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नजरअंदाज न करें शरीर में पोषक तत्‍वों की कमी, ये 9 लक्षण दिखने पर तुरंत लें डॉक्‍टर की सलाह

शरीर में पोषक तत्‍वों की कमी हमें यह दर्शाता है कि हमें हमारी खानपान की आदतों में बदलाव की ज़रूरत है और यदि ऐसा नहीं होता है तो कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

नजरअंदाज न करें शरीर में पोषक तत्‍वों की कमी, ये 9 लक्षण दिखने पर तुरंत लें डॉक्‍टर की सलाह
शरीर में पोषक तत्‍वों की कमी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Written by Atul Modi |Published : April 1, 2021 5:29 PM IST

आज के समय में हर पल बदलती जीवनशैली के साथ लोगों की खान-पान की आदतों में भी काफी बदलाव आया है, जिस कारण से उन्हें पोषक तत्वों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पोषक तत्त्व हमारी वयस्कता को सही बनाए रखने में एक अहम भूमिका निभाते हैं। जीवन के हर पड़ाव में मानव शरीर की अनेक आवश्यकताएं होती हैं जैसे यौवन अवस्था में ग्रोथ हॉरमोंस को माइक्रोनुट्रिएंट्स और मैक्रोन्युट्रिएंट्स की ज़रूरत, जो सिर्फ संतुलित आहार से ही पूरी की जा सकती है और अगर ऐसा नहीं होता है तो हमें भविष्य में कई स्वास्थ्य सम्बंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

वेल-बैलेंस्ड मील को ना चुनने के कारण

शोध यह साबित करती है कि बच्चे अपनी खाने की आदतों को लेकर ज़्यादा स्वतंत्र हैं और उनके इन सभी विकल्पों को बदलते सोशल मीडिया ट्रेंड्स, दोस्तों और फ़ास्ट फ़ूड के अनुभव से बढ़ावा मिल रहा है। जो पोषण युक्त खाने को चुनने के विकल्प को और भी कम कर रहा है।

दूसरा कारण जो कि खाना खाने की आदतों में बदलाव ला रहा है वो है घर पर बनने वाला खाना, खाने को पकाते वक्त लगाया गया समय, पोषण युक्त खाने की जानकारी और फ़ास्ट फ़ूड तक सहज पहुंच, ना सिर्फ बच्चे बल्कि हर उम्र के लोग सहूलियत और स्वाद को बढ़ावा देते हैं जिसके कारण भारी मात्रा में लोगों में पोषक तत्वों की कमी हो रही है और आज की पीढ़ी को सेहत संबंधी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह कहना है कि लोगों को पोषक तत्वों की कमी के कारण लम्बे समय के लिए शुरूआती सालों में मधुमेह, हृदय सम्बंधित परेशानी, रिकेट्स और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

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पोषक तत्वों की कमी से होने वाली परेशानियां:

  • आयरन डेफिशियेंसी एनीमिया
  • विटामिन डी डेफिशियेंसी
  • कैल्शियम डेफिशियेंसी
  • विटामिन ए डेफिशियेंसी
  • विटामिन बी3, बी9 और बी12 डेफिशियेंसी
  • विटामिन के डेफिशियेंसी

एक बेहतर जीवन जीने के लिए हमारे शरीर को कई प्रकार के विटामिंस और मिनरल्स की ज़रूरत पड़ती है लेकिन जब यह मिक्रोनुट्रिएंट्स शरीर को नहीं मिलते तो निम्नलिखित परेशानियों का सामना करना पड़ता है:

  • पाचन संबंधी समस्‍याएं
  • त्‍वचा संबंधी विकार
  • बोन डेंसिटी में कमी
  • फटीग (थकान)
  • इंटिमेट वीकनेस
  • मेमोरी लॉस
  • डिप्रेशन
  • मांसपेशियों में कमजोरी

पोषक तत्वों की कमी के संकेत

हालांकि पोषक तत्‍वों की कमी शुरू होती है उन पोषक तत्वों से जिनकी कमी हमारे शरीर में होती है लेकिन नीचे कुछ मूल संकेत बताये गए हैं जो पोषक तत्वों की कमी को दर्शाते हैं :

1. लगातार थकान रहना

2. सांस लेने में कठिनाई

3. ज्‍यादा नींद आना

4. हेयर लॉस

5. कॉन्स्टिपेशन (कब्‍ज)

6. डिप्रेशन

7. मेंस्ट्रुअल प्रॉब्‍लम

8. ध्‍यान की कमी

9. नजर का कमजोर होना

कुछ लोग यह सारी परेशानियां एक साथ महसूस करते हैं तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अलग-अलग रूप में इन सभी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अगर यह सारी परेशानियों के संकेत आपको लम्बे समय से हैं तो आशंका है कि यह किसी गंभीर बीमारी के रूप में बदल जाए। इसलिए सबसे बेहतर और आसान विकल्प है कि किसी डॉक्टर से परामर्श लें।

सप्लीमेंट्री न्युट्रिशन की ज़रूरत

तनाव, मेडिकल चुनौतियां और सक्रिय जीवन हाई न्यूट्रिशनल सम्बंधित ज़रूरतों को बढ़ावा देती हैं। जो खाना आज के समय में हम खाते हैं वो इन ज़रूरतों को पूरा नहीं कर सकता और इसलिए सप्लिमेंट्री न्युट्रिशन की आवश्यकता यहां और भी बढ़ जाती हैं। नीचे दिए गए कारण बताते हैं कि पोषक तत्‍व हमारे जीवन में क्या भूमिका निभाते हैं।

  • आप हमेशा खुद को स्‍वस्‍थ रखते हैं
  • मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार होता है और स्पोर्ट्स-रिलेटेड परफॉरमेंस में इजाफा होता है।
  • इम्यून सिस्टम में सुधार होता है
  • त्‍वचा के स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार
  • बाल हेल्‍दी रहते हैं

निष्कर्ष

जब किसी की उम्र बढ़ती है तो जरूरी पोषक तत्त्व मिलना मुश्किल हो जाता है। चूंकि उम्रदराज लोग युवाओं से कम सक्रिय होते हैं तो उन्हें कम कैलोरीज और कम खाने की ज़रूरत पड़ती है। बढ़ती उम्र के साथ लोग अपनी पोषक तत्वों को अब्सॉर्ब करने की काबिलियत को खोते जाते हैं और जिसकी वजह से उनका मेटाबोलिज्म धीमा पड़ जाता है। यह दर्शाता है कि हमें हमारी खानपान की आदतों में बदलाव की ज़रूरत है और यदि ऐसा नहीं होता है तो कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

इसलिए बुजुर्गों और महिलाओं को ज़रूरी न्यूट्रिएंट्स जैसे विटामिन बी, कैल्शियम और ओमेगा 3 फैटी एसिड, शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण के लिए काफी आवश्यक है।

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नोट: यह लेख निर्वासा हेल्थकेयर के फाउंडर व सीईओ, अमितोज सिंह से हुई बातचीत पर आधारित है।

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