Bronchial Asthma: एक्‍ट्रेस काजल अग्रवाल को 5 साल की उम्र में हुआ था ब्रोन्कियल अस्‍थमा, इंस्‍टाग्राम पर की खुलकर बात

एक्ट्रेस काजल अग्रवाल (Kajal Aggarwal) ने पोस्ट कर लिखा है "मैं जब 5 साल की थी तब मुझे पता चला कि मैं ब्रोन्कियल अस्थमा (Bronchial Asthma) की शिकार हूं। मुझे याद है कि इस बीमारी से जूझने के दौरान मुझे खाने से जुड़ी कई चीजों से परहेज करना पड़ता था।"

WrittenBy

Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : May 4, 2021 1:17 PM IST

एक्‍ट्रेस काजल अग्रवाल (Kajal Aggarwal) ने हाल ही में अपने इंस्‍टाग्राम पर एक पोस्‍ट कर बताया है कि जब वो 5 साल की थी तो उन्‍हें ब्रोन्कियल अस्‍थमा (Bronchial Asthma) डायगनोज हुआ था। काजल ने अपने पोस्‍ट में लिखा है कि उन्‍हें पता है ब्रोन्कियल अस्‍थमा से जूझने के दौरान इनहेलर उनके लिए कितना जरूरी था और कैसे उन्‍होंने इसका प्रयोग कर और अपने खानपान पर कंट्रोल रख ब्रोन्कियल अस्‍थमा (Bronchial Asthma) को नियंत्रण में लिया था। एक्‍ट्रेस ने अपने पोस्‍ट में लिखा है "इनहेलर यूज करने में शर्म की कोई बात नहीं है, फिर चाहे वो प्राइवेट प्‍लेस में हो या पब्लिक में हो। " (Bronchial Asthma in Hindi)

एक्‍ट्रेस काजल अग्रवाल ने पोस्‍ट कर लिखा है "मैं जब 5 साल की थी तब मुझे पता चला कि मैं ब्रोन्कियल अस्‍थमा (Bronchial Asthma) की शिकार हूं। मुझे याद है कि इस बीमारी से जूझने के दौरान मुझे खाने से जुड़ी कई चीजों से परहेज करना पड़ता था। आप खुद सोच कर देखा कि एक बच्‍चे को चॉकलेट, फास्‍ट फूड और डेयरी प्रॉडक्‍ट से दूर रखना कितना मुश्किल हो सकता है। सिर्फ यही नहीं मुझे ट्रेवल करते वक्‍त, धूल-मिट्टी और सर्दियों में भी कई चीजों का ध्‍यान रखना पड़ता था। लेकिन जब से मैनें इनहेलर का यूज करना शुरू किया मुझे काफी आराम मिला और बीमारी को भी रोकने में मदद मिली। अब मैं हमेशा अपने साथ इनहेलर रखती हूं। लेकिन हमारे देश में कई लोग ऐसे हैं जो अस्‍थमा के शिकार तो हैं लेकिन पब्लिक प्‍लेस में इनहेलर का प्रयोग करने से बचते हैं। हालांकि इसका कारण सोशल स्‍टिगमा है।"

इसे भी पढ़ें : अस्थमा के मरीज सर्दियों में रनिंग पर जाने से पहले इन 3 बातों का रखें विशेष ध्यान

क्‍या होता है ब्रोन्कियल अस्‍थमा (What is Bronchial Asthma)

अस्‍थमा को ही ब्रोन्कियल अस्‍थमा कहा जाता है। डॉक्‍टर्स कहते हैं कि मेडिकल भाषा में अस्‍थमा को कई बार ब्रोन्कियल अस्‍थमा कहते हैं। इस रोग में सांस नली में म्‍यूकस तेजी से बढ़ने लगता है जिसके कारण सांस लेने में तकलीफ होती है। इस स्थिति में मस्ट सेल्स, ईोसिनोफिल्स और टी-लिम्फोसाइट्स अन्य इंफ्लेमेटरी सेल्स के साथ मिलकर वायुमार्ग की सूजन का कारण बनती हैं। जिसके चलते व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, खांस, सीने में जकड़न , घरघराहट और दौर के हमले पड़ने जैसे लक्षण दिखते हैं।

इसे भी पढ़ें : क्‍या आयुर्वेद से अस्‍थमा का उपचार संभव है? जानिए आयुर्वेदिक एक्‍सपर्ट डॉक्‍टर चंचल शर्मा से

ब्रोन्कियल अस्‍थमा के लक्षण (Bronchial Asthma Symptoms)

सांस लेने में तकलीफ होना

सीने में जकड़न या भारीपन होना

अत्‍यधिक खांस होना, खासकर रात के वक्‍त

गले में घरघराहट होना

सांसों का लंबा होना

कैसे बढ़ती है ब्रोन्कियल अस्‍थमा की समस्‍या? (Bronchial Asthma Triggers)

स्‍मोकिंग या सेकेंड हैंड स्‍मोकिंग

इंफेक्‍शन जैसे कि कोल्‍ड, फ्लू या निमोनिया

aspirin, NSAIDs, and beta-blockers जैसी ड्रग्‍स का सेवन

मौसम में बदलाव होना

एक्‍सरसाइज होना

इसे भी पढ़ें : नाइट शिफ्ट में काम करने वालों को होता है अस्थमा का ज्यादा खतरा, सावधानियां है जरूरी