
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से अच्छा आहार लेना बेहद जरूरी होता है। अच्छे आहार का मतलब है, जिन खाद्य पदार्थों में पर्याप्त मात्रा में अलग-अलग प्रकार के पोषक तत्व मौजूद हों उन्हें अपनी डाइट में शामिल करना। खासतौर पर जो लोग अधिक मेहनत करते हैं, जैसे खेल-कूद में भाग लेने वाले लोग आदि उनके लिए अच्छे पोषण वाले आहार लेना बहुत जरूरी होता है। पुरुष रनर जो अपने आहार से पर्याप्त एनर्जी नहीं ले पाते हैं, उनमें स्ट्रेस फ्रैक्चर होने का खतरा सबसे अधिक रहता है। जॉर्जिया के अटलांटा में एंडोक्राइन सोसाइटी की वार्षिक मीटिंग द्वारा प्रस्तुत किए गए एक नए अध्ययन में यह पता चला। बोस्टन में मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल के लीड रिसर्चर मेलानी एस हेन्स ने कहा कि हमारी रिसर्च के निष्कर्ष बताते हैं कि पुरुष धावकों के शरीर में हार्मोन, शारीरिक संरचना और हड्डियों के स्वास्थ्य को सामान्य बनाए रखने के लिए उन्हें पर्याप्त पोषण और कैलोरी के महत्व के बारे में पता होना चाहिए।
शोधकर्ताओं ने 16-30 उम्र के पुरुषों पर अध्ययन किया इनमें 15 एथलीट पुरुषों और 16 नोन-एथलीट पुरुषों को शामिल किया गया। इस दौरान उनकी हड्डी के घनत्व, संरचना और हार्मोन के स्तर की जांच की गई। उन्होंने पाया के पैर के निचले हिस्से की बाहरी हड्डी (टिबियल कॉर्टेक्स) का घनत्व एथलीट पुरुषों में कम पाया गया। शोध में पाए गए ये परिणाम एथलीट पुरुषों में टिबियल कॉर्टेक्स में फ्रैक्चर होने के खतरे को बढ़ाते हैं।
पब्लिश की गई स्टडी में हेन्स लिखते हैं कि हमे संदेह है कि रनिंग करने वाले पुरुष अपनी शारीरिक गतिविधियों को अनुसार पर्याप्त पोषण और कैलोरी नहीं लेते हैं। ऐसे में पोषण की कमी की सीधा असर उनके हार्मोन और हड्डियों पर पड़ता है। आगे हेन्स लिखते हैं कि सिर्फ पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन डी लेना ही शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा नहीं करता है।
स्टडी के अनुसार हड्डियों के स्वास्थ्य और शक्ति को बनाए रखने के लिए हार्मोन्स का सही स्तर होना भी बहुत जरूरी होता है। अगर हार्मोन के स्तर में किसी प्रकार की गड़बड़ी (कम या ज्यादा होना) होती है, तो ऐसे में हड्डियों की डेंसिटी (घनत्व) कम हो जाता है और वे कमजोर पड़ने लगती हैं, जो फ्रैक्चर के खतरे को बढ़ा देता है। स्टडी के निष्कर्ष में यह बताया गया कि हार्मोन की कमी भी हड्डियों को कमजोर बना सकती है और एथलीट्स में फ्रैक्चर का कारण बन सकती है।
एंडोक्राइन सोसाइटी के अनुसार ऐसे कई कारक हैं, जो युवा पुरुषों में हड्डियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ा सकती हैं। इनमें आमतौर पर शरीर का वजन कम होना, वजन तेजी से घटना, कैल्शियम या विटामिन डी की कमी वाले आहार लेना, टेस्टोस्टेरोन लेवल असामान्य होना और ईटिंग डिसऑर्डर होना।