वास्थ्य की निगरानी की और फिर साल 2023 तक दर्ज कैंसर मामलों के साथ उसका संबंध समझने की कोशिश की।
स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों को कम उम्र में मोटापे की समस्या थी, उनमें कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा देखा गया। रिसर्च के अनुसार, कम उम्र में मोटापा पुरुषों में लिवर कैंसर का खतरा लगभग चार गुना तक बढ़ा सकता है। इसके अलावा पैंक्रियाज, किडनी और कोलन कैंसर का जोखिम भी बढ़ा पाया गया। वहीं जिन लोगों का वजन युवा अवस्था में तेजी से बढ़ा, उनमें महिलाओं के गर्भाशय कैंसर (Womb Cancer) का खतरा अधिक देखा गया। साथ ही किडनी, पैंक्रियाज और कुछ प्रकार के ब्रेन कैंसर का रिस्क भी बढ़ा हुआ मिला।
विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर में लंबे समय तक अतिरिक्त चर्बी जमा रहने से कई तरह के जैविक बदलाव होते हैं, जो कैंसर की संभावना बढ़ा सकते हैं।
क्रोनिक इंफ्लेमेशन- अधिक वजन शरीर में लगातार सूजन (Inflammation) की स्थिति पैदा कर सकता है। लंबे समय तक बनी सूजन कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है।
हार्मोनल बदलाव- रिसर्च बताती है कि मोटापा शरीर के हार्मोन संतुलन को प्रभावित करता है। कुछ हार्मोन्स का असामान्य स्तर कैंसर कोशिकाओं को बढ़ा सकते हैं।
इंसुलिन रेजिस्टेंस- मोटापे से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है, जिससे शरीर में ब्लड शुगर और इंसुलिन का स्तर प्रभावित होता है। यह स्थिति भी कैंसर के विकास से जुड़ी मानी जाती है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि मोटापा कैंसर का जोखिम बढ़ा सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर मोटे व्यक्ति को कैंसर जरूर होगा। लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से हर व्यक्ति को अपना वजन संतुलित बनाकर ही रखना चाहिए। विशेषज्ञ क्रैश डाइट या तेजी से वजन घटाने वाले तरीकों से बचने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि धीरे-धीरे और लगातार किए गए लाइफस्टाइल बदलाव ज्यादा असरदार और सुरक्षित होते हैं।
रिसर्च में यह बात खास तौर पर सामने आई है कि कम उम्र में बढ़ता वजन भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए कम उम्र से ही फिटनेस और सही खानपान पर ध्यान देना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता को बढ़ाने के लिए लिखा गया है। अगर आप मोटापे से पीड़ित हैं और कैंसर जैसी बीमारी से बचाव चाहते हैं तो इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।