सांस लेने में दिक्कत के कारण एक्टर धर्मेंद्र अस्पताल में भर्ती, बुजुर्गों को क्यों ज्यादा होती हैं सांस की बीमारी?

Actor Dharmendra Breathing Problem: 89 साल के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र को सांस लेने में दिक्कत के कारण अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। बुजुर्गों में सांस लेने में दिक्कत की समस्याएं क्यों होती हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : November 10, 2025 7:52 PM IST

Actor Dharmendra Hospitalized: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र आजकल अपने स्वास्थ्य को लेकर खबरों में आ रहे हैं। दरअसल, अचानक से उनकी तबियत खराब होने के कारण उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार उनको सांस लेने में काफी दिक्कत आ रही थी और उनकी हालत काफी नाजुक होने के कारण उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। हालांकि, उनकी नाजुक हालत को देखते हुए अफवाह फैल रही हैं, लेकिन उनके किसी जानकारी की तरफ से जानकारी मिलती है कि वे अभी अस्पताल में हैं और उनका स्वास्थ्य पहले से बेहतर हो रहा है। उन्हें सिर्फ सांस लेने में दिक्कत हो रही है, जिसका इलाज डॉक्टर कर रहे हैं।

बुजुर्गों में सांस लेने में दिक्कत

बढ़ती उम्र के साथ-साथ शरीर कमजोर पड़ने लगता है और जिस प्रकार हाथ-पैरों के काम करने की क्षमता कम हो जाती है उसी प्रकार शरीर के अंदरूनी अंग जैसे हार्ट, किडनी, लिवर और फेफड़े आदि भी कमजोर पड़ जाते हैं। जब फेफड़े ठीक से काम नहीं कर पाते हैं, तो सांस लेने में थोड़ी बहुत दिक्कत होने लगती है। फेफड़े जितने ज्यादा कमजोर होते हैं, सांस लेने की दिक्कत उतनी ही ज्यादा बढ़ने लगती है, जिसका जल्द से जल्द इलाज करना भी जरूरी होता है।

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अन्य बीमारियां व कारण

बुजुर्गों की इम्यूनिटी कमजोर होती है और उन्हें इन्फेक्शन होने का खतरा भी ज्यादा रहता है। ऐसे में प्रदूषण के संपर्क में आना, धूम्रपान करना या फिर धूम्रपान कर रहे व्यक्ति के संपर्क में आना भी उनके फेफड़ों पर असर डालता है, जिससे निमोनिया जैसे फेफड़ों में इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों के लिए यह समस्या काफी जानलेवा हो सकती है।

अन्य स्वास्थ्य समस्याएं

बढ़ती उम्र यानी बुजुर्ग अवस्था होने के बाद सिर्फ सांस लेने में दिक्कत नहीं बल्कि अन्य कई बीमारियां व स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। प्रमुख रूप से जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द होना, आंखों की रोशनी कमजोर होना, दिमाग व याददाश्त कमजोर होना, कम सुनाई देना। बार-बार बुखार व खांसी जैसी समस्याएं होने लगना आदि।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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