
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 1, 2022 3:31 PM IST
छोटे बच्चों का स्वास्थ्य बेहद नाजुक होता है और वे आसानी के बीमारियों के चपेट में आ जाते हैं। यही कारण है कि बच्चों को गर्मी व सर्दी दोनों मौसमों में बचाकर रखना पड़ता है। हाल ही में यूके, स्पेन, इटली, फ्रांस और बेल्जियम जैसे कई देशों से छोटे बच्चों को एक्यूट हेपेटाइटिस होने की खबरें आई हैं और यहां तक कि कई बच्चों की मृत्यु भी हो गई है। खबरों के अनुसार यह बीमारी छोटे बच्चों के सीधे लीवर को नुकसान पहुंचाती है, जिससे उन्हें कई जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस पर चिंता व्यक्त की है। हालांकि, WHO का मानना है कि अभी तक इस बीमारी के कारण का पता नहीं चल पाया है। वहीं एक्सपर्ट्स इसपर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। चलिए जानते हैं क्या है एक्यूट हेपेटाइटिस और इस पर एक्सपर्ट्स क्या राय दे रहे हैं
वैसे तो डबल्यूएचओ की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार छोटे बच्चों में फैल रहे इस एक्यूट हेपेटाइटिस के कारण का सटीक रूप से पता नहीं चल पाया है। लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स इस पर अपना अनुमान लगा रहे हैं, कि यह समस्या एडीनोवायरस (Adenovirus) के संक्रमण का संकेत हो सकती है। हालांकि, अभी लीवर में सूजन व लालिमा का कारण बनने वाले वायरस व अन्य रोगाणुओं पर भी अध्ययन किए जा रहे हैं।
एडीनोवायरस आमतौर पर डबल स्ट्रैंडड डीएनए जीनोम वायरस है और इसके संपर्क में आने के बाद व्यक्ति को सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण होते हैं जैसे बुखार, गले में दर्द, छींक आना, नाक बहना या नाक बंद होना आदि। हालांकि, कुछ मामलों में इससे गंभीर लक्षण भी हो सकते हैं और व्यक्ति को दस्त, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस और कंजक्टिवाइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार लिवर में सूजन की स्थिति को हेपेटाइटिस कहा जाता है। अगर किसी कारण से अचानक लिवर में गंभीर सूजन हो गई है, इसे एक्यूट हेपेटाइटिस कहा जाता है। एक्यूट हेपेटाइटिस के कई अलग-अलग प्रकार होते हैं, जिनके अनुसार ही इनकी गंभीरता निर्धारित की जाती है।
इस बारे में एक्सपर्ट्स की अलग-अलग राय है। Medicalnewstoday पर पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के अनुसार एडीनोवायरस के कुछ प्रकार लिवर संबंधी रोगों का कारण बन सकती हैं। वहीं सीडीसी की एक रिपोर्ट्स के अनुसार छोटे बच्चे जिनका प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है या फिर किसी कारण से कमजोर है, तो उन्हें एक्यूट हेपेटाइटिस होने का खतरा बढ़ सकता है।
एक्यूट हेपेटाइटिस आमतौर पर पहले से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। ऐसे में निम्न बातों का ध्यान रख कर यह रोग होने से बचाव किया जा सकता है -