PCOS: इन 9 तरीकों से पीसीओएस से मिलेगा छुटकारा, डाइट और एक्सरसाइज में करें ये बदलाव

आजकल पीसीओएस की समस्याओं से ज्यादातर महिलाएं जूझ रही हैं। ऐसी स्थिति में इसके निदान के लिए क्या खाएं, ये जान लेना जरूरी है।

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Written By: Atul Modi | Published : December 31, 2022 2:56 PM IST

पीसीओएस (PCOS) के मामले में एण्ड्रोजन का असमान्य रूप से निर्माण अंडाशय में होने लगता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पुरुषों के सेक्स हार्मोन ट्रेस मात्रा में आमतौर पर महिलाओं में मौजूद होते हैं। वहीं अंडाशय में बनने वाले कई तरह के छोटे अल्सर को पोलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम में नाम से जाना जाता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ओव्यूलेशन के दौरान अंडाशय से एक मेच्योर एग डिस्चार्ज होता है। ये प्रोसेस इसलिए होता है ताकि पुरुषों के स्पर्म इस फर्टिलाइज कर सके। महिलाओं के पीरियड्स के दौरान एग फर्टिलाइज नहीं हो पाते और बॉडी से डिस्चार्ज हो जाते हैं। कोई भी महिला कभी-कभी ओव्यूलेशन के लिया जरूरी हार्मोन की कम मात्रा का प्रोड्यूस कर सकती है।

जैसा की एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, ओव्यूलेशन की अप्सेंस पर अंडाशय बड़ी मात्रा में छोटे सिस्ट बढ़ा सकता है। एंड्रोजन एक तरह के हार्मोन होते हैं, जो सिस्ट बनाते हैं। पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में एंड्रोजन का लेवल ज्यादातर बढ़ जाता है। जिससे नार्मल पीरियड्स की अवधि बिगड़ सकती है। जिससे पीसीओएस के कई तरह के लक्षण सामने आ सकते हैं।

पीसीओएस (PCOS) यानि की पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम काफी आम फिमेल एंडोक्रिनोपैथी है। जो 15 से 18 फीसदी तक की महिलओं को प्रभावित कर सकता है। हाल ही में एक्सपर्ट्स ने पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं की मदद करने के लिए डाइट से सम्बंधित खास टिप्स को साझा किया है।

पीसीओएस के उपचार के लिए ये टिप्स आएंगी काम

  • डाइट और एक्सरसाइज के साथ लाइफस्टाइल पर ध्यान दें।
  • पिरिड्स के अनियमित होने पर डॉक्टर से सम्पर्क करें।
  • वजन घटाने को लेकर सतर्कता जरूरी है।
  • कम से कम पांच हिस्सों में हर रोज फल और सब्जियां खाएं।
  • फाइबर से भरपूर डाइट को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं।
  • हाई प्रोटीन युक्त डाइट से इंसुलिन की संवेदनशीलता को सुधारा जा सकता है।
  • रोज की कैलोरी का लगभग 30 फीसदी से ज्यादा हेल्दी फैट का सेवन ना करें।
  • हाई शुगर और शुगर से युक्त खाने की चीजों से पहरेज करें। चीनी से शरीर में इंसुलिन का लेवल बढ़ सकता है और सूजन भी हो सकती है।
  • पीसीओएस के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड सुपरफ़ूड की तरह है। इससे हार्मोन कंट्रोल में रहते हैं।

अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में इन चीजों को शामिल करने से पीसीओएस के लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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