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दुनिया में 84.4 करोड़ लोग किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित, आधे मरीजों को अपनी बीमारी का पता ही नहीं

किडनी को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। दुनियाभर में करोड़ों लोग किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। वहीं, आधे से ज्यादा लोगों को यही पता नहीं है कि उन्हें किडनी से जुड़ा कोई रोग है। इसलिए समय पर जांच बहुत जरूरी है।

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Written By: Anju Rawat | Updated : July 21, 2026 4:28 PM IST

Kidney Disease: किडनी हमारे शरीर के अहम अंगों में से एक है और आप जो खाते-पीते हैं, उसका किडनी पर सीधा असर पड़ता है। आजकल खराब खान-पान की वजह से किडनी के फिल्टर करने की क्षमता प्रभावित होती है और इसकी वजह से कई तरह के किडनी रोग विकसित हो रहे हैं। कुछ किडनी की बीमारियां समय पर इलाज से ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जो लंबे समय तक (Chronic Kidney Disease) रहती है और पीड़ित व्यक्ति के दैनिक जीवन को प्रभावित करती है। आपको जानकार हैरानी होगी की आज विश्वभर में 84.4 करोड़ से ज्यादा लोग क्रोनिक किडनी डिजीज से जूझ रहे हैं।

84 करोड़ लोग हैं क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित

क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) एक ऐसी बीमारी है, जो किडनी की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे कम करने लगती है। किडनी रोग दुनिया में होने वाले मौतों का 9वां सबसे बड़ा कारण है। किडनी रोगों के मामलों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहता है। The Lancet में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में 84.4 करोड़ लोग क्रोनिक किडनी डिजीज से प्रभावित हैं और हर साल इसके मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बायोमार्कर, बायोप्सी और जेनेटिक टेस्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से किडनी रोगों का समय रहते और अधिक सटीक तरीके से पता लगाया जा सकता है।

आधे लोगों को पता ही नहीं कि उन्हें किडनी रोग है!

The Lancet में प्रकाशित एक नई रिसर्च के अनुसार, क्रॉनिक किडनी डिजीज के लगभग 30 से 50 फीसदी मामलों का पता ही नहीं चल पाता है। यानी लोगों को सालों-साल तक पता नहीं चलता है कि उन्हें किडनी से जुड़ी बीमारी है। जिन लोगों में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का निदान हुआ है, उनमें से ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं है कि वे इस बीमारी से पीड़ित हैं। इसलिए किडनी रोगों की जल्दी पहचान के लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स ने समय-समय पर यूरिन टेस्ट कराने की सलाह दी है, ताकि इस बीमारी का इलाज समय पर किया जा सके और किडनी को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

दरअसल, किडनी रोगों के बारे में ज्यादातर लोगों को इसलिए पता नहीं है क्योंकि शुरुआत में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। जब स्थिति गंभीर रूप ले लेती है, तब इसके लक्षण दिखाई देते हैं और इस स्थिति में डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है।

इन लक्षणों की न करें अनदेखी

  • अगर आपको बार-बार पेशाब आता है, तो इस लक्षण की अनदेखी न करें।
  • पेशाब में झाग या खून आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
  • अगर आपको बिना काम किए ही थकान और कमजोरी रहती है तो डॉक्टर से मिलें।
  • त्वचा पर खुजली और रूखापन नजर आए तो किडनी की जांच जरूर कराएं।
  • ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहता है तो किडनी की जांच जरूरी है।

हालांकि, ये लक्षण किसी अन्य बीमारी के भी हो सकते हैं। इसलिए जांच करवाना बहुत जरूरी है।

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

National Kidney Foundation के अनुसार, किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आपको पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पीना चाहिए। इससे किडनी और शरीर में जमा सारे विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाएंगे।
  • किडनी को स्वस्थ रखने के लिए ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर का स्तर भी नियंत्रण में रखना जरूरी है।
  • अपनी डाइट में विटामिन्स और मिनरल्स को पर्याप्त मात्रा में शामिल करें और बैलेंस डाइट लें।
  • ज्यादा नमक, फास्ट फूड और जंक फूड के सेवन से परहेज करें।
  • किडनी को स्वस्थ रखने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करना भी जरूरी है।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है। इससे किडनी फिल्टर करने का काम सही तरीके से करती है।

Disclaimer: किडनी रोग आजकल बेहद आम बनती जा रही है। खराब खान-पान और जीवनशैली की वजह से किडनी रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। स्टडी के अनुसार, विश्वभर में इस समय 84 करोड़ लोग किडनी रोगों से जूझ रहे हैं। ऐसे में आपको अपनी डाइट का ख्याल रखना जरूरी है। साथ ही, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें। अगर किडनी रोग से जुड़ा कोई भी लक्षण महसूस हो तो बिल्कुल अनदेखी न करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें।