क्यों कमजोर हो रहा तेलंगाना का हेल्थ सिस्टम? NFHS-6 के डाटा ने बताया किन बीमारियों का बढ़ रहा खतरा
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की हालिया रिपोर्ट के कुछ आंकड़ों के अनुसार यह स्पष्ट होता है कि तेलंगाना का सिस्टम अब कमजोर पड़ रहा है और इससे जुड़ी कुछ जरूरी जानकारियों के बारे में हम इस लेख में जानेंगे।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 29 मई 2026 को नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) की रिपोर्ट्स जारी की हैं, जिसमें कई चौंकाने वाली खबर सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ भारत में स्वास्थ्य के कुछ क्षेत्रों में सुधार देखा गया तो कई जगह स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं और ज्यादा बढ़ी हैं। NFHS-6 के आंकड़ों के अनुसार तेलंगाना का हेल्थ सिस्टम कमजोर पड़ रहा है। डाटा के मुताबिक, तेलंगाना के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों की लाइफस्टाइल के कारण कुछ खास बीमारियों और मेडिकल दिक्कतों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
सी-सेक्शन के मामले सबसे ज्यादा तेलंगाना में
सी सेक्शन डिलीवरी के बढ़े मामले
NFHS-6 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सी-सेक्शन यानी सिजेरियन डिलीवरी के मामले बढ़े हैं और इसमें तेलंगाना राज्य सबसे आगे है। राज्य में कुल 62.2% डिलीवरी सिजेरियन के जरिए हो रही हैं। प्राइवेट अस्पतालों में तो यह आंकड़ा और भी डरावना है, जहां करीब 83.9% बच्चों का जन्म ऑपरेशन से हो रहा है। यहां तक कि सरकारी अस्पतालों में भी लगभग आधी (48.1%) डिलीवरी सी-सेक्शन से हो रही हैं। अब सवाल यह है कि प्राइवेट अस्पतालों में सी-सेक्शन का आंकड़ा ज्यादा कैसे है, क्या कुछ मामलों में बिना जरूरत से सी-सेक्शन डिलीवरी की जा रही हैं?
FAQ'S
1. क्या बच्चों में हार्ट अटैक हो सकता है
2. हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण क्या हैं
3. हार्ट डिजीज क्या है
नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के बढ़े मामले
इस दौड़ में भी तेलंगाना आगे है क्योंकि सर्वे के अनुसार, तेलंगाना में नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCDs) यानी गैर-संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा है। इनमें प्रमुख रूप से निम्न बीमारियां हैं -
- हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) - राज्य में खासतौर पर पुरुषों के बीच हाइपरटेंशन की समस्या तेजी से बढ़ी है। तेलंगाना में करीब 24.5% पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत पाई गई है, जो कि राष्ट्रीय औसत 22.1% से ज्यादा है। इस आंकड़े के अनुसार तेलंगाना में हर 4 में से एक पुरुष हाई बीपी की समस्या से परेशान है।
- मोटापा व डायबिटीज जैसी बीमारियां - तेलंगाना अब भारत के उन राज्यों में से एक है, जिसमें बदलती लाइफस्टाइल, जंक फूड और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण मोटापे (Obesity) और डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल डिजीज का खतरा काफी बढ़ चुका है और यह समस्या महिलाओं व पुरुषों दोनों में देखी जा रही है।
- शराब और गंदे पानी से जुड़ी समस्याएं - डाटा में यह भी सामने आया है कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं और शुद्ध पानी की कमी के कारण पेट व लिवर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है। इसके अलावा युवाओं में शराब का बढ़ता सेवन भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं पैदा कर रहा है।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे यानी NFHS-6 ने जो भी रिपोर्ट जारी की हैं, उनमें मिले डाटा से यह स्पष्ट होता है कि तेलंगाना को अपने हेल्थ सिस्टम कमजोर पड़ रहा है। हैदराबाद के ग्लेनीगल्स अवेयर हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट में कंसल्टेंट डॉ. वामशी वी के अनुसार अब तेलंगाना को बारीकी से अपने हेल्थ सिस्टम पर काम करना होगा। राज्य में सिर्फ अस्पतालों की संख्या बढ़ाने से काम नहीं चलेगा बल्कि इसके साथ-साथ ट्रीटमेंट क्वालिटी, लोगों के लाइफस्टाइल में सुधार और गैर-जरूरी सर्जिकल प्रोसीजर जैसी समस्याओं पर रोकथाम लगानी होगी।
डिसक्लेमर: यह लेख NFHS-6 की रिपोर्ट से जुड़ी जानकारियों पर आधारित है और इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।