सिर्फ किडनी स्टोन ही नहीं बल्कि इन 9 कारणों से भी होता है गुर्दे में दर्द, जानिए Kidney Pain के लक्षण

गुर्दे का दर्द (Kidney Pain) हमेशा ही दर्दनाक होता है ऐसे में जब भी आप अपने किडनी में दर्द महसूस करें तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें क्योंकि यह गंभीर बीमारियों के संकेत भी हो सकते हैं।

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Written By: Atul Modi | Published : October 11, 2022 6:33 PM IST

शरीर की गंदगी निकालने में किडनी का प्रमुख भूमिका होती है। हमारी किडनी यूरिन के माध्यम से शरीर की गंदगी निकालने का काम करती है, और शरीर के केमिकल को मेंटेन रखती है। मगर जब किडनी में खराबी आती है तो हमारा शरीर कई तरह के संकेत देता है। जब किडनी स्टोन, किडनी का संक्रमण या जब किडनी से जुड़ी कोई बीमारी होती है तो किडनी में दर्द (Kidney Pain) भी महसूस होता है। और यह दर्द आपको शरीर के अलग-अलग हिस्सों में महसूस हो सकता है। गुर्दे में दर्द के लक्षण आमतौर पर पसलियों के नीचे, रीढ़ के दाएं या बाएं तरफ और पेट या कमर जैसे भागों में भी दर्द फैल सकता है। कई बार कूल्हे में होने वाला दर्द गुर्दे के दर्द से आपको भ्रमित कर सकता है लेकिन कूल्हे का दर्द आपके पेट में होने वाले गुर्दे के दर्द से कम होता है।

गुर्दे में दर्द का मुख्य कारण क्या होता है?

हमारी किडनी ब्लैडर और यूट्रस से भी कनेक्टेड होती है, ऐसे में जब किडनी में किसी तरह की समस्या होती है तो यह सभी एरिया भी प्रभावित होते हैं, गुर्दे में दर्द के कुछ संभावित कारण हैं:

1. किडनी स्टोन

शरीर में जमा होने वाले मिनरल्स के कारण ही किडनी स्टोन बनता है। जब यह स्टोन के रूप में यूरिनरी ट्रैक्ट में फस जाते हैं तो तेज दर्द महसूस होता है।

2. यूरिनरी रिटेंशन

यूरिनरी रिटेंशन का मतलब है मूत्र होने में रुकावट इस स्थिति में व्यक्ति अपने मूत्राशय को पूरी तरह से खाली नहीं कर पाता है यह उम्र के साथ अचानक या धीरे-धीरे हो सकता है।

3. वेसिकोरेट्रल रिफ्लक्स

यूरिन रिफ्लक्स के कारण मूत्र आपके मूत्राशय से आपके मूत्रवाहिनी या गुर्दे की ओर पीछे की ओर प्रवाहित होता है। वेसिकोरेट्रल रिफ्लक्स किसी को भी हो सकता है, लेकिन यह शिशुओं और छोटे बच्चों में सबसे आम है।

4. यूरेटेरोपेल्विक जंक्शन ओबस्ट्रुक्शन

इस स्थिति में एक रुकावट तब होती है जब आपका मूत्रवाहिनी आपकी किडनी जुड़ जाती है। इससे बैक पेन हो सकता है जो आपके पेट या कमर तक फैल सकता है।

5. पेशाब की नली में रुकावट

मूत्रवाहिनी वे नलियां होती हैं जो आपके गुर्दे से आपके मूत्राशय तक मूत्र ले जाती हैं। इसमें एक या दोनों तरफ मूत्रवाहिनी सख्त हो सकती है।

6. गुर्दे का संक्रमण

यह स्थिति तब विकसित होती है जब बैक्टीरिया आपके गुर्दे को संक्रमित करते हैं। ऐसी स्थिति में बुखार, ठंड लगना, पीठ में दर्द और वोमेटिंग और उल्टी शामिल हैं।

7. पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज

इसमें जैसे-जैसे सिस्ट का विस्तार होता है, गुर्दे बड़े हो जाते हैं और दर्द का कारण बन सकते हैं। नतीजतन, वे ठीक से काम नहीं कर पाते हैं।

8. चोट

कई बार चोट लगने के कारण गुर्दे को नुकसान पहुंच सकता है। जिसके कारण पेशाब में या गुर्दे के आसपास खून निकलने के कारण मूत्र के साथ खून का रिसाव हो सकता है।

9. किडनी कैंसर

किडनी कैंसर का सबसे आम प्रकार, रीनल सेल कार्सिनोमा, इसके लक्षणों की बात करें तो पेशाब में खून आना, पेट में दर्द हो सकता है।